UP: हापुड़ में रील के चक्कर में रेलवे ट्रैक पर खतरनाक स्टंट- तीन युवक गिरफ्तार, रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल।
सोशल मीडिया पर रील्स और वायरल वीडियो की दीवानगी ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक खतरनाक घटना को जन्म दिया। मेरठ-खुर्जा रेलवे...
सोशल मीडिया पर रील्स और वायरल वीडियो की दीवानगी ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक खतरनाक घटना को जन्म दिया। मेरठ-खुर्जा रेलवे लाइन पर चंदसारा हॉल्ट के पास तीन युवकों ने रील बनाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल के टायर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और रेलवे ट्रैक पर खतरनाक स्टंट किया। इस स्टंट का 14 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और मेरठ जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों—तरुण गोस्वामी, शाहिर, और शहजाद—को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना न केवल सोशल मीडिया की सनक को दर्शाती है, बल्कि रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल भी उठाती है।
मेरठ-खुर्जा रेलवे लाइन पर चंदसारा रेलवे हॉल्ट के पास तीन युवकों ने एक खतरनाक स्टंट किया। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि मेरठ के फफूंडा गांव के रहने वाले तरुण गोस्वामी (22), शाहिर (22), और शहजाद (22) ने रेलवे ट्रैक पर दो मोटरसाइकिलें खड़ी कीं। इसके बाद, उन्होंने एक बाइक के पिछले टायर पर पेट्रोल छिड़का और लाइटर से आग लगा दी। जैसे ही टायर में आग भड़की, एक युवक ने बाइक का एक्सीलेटर तेज किया, जिससे टायर तेजी से घूमा और ट्रैक की गिट्टियां छिटकने लगीं। इस दौरान बैकग्राउंड में गाना बज रहा था और हंसी की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जो इस स्टंट को रील के लिए बनाए गए मनोरंजन का हिस्सा दर्शाता है।
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो गया, जिसे @priyarajputlive और @BittuPa76040164 जैसे अकाउंट्स ने शेयर किया। वीडियो में एक बाइक पर "Goswami" लिखा हुआ दिखाई देता है, जिसके नंबर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। मुरादाबाद रेलवे मुख्यालय को इस वीडियो की सूचना मिलने के बाद हापुड़ RPF को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। RPF ने मेरठ जीआरपी के सहयोग से तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 385/25 और 153 के तहत मुकदमा दर्ज किया। दोनों बाइकें जब्त कर ली गईं, और आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
- सोशल मीडिया रील्स की सनक
सोशल मीडिया पर लाइक्स, फॉलोअर्स, और व्यूज की चाहत आज युवाओं के बीच एक खतरनाक ट्रेंड बन चुकी है। इंस्टाग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रील्स बनाने के लिए लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं। हापुड़ की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि कैसे युवा, सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए, गैरकानूनी और खतरनाक गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रील्स बनाने की यह सनक न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालती है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और दूसरों की जान को भी जोखिम में डालती है।
पिछले कुछ वर्षों में, ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, 2024 में जयपुर के कनकपुरा फाटक पर नशे में धुत युवकों ने रेलवे ट्रैक पर थार गाड़ी चलाकर रील बनाई थी, जिसके कारण मालगाड़ी को 15 मिनट तक रोकना पड़ा। हालांकि, उस मामले में आरोपी फरार हो गए थे। इसी तरह, बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल में पिछले तीन वर्षों में ट्रेन के दरवाजे पर स्टंट और रील्स बनाने के कारण 1,014 लोगों की मौत हो चुकी है। हापुड़ की इस घटना में अगर उस समय कोई ट्रेन आ जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और मेरठ जीआरपी ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की। RPF के कार्यवाहक प्रभारी अनिल कुमार तेवतिया ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद मुरादाबाद रेलवे मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लिया। बाइक के नंबर के आधार पर तीनों युवकों की पहचान की गई और उन्हें हापुड़ RPF थाने में हिरासत में लिया गया। रेलवे एक्ट की धारा 153 (रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने) और 385/25 (खतरनाक गतिविधि) के तहत मामला दर्ज किया गया।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। RPF ने चेतावनी जारी की कि भविष्य में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने या स्टंट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुरादाबाद रेलवे मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी शुरू करने की बात कही है। यह घटना रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। भारतीय रेलवे, जो दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, रोजाना लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाता है। लेकिन हाल के वर्षों में, रेलवे ट्रैकों पर स्टंट, तोड़फोड़, और दुर्घटनाओं की कोशिशों की खबरें बढ़ी हैं। 2024 में कानपुर में रेलवे ट्रैक पर गैस सिलेंडर और पेट्रोल की बोतल रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश रची गई थी। रेलवे प्रशासन ने अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) जैसी तकनीकों को अपनाया है, जो पटरियों में दोषों का पता लगाने में मदद करती हैं। हालांकि, स्टंट और रील्स जैसी गतिविधियों के लिए मानव निगरानी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि रेलवे को गोपनीय घटना रिपोर्टिंग सिस्टम (CIRAS) जैसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जो कर्मचारियों को वास्तविक समय में गलत गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करे।
सोशल मीडिया की लोकप्रियता और त्वरित प्रसिद्धि की चाहत ने युवाओं को जोखिम भरे व्यवहार की ओर धकेल दिया है। मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुजा शर्मा का कहना है, “सोशल मीडिया पर वायरल होने की लत एक तरह का सामाजिक दबाव बनाती है। युवा इसे स्टेटस सिंबल मानते हैं, जिसके लिए वे अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल देते हैं।” इस घटना में शामिल युवक 22 वर्ष के हैं, जो उस उम्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां सोशल मीडिया का प्रभाव सबसे अधिक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे इंस्टाग्राम और X, ने भी इस तरह की सामग्री को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं।
उदाहरण के लिए, मेटा ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ 2022 से एक समझौता किया है, जिसके तहत आत्मघाती या खतरनाक सामग्री की पोस्ट पर अलर्ट भेजा जाता है। लेकिन रील्स की सनक को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। X पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इसे “मूर्खता की हद” बताया, जबकि अन्य ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। @satyaagrahindia ने लिखा, “ऐसे स्टंटबाजों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जो रेलवे और यात्रियों की जान खतरे में डालते हैं।” वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, लेकिन अधिकांश ने इसकी गंभीरता पर जोर दिया।
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