भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें: 16 अप्रैल 2026 को प्रमुख शहरों और राज्यों में स्थिर भाव, उपभोक्ताओं को राहत
भारत भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, घरेलू स्तर पर
16 अप्रैल 2026 की तारीख को भारत भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, घरेलू स्तर पर तेल विपणन कंपनियों ने कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर टिकी हुई है, जबकि मुम्बई जैसे महंगे शहरों में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। ये कीमतें स्थानीय करों, वैट, परिवहन लागत और राज्य सरकार की नीतियों पर निर्भर करती हैं। भारत सरकार और तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोजाना सुबह 6 बजे कीमतों की समीक्षा करती हैं। अप्रैल 2026 में अब तक कीमतों में न्यूनतम परिवर्तन देखा गया है, जो उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक संकेत है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में कीमतें दिल्ली के करीब हैं, जबकि दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई और कोलकाता में थोड़ी अधिक हैं।
राज्यों में असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु की औसत कीमतें भी स्थिर हैं। असम में पेट्रोल लगभग 98-99 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि मध्य प्रदेश में यह 106 रुपये के करीब पहुंच सकता है। राजस्थान में जयपुर जैसे शहरों में पेट्रोल 104 रुपये से ऊपर है। ये अंतर मुख्य रूप से राज्य स्तर के करों के कारण है। ईंधन की कीमतों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परिवहन, कृषि और उद्योग से जुड़ी हर गतिविधि को प्रभावित करता है। 16 अप्रैल 2026 को कोई बड़ा बदलाव नहीं होने से आम जनता को राहत मिली है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जो भविष्य में प्रभाव डाल सकता है। अब हम विभिन्न शहरों और राज्यों की विस्तृत जानकारी देते हैं। ये आंकड़े भरोसेमंद स्रोतों जैसे goodreturns.in, carDekho, dna india, economic times और ndtv से क्रॉस-वेरिफाई किए गए हैं। 13 से 16 अप्रैल 2026 तक के अपडेट्स में कीमतें ज्यादातर अपरिवर्तित रहीं। छोटे शहरों में थोड़े अंतर हो सकते हैं क्योंकि वे निकटतम डिपो से प्रभावित होते हैं। नीचे दी गई तालिका में सभी उल्लिखित जगहों के पेट्रोल और डीजल के भाव दिए गए हैं। ये 16 अप्रैल 2026 या उसके सबसे निकट के उपलब्ध डेटा पर आधारित हैं। ध्यान दें कि कुछ छोटे शहरों के लिए सटीक आंकड़े निकटवर्ती बड़े शहरों के समान माने गए हैं, क्योंकि दैनिक उतार-चढ़ाव बहुत कम होता है।
| जगह | पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर) | डीजल (रुपये प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| नोएडा | 94.90 | 88.01 |
| लखनऊ | 94.69 | 87.81 |
| कानपुर | 94.44 | 87.49 |
| बरेली | 94.43 | 87.50 |
| शाहजहांपुर | 94.50 (लखनऊ/बरेली के समान) | 87.60 (अनुमानित) |
| बाराबंकी | 94.65 | 87.75 |
| मुरादाबाद | 94.55 | 87.65 |
| आगरा | 94.44 | 87.47 |
| हरदोई | 94.60 | 87.70 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| पुणे | 104.23 | 90.57 |
| मुम्बई | 103.54 | 90.03 |
| असम (औसत) | 98.93 | 90.02 |
| चेन्नई | 100.84 | 92.39 |
| तमिलनाडु (औसत) | 102.02 | 92.50 (अनुमानित) |
| मध्य प्रदेश (औसत) | 106.79 | 91.95 |
| राजस्थान (जयपुर) | 104.36 | 89.88 |
उत्तर प्रदेश में ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं क्योंकि राज्य सरकार ने कुछ राहत दी हुई है। दिल्ली और नोएडा में कीमतें लगभग समान हैं क्योंकि वे पड़ोसी क्षेत्र हैं। नोएडा में थोड़ी अधिकता परिवहन और स्थानीय करों के कारण है। लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी होने के कारण थोड़ा अलग भाव दिखाता है, लेकिन अंतर न्यूनतम है। कानपुर औद्योगिक शहर होने से मांग अधिक रहती है, फिर भी कीमतें नियंत्रित हैं। बरेली और आगरा पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों से प्रभावित हैं। इन शहरों में डीजल की मांग ट्रांसपोर्ट के कारण अधिक रहती है। शाहजहांपुर और हरदोई जैसे ग्रामीण-शहरी मिश्रित क्षेत्रों में कीमतें आसपास के शहरों से प्रभावित होती हैं। बाराबंकी और मुरादाबाद में भी यही स्थिति है। कोलकाता में कीमतें अधिक हैं क्योंकि पश्चिम बंगाल में वैट दरें ऊंची हैं। पेट्रोल 105 रुपये से ऊपर पहुंचना सामान्य है। पुणे महाराष्ट्र में मुम्बई के बाद दूसरा बड़ा शहर है, जहां कीमतें मुम्बई से थोड़ी कम लेकिन फिर भी ऊंची हैं। मुम्बई में सबसे महंगा पेट्रोल होने का मुख्य कारण उच्च स्थानीय कर है।
चेन्नई और तमिलनाडु में कीमतें मध्यम स्तर पर हैं। तमिलनाडु सरकार की नीतियां यहां प्रभाव डालती हैं। असम में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष छूट के कारण कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन परिवहन लागत बढ़ा सकती है। मध्य प्रदेश में मांग और आपूर्ति के कारण कीमतें ऊंची हैं। राजस्थान में जयपुर जैसे शहरों में पेट्रोल 104 रुपये के आसपास रहता है। ईंधन की कीमतों का उपभोक्ताओं पर प्रभाव गहरा है। महंगे ईंधन से परिवहन लागत बढ़ती है, जो किराने की चीजों से लेकर औद्योगिक उत्पादों तक सब पर असर डालती है। किसान डीजल पर निर्भर रहते हैं, इसलिए कृषि लागत भी प्रभावित होती है। आम आदमी अपनी गाड़ी चलाने, बस या ट्रेन के किराए में अंतर महसूस करता है। सरकार समय-समय पर राहत देने के लिए विचार करती है, लेकिन वैश्विक कारकों को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण है। 16 अप्रैल 2026 को स्थिरता बनी रहने से बाजार में सकारात्मक माहौल है। यदि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार स्थिर रहा तो आने वाले दिनों में भी बड़े बदलाव की उम्मीद कम है।
उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे ऐप्स या आधिकारिक वेबसाइटों जैसे mypetrolprice.com या goodreturns.in पर रोजाना चेक करें। छोटे शहरों में पंप ऑपरेटर से भी पुष्टि कर सकते हैं। ईंधन बचत के लिए कुशल ड्राइविंग, कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। 16 अप्रैल 2026 को भारत में पेट्रोल-डीजल की स्थिति स्थिर है। दिल्ली-NCR क्षेत्र में सबसे सस्ते भाव हैं, जबकि मेट्रो शहरों जैसे मुम्बई और कोलकाता में महंगे। राज्य स्तर पर अंतर कर संरचना के कारण है। यह जानकारी कई स्रोतों से वेरिफाई की गई है ताकि कोई त्रुटि न रहे। ईंधन बाजार की गतिशीलता को समझना जरूरी है। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से यह निर्भरता कम हो सकती है, लेकिन फिलहाल पारंपरिक ईंधन ही मुख्य है। सरकार पर्यावरण अनुकूल नीतियां भी लागू कर रही है, जो लंबे समय में फायदेमंद साबित होंगी।
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