Viral: पटना में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ गैंगरेप, चार नाबालिग स्कूली छात्र हिरासत में, जांच जारी।
बिहार की राजधानी पटना में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की ....
बिहार की राजधानी पटना में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज मामले में चार नाबालिग स्कूली छात्रों को हिरासत में लिया गया है, जो आठवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ते हैं। यह घटना पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई, और पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- इंस्टाग्राम दोस्ती से गैंगरेप तक
पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में 24 जून 2025 की रात को यह भयावह घटना घटी। न्यूज24, आजतक, और हिंदुस्तान जैसे समाचार स्रोतों के अनुसार, पीड़िता, जो 15 वर्ष की है, की मुलाकात आरोपियों से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे व्यक्तिगत मुलाकातों में बदल गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चारों आरोपी नाबालिग लड़के, जो आठवीं और दसवीं कक्षा के छात्र हैं, ने पीड़िता को एक होटल गली में बुलाया, जहां उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि पीड़िता गर्भवती है, हालांकि पुलिस ने इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दी, जिन्होंने तुरंत कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने मंगलवार रात को ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा। पटना के एसडीपीओ-1 (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि यह एक संवेदनशील मामला है और इसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जांचा जा रहा है। चारों आरोपियों को बुधवार, 25 जून 2025 को हिरासत में ले लिया गया। पटना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी स्थानीय स्कूलों में पढ़ते हैं और उनकी उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 65(1) (बलात्कार) और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पीड़िता की मेडिकल जांच के बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि पीड़िता और आरोपियों के बीच इंस्टाग्राम पर पहले से बातचीत चल रही थी, जिसके बाद मुलाकात की योजना बनाई गई। यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नाबालिगों के बीच बढ़ते अनुचित व्यवहार को उजागर करता है। X पर वायरल पोस्ट्स में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई, और कई यूजर्स ने इसे बिहार में कानून व्यवस्था की विफलता के रूप में चित्रित किया। यह मामला न केवल एक अपराध की घटना है, बल्कि समाज में कई गहरे सवाल खड़े करता है। सबसे पहले, यह सोशल मीडिया के अनियंत्रित उपयोग और नाबालिगों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी की कमी को उजागर करता है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स, जो युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं, अपराधियों के लिए भी शिकार तलाशने का आसान जरिया बन रहे हैं। इस मामले में, पीड़िता और आरोपियों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर शुरू हुई, जो बाद में इतनी भयावह घटना में बदल गई। दूसरा, यह घटना नाबालिगों के बीच बढ़ते अपराध और नैतिक पतन की ओर इशारा करती है। चारों आरोपी, जो खुद नाबालिग हैं, ने इतना जघन्य अपराध किया, जो समाज में मूल्यों और शिक्षा की स्थिति पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बढ़ता हिंसक व्यवहार, अनुचित कंटेंट तक आसान पहुंच, और अभिभावकों की ओर से निगरानी की कमी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।
तीसरा, यह मामला बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है। हाल के महीनों में बिहार में यौन हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मई 2025 में मुजफ्फरपुर में 11 वर्षीय दलित लड़की की बलात्कार और हत्या, और अब यह गैंगरेप का मामला शामिल है। इन घटनाओं ने बिहार की स्वास्थ्य और पुलिस व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा किया है। इस घटना ने बिहार में राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी नेता, विशेष रूप से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव, ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरकार खटारा, व्यवस्था नकारा, और आम आदमी त्रस्त है।" कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा की और इसे बिहार में महिलाओं की सुरक्षा की विफलता बताया।
सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। X पर ट्रेंड कर रहे हैशटैग्स जैसे #BiharCrime और #JusticeForVictim में यूजर्स ने नाबालिगों के लिए सख्त सजा और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग की है। चूंकि सभी आरोपी नाबालिग हैं, इस मामले में कानूनी कार्रवाई जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट, 2015 के तहत होगी। इस एक्ट के अनुसार, 16 से 18 वर्ष की आयु के नाबालिगों को गंभीर अपराधों में वयस्कों की तरह मुकदमा चलाया जा सकता है, बशर्ते जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) इसे मंजूरी दे। पटना पुलिस ने संकेत दिया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वे JJB से चारों आरोपियों को वयस्कों की तरह मुकदमा चलाने की अपील कर सकते हैं, जैसा कि हाल ही में ओडिशा के गोपालपुर गैंगरेप मामले में किया गया था। हालांकि, नाबालिगों के साथ कानूनी प्रक्रिया में कई चुनौतियां हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग अपराधियों को सुधार गृह भेजने के बजाय, उनके पुनर्वास और शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे भविष्य में समाज के लिए खतरा न बनें। साथ ही, पीड़िता को न केवल कानूनी न्याय, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समर्थन की भी आवश्यकता है। पटना में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ हुआ यह गैंगरेप का मामला समाज के लिए एक चेतावनी है।
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