देश- विदेश- दुबई: मरीना पिनेकल टावर में भीषण आग, 3,820 लोगों की सुरक्षित निकासी, कोई हताहत नहीं।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई मरीना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक 67 मंजिला आवासीय इमारत, मरीना pinnacle टावर...

Jun 15, 2025 - 13:32
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देश- विदेश- दुबई: मरीना पिनेकल टावर में भीषण आग, 3,820 लोगों की सुरक्षित निकासी, कोई हताहत नहीं।

दुबई : संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई मरीना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक 67 मंजिला आवासीय इमारत, मरीना pinnacle टावर (जिसे टाइगर टावर के नाम से भी जाना जाता है), में भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया, लेकिन दुबई सिविल डिफेंस की त्वरित और समन्वित कार्रवाई के कारण 764 अपार्टमेंट्स में रहने वाले सभी 3,820 निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, और सौभाग्यवश इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। दुबई मरीना, जो अपने शानदार गगनचुंबी इमारतों और आधुनिक जीवनशैली के लिए विश्व प्रसिद्ध है, में शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे मरीना पिनेकल टावर में आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इमारत के ऊपरी मंजिलों पर शुरू हुई और तेजी से कई अन्य मंजिलों तक फैल गई।

खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, आग की लपटें और घना धुआं दूर से दिखाई दे रहा था, जिसने आसपास के निवासियों में भी दहशत पैदा कर दी। एक निवासी, प्रतीक एम., जो 22वीं मंजिल पर अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ रहते हैं, ने बताया, “हम सो रहे थे तभी पड़ोसियों ने चिल्लाकर हमें आग की जानकारी दी। हमने तुरंत अपने सामान उठाए और सीढ़ियों से नीचे भागे। धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था।” एक अन्य निवासी ने बताया कि उन्हें आग की जानकारी तब मिली जब उनके दोस्तों ने फोन किया, क्योंकि इमारत का फायर अलार्म सक्रिय नहीं हुआ। दुबई मरीना में रहने वाले अहमद, जो पास की MAG 218 इमारत में रहते हैं, ने कहा, “धुआं मेरे अपार्टमेंट के हॉलवे तक पहुंच गया था। मुझे सुबह जल्दी निकलना पड़ा। मैंने एक बैग उठाया और सीढ़ियों से नीचे उतर गया। अब मैं अपने दोस्त के पास ठहरा हुआ हूं।” इन बयानों से स्पष्ट होता है कि आग की गंभीरता और धुएं ने न केवल मरीना पिनेकल के निवासियों, बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी प्रभावित किया।

  • आपातकालीन निकासी

दुबई सिविल डिफेंस को आग की सूचना मिलते ही कई फायर ट्रक, एम्बुलेंस, और विशेष बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। दुबई मीडिया ऑफिस (डीएमओ) ने शनिवार तड़के 1:44 बजे ‘एक्स’ पर एक बयान जारी कर कहा, “विशेष टीमें 67 मंजिला इमारत से सभी निवासियों को सुरक्षित निकालने में सफल रहीं, जिसमें उनकी सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। आग को पूरी तरह नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।” दुबई सिविल डिफेंस की टीमें छह घंटे तक आग से जूझती रहीं और सुबह 3:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। डीएमओ ने बताया कि निकासी प्रक्रिया में 3,820 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग, और यहां तक कि पालतू जानवर भी शामिल थे। बचाव कार्य में सीढ़ियों और लिफ्ट दोनों का उपयोग किया गया, हालांकि कुछ निवासियों ने बताया कि धुएं के कारण सीढ़ियां उपयोग करने में जोखिम भरी थीं।

डीएमओ ने एक अन्य बयान में कहा, “एम्बुलेंस टीमें और चिकित्सा कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं ताकि निकाले गए निवासियों को पूर्ण चिकित्सा और मानसिक सहायता प्रदान की जा सके।” इसके अलावा, दुबई रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) ने दुबई मरीना और पाम जुमेराह स्टेशनों के बीच ट्राम सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया ताकि अग्निशमन कार्यों में कोई बाधा न आए। इस घटना ने मरीना पिनेकल टावर की सुरक्षा प्रणालियों, विशेष रूप से फायर अलार्म की विफलता, पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कई निवासियों ने शिकायत की कि उन्हें आग की जानकारी अलार्म से नहीं, बल्कि धुएं की गंध, पड़ोसियों के फोन कॉल, या अग्निशमन कर्मियों की मौजूदगी से मिली। 49वीं मंजिल पर रहने वाली एक महिला निवासी ने खलीज टाइम्स को बताया, “मैं और मेरे रूममेट्स सो रहे थे जब हमें धुआं महसूस हुआ। हमने अपने अपार्टमेंट की जांच की, लेकिन कुछ नहीं मिला। फिर हमने ऊपरी मंजिलों से धुआं देखा और तुरंत नीचे भागे।”

यह पहली बार नहीं है जब दुबई में गगनचुंबी इमारतों में आग लगने की घटना सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई पुरानी इमारतों में उपयोग की गई एल्यूमिनियम कम्पोजिट क्लैडिंग, जो अत्यधिक ज्वलनशील होती है, आग के तेजी से फैलने का कारण बन सकती है। 2013 में यूएई ने 15 मीटर से ऊंची इमारतों में अग्निरोधी क्लैडिंग का उपयोग अनिवार्य किया था, लेकिन यह नियम पुरानी इमारतों या निर्माणाधीन परियोजनाओं पर लागू नहीं हुआ। मरीना पिनेकल के पास ही स्थित द टॉर्च टावर में 2015 और 2017 में आग लग चुकी है, जिसके बाद क्लैडिंग सामग्री पर सवाल उठे थे।

आग के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग ऊपरी मंजिलों पर शुरू हुई और वहां से नीचे की ओर फैली। दुबई सिविल डिफेंस और टनामी प्रॉपर्टीज, जो इमारत की मालिक कंपनी है, ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। डीएमओ ने बताया कि प्राधिकरण इमारत के डेवलपर के साथ मिलकर प्रभावित निवासियों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था कर रहा है। कई निवासियों ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है, जबकि कुछ होटलों में चले गए हैं।

प्रतीक एम. ने कहा, “मेरे बॉस ने मुझे कुछ दिन की छुट्टी दी है ताकि मैं अपनी स्थिति को संभाल सकूं। अभी हमें नहीं पता कि हम अपने अपार्टमेंट में कब लौट सकेंगे।” दुबई प्रशासन ने निवासियों को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए। कई यूजर्स ने दुबई सिविल डिफेंस की तारीफ की, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित निकाला। ‘एक्स’ पर एक यूजर, @ada_lluch, ने लिखा, “मैंने यूएई से ज्यादा कुशल देश नहीं देखा। 3,820 लोगों को बिना किसी हताहत के सुरक्षित निकाल लिया गया।” वहीं, कुछ भारतीय यूजर्स ने इस घटना की तुलना भारत से करते हुए सुरक्षा प्रणालियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। @arunbwn ने लिखा, “दुबई में इंसानी जान की कीमत है। भारत में ऐसा होता तो लापरवाही और सिस्टम फेल होने की बात होती।”

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  • दुबई में आग की पिछली घटनाएं

दुबई में गगनचुंबी इमारतों में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है। अप्रैल 2023 में अल रास क्षेत्र में एक आवासीय इमारत में आग लगने से 16 लोगों की मौत और नौ लोग घायल हो गए थे। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन सामने आया था। नवंबर 2022 में बुरज खलीफा के पास एक 35 मंजिला इमारत में आग लगी थी, जिसमें क्लैडिंग सामग्री ने आग को तेजी से फैलने में मदद की थी। इन घटनाओं ने इमारतों में अग्नि सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की मांग को बढ़ाया है। मरीना पिनेकल टावर में लगी आग ने एक बार फिर दुबई की गगनचुंबी इमारतों में अग्नि सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है। हालांकि, दुबई सिविल डिफेंस की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

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