Viral: मसूरी- केम्पटी फॉल में सांप के अचानक प्रकट होने से पर्यटकों में दहशत, चीख-पुकार के बीच सुरक्षित निकले सभी। 

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मसूरी के केम्पटी फॉल में रविवार सुबह एक अप्रत्याशित घटना ने पर्यटकों के बीच हड़कंप मचा दिया। झरने ...

Jun 15, 2025 - 13:17
 0  17
Viral: मसूरी- केम्पटी फॉल में सांप के अचानक प्रकट होने से पर्यटकों में दहशत, चीख-पुकार के बीच सुरक्षित निकले सभी। 

मसूरी : उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मसूरी के केम्पटी फॉल में रविवार सुबह एक अप्रत्याशित घटना ने पर्यटकों के बीच हड़कंप मचा दिया। झरने के पास पानी में मस्ती कर रहे पर्यटकों के बीच अचानक एक सांप के प्रकट होने से चीख-पुकार मच गई। डर और अफरातफरी के माहौल में लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन सौभाग्यवश इस घटना में किसी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। केम्पटी फॉल, जो मसूरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर यमुना नदी के किनारे स्थित है, गर्मियों में पर्यटकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है।

रविवार सुबह करीब 9:30 बजे, जब सैकड़ों पर्यटक झरने के ठंडे पानी में नहाने और पिकनिक का आनंद ले रहे थे, तभी एक सांप अचानक पानी के किनारे चट्टानों के बीच से निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांप लगभग 3-4 फीट लंबा था और उसका रंग गहरा भूरा था। कुछ पर्यटकों ने इसे कोबरा होने का अनुमान लगाया, हालांकि वन विभाग ने बाद में इसे गैर-विषैला रैट स्नेक (धामन) होने की पुष्टि की। सांप को देखते ही पर्यटकों में भगदड़ मच गई। लोग पानी से बाहर निकलने और अपने सामान को समेटने की जल्दबाजी में एक-दूसरे से टकराने लगे। कुछ पर्यटकों ने अपने बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ लगाई, जबकि अन्य ने चीखना और चिल्लाना शुरू कर दिया। दिल्ली से आए पर्यटक राहुल शर्मा ने बताया, “हम परिवार के साथ पानी में मस्ती कर रहे थे, तभी किसी ने चिल्लाया ‘सांप-सांप!’। एक पल के लिए तो सब कुछ थम सा गया।

हमने तुरंत अपने बच्चों को उठाया और पीछे हट गए।” स्थानीय दुकानदारों और गाइडों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और पर्यटकों को शांत रहने के लिए कहा। कुछ स्थानीय लोगों ने सांप को भगाने की कोशिश की, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ने का खतरा था। करीब 10 मिनट की अफरातफरी के बाद सांप चट्टानों के बीच वापस लौट गया, जिससे पर्यटकों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और वन विभाग की टीमें तुरंत केम्पटी फॉल पहुंचीं। वन विभाग की सर्प विशेषज्ञ टीम ने सांप को खोजने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद, सांप को चट्टानों के बीच से सुरक्षित पकड़ लिया गया। वन रेंजर अमित भट्ट ने बताया, “सांप एक गैर-विषैला रैट स्नेक था, जो आमतौर पर जंगली क्षेत्रों में पाया जाता है। यह संभवतः पानी के पास भोजन की तलाश में आया होगा। हमने इसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया है।” मसूरी के थाना प्रभारी संजय रावत ने बताया कि घटना के बाद केम्पटी फॉल क्षेत्र को कुछ समय के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था ताकि स्थिति का आकलन किया जा सके। “हमने पर्यटकों को शांत किया और उन्हें आश्वासन दिया कि कोई खतरा नहीं है। सांप को हटा दिए जाने के बाद क्षेत्र को फिर से खोल दिया गया,” उन्होंने कहा।

  • पर्यटकों की प्रतिक्रिया

इस घटना ने पर्यटकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। कुछ पर्यटकों ने इसे एक रोमांचक अनुभव बताया, जबकि अन्य ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। चंडीगढ़ से आए सुनीता मेहता ने कहा, “हम पहली बार मसूरी आए थे, और यह घटना डरावनी थी। प्रशासन को ऐसी जगहों पर नियमित जांच करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं न हों।” वहीं, देहरादून के स्थानीय निवासी और गाइड रमेश नेगी ने बताया कि केम्पटी फॉल के आसपास जंगल होने के कारण वन्यजीवों का आना असामान्य नहीं है। “सांप, बंदर और कभी-कभी लंगूर इस क्षेत्र में देखे जाते हैं। पर्यटकों को सतर्क रहना चाहिए और जंगल की ओर नहीं भटकना चाहिए,” उन्होंने सुझाव दिया।

  • केम्पटी फॉल और वन्यजीवों की मौजूदगी

केम्पटी फॉल मसूरी का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां सांप, लंगूर, और अन्य छोटे वन्यजीवों का आवास है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में जब पर्यटकों की संख्या बढ़ती है, तो वन्यजीव कभी-कभी मानव बस्तियों या पर्यटक स्थलों के पास आ जाते हैं। देहरादून के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अनिल जोशी ने बताया, “केम्पटी फॉल जैसे क्षेत्र जंगलों से सटे हैं, और सांप जैसे जीव पानी या भोजन की तलाश में वहां पहुंच सकते हैं। यह स्वाभाविक है, लेकिन पर्यटकों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।” उत्तराखंड में पर्यटक स्थलों पर वन्यजीवों से संबंधित घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। पिछले साल, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक पर्यटक को सांप ने काट लिया था, हालांकि वह गैर-विषैला था। इसी तरह, ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला क्षेत्र में बंदरों के हमले की घटनाएं भी आम हैं। इन घटनाओं ने पर्यटक स्थलों पर वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

  • प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम

इस घटना के बाद मसूरी प्रशासन ने केम्पटी फॉल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है। जिला मजिस्ट्रेट (देहरादून) डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि वन विभाग को नियमित रूप से पर्यटक स्थलों की जांच करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। “हम पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। केम्पटी फॉल जैसे स्थानों पर साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, जो पर्यटकों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की सलाह देंगे,” उन्होंने कहा। इसके अलावा, प्रशासन ने स्थानीय गाइडों और दुकानदारों को वन्यजीवों से निपटने के लिए बुनियादी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। वन विभाग ने भी पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर कूड़ा न फैलाएं, क्योंकि यह वन्यजीवों को आकर्षित करता है।

  • मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “केम्पटी फॉल में हुई इस घटना से कोई जनहानि नहीं हुई, जो राहत की बात है। मैंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” उन्होंने पर्यटकों से भी अपील की कि वे प्राकृतिक स्थलों पर सावधानी बरतें और स्थानीय दिशानिर्देशों का पालन करें।

Also Read- UP: हापुड़ में रील के चक्कर में रेलवे ट्रैक पर खतरनाक स्टंट- तीन युवक गिरफ्तार, रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल।

  • पर्यटकों के लिए सलाह

इस घटना ने पर्यटकों के बीच जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

सतर्कता बरतें: पर्यटक स्थलों पर, खासकर जंगल से सटे क्षेत्रों में, हमेशा आसपास के माहौल पर नजर रखें।
कूड़ा न फैलाएं: खाने-पीने की वस्तुओं को इधर-उधर न छोड़ें, क्योंकि यह वन्यजीवों को आकर्षित करता है।
स्थानीय गाइडों का सहयोग लें: किसी भी असामान्य स्थिति में स्थानीय गाइड या प्रशासन की मदद लें।
जंगल की ओर न जाएं: पर्यटक केवल निर्धारित क्षेत्रों में रहें और जंगली रास्तों पर न भटकें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow