फाइटर जेट्स के भीतर से ही सलामी पर पाक पीएम बुरी तरह हुए ट्रोल, शहबाज शरीफ के दोहा दौरे पर क्यों मचा है बवाल?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का हालिया कतर दौरा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कूटनीतिक उपलब्धियों से कहीं ज्यादा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का हालिया कतर दौरा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कूटनीतिक उपलब्धियों से कहीं ज्यादा एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है। 16 अप्रैल, 2026 को जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का विमान कतर के एयरस्पेस में दाखिल हुआ, तो कतरी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट (Escort) करते हुए एक विशेष सलामी दी। इस औपचारिक स्वागत के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ विमान की खिड़की के पास खड़े होकर बाहर की ओर हाथ हिलाते और सलामी देते हुए नजर आए। इस दृश्य का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, यह देखते ही देखते वायरल हो गया। जहाँ एक ओर सरकारी समर्थकों ने इसे पाकिस्तान के बढ़ते वैश्विक मान-सम्मान का प्रतीक बताया, वहीं दूसरी ओर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और तीखी टिप्पणियां भी देखने को मिलीं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का यह कतर दौरा कूटनीतिक और आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे सऊदी अरब की यात्रा पूरी करने के बाद दोहा पहुंचे थे, जहाँ उनका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और कतर के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊर्जा देना और निवेश के नए रास्ते खोलना था। कतर द्वारा उनके विमान को एयरस्पेस में दिए गए 'एरियल एस्कॉर्ट' को एक दुर्लभ और सम्मानजनक कूटनीतिक व्यवहार के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार, इस तरह का स्वागत केवल बेहद करीबी सहयोगी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को ही दिया जाता है। वीडियो में शहबाज शरीफ को कतरी पायलटों का शुक्रिया अदा करते हुए देखा जा सकता है, जो उनके विमान के समानांतर उड़ान भर रहे थे। हालांकि, इसी वीडियो के कुछ हिस्सों को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद शहबाज शरीफ को ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा है। विवाद का मुख्य बिंदु वह क्षण है जिसमें प्रधानमंत्री खिड़की के माध्यम से बाहर की ओर सलाम कर रहे हैं। कई आलोचकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय लोगों का तर्क है कि विमान के भीतर से इस तरह का अभिवादन करना कैमरे के लिए एक सुनियोजित प्रयास अधिक लगता है। आलोचकों ने सवाल उठाया कि जब फाइटर जेट्स काफी दूरी पर और तेज गति में होते हैं, तो क्या इस तरह के व्यक्तिगत अभिवादन की कोई तुक बनती है। इस व्यवहार को कुछ लोगों ने 'दिखावा' करार दिया, जिससे प्रधानमंत्री की छवि को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। यह पहली बार नहीं है जब शहबाज शरीफ अपने किसी वीडियो या शारीरिक हाव-भाव (Body Language) के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हों। विदेशी दौरों पर जब किसी राष्ट्राध्यक्ष का विमान किसी देश की सीमा में प्रवेश करता है, तो सम्मान के तौर पर उस देश के फाइटर जेट्स उसे एस्कॉर्ट करते हैं। इसे 'एरियल गॉर्ड ऑफ ऑनर' का एक रूप माना जाता है। पाकिस्तान और कतर के बीच गहरे रक्षा और आर्थिक संबंधों को देखते हुए कतर ने यह विशेष सम्मान शहबाज शरीफ को दिया था। वीडियो के वायरल होने के बाद पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का यह व्यवहार कतरी वायुसेना के पायलटों और वहां के नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सहज तरीका था। आधिकारिक पक्ष का कहना है कि इस तरह के गौरवशाली क्षण को नकारात्मक रूप में पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। शहबाज शरीफ ने दोहा में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और पाकिस्तान के कृषि व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के लिए कतर से बड़े निवेश पैकेज की उम्मीद करना है, जिसे प्रधानमंत्री 'सार्थक' बता रहे हैं।
इस पूरी घटना ने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने इस वायरल वीडियो को मुद्दा बनाते हुए तंज कसा है कि सरकार का ध्यान ठोस आर्थिक समाधानों के बजाय केवल पीआर (Public Relations) स्टंट और वीडियो बनाने पर अधिक रहता है। डिजिटल युग में किसी भी राजनेता की हर गतिविधि पर जनता की बारीक नजर होती है, और शहबाज शरीफ के इस 'सैल्यूट' वाले वीडियो ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय दौरों पर छोटी सी दिखने वाली गतिविधि भी बड़ी हेडलाइन बन सकती है। जहाँ कतर में उनका भव्य स्वागत हुआ, वहीं सोशल मीडिया की अदालत में उन्हें अपनी इस सादगी या 'दिखावे' के लिए सफाई देने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के इस दौरे के आर्थिक परिणामों की बात करें, तो कतर ने पाकिस्तान में विभिन्न क्षेत्रों में करीब 3 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में कतर जैसे मित्र देश का यह भव्य स्वागत शहबाज शरीफ के लिए राजनीतिक रूप से भी एक बड़ी उपलब्धि है, जिसे वे जनता के बीच अपनी सफलता के रूप में पेश करना चाहते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो ने इस गंभीर चर्चा के बीच एक हास्य और विवाद का पुट भी डाल दिया है, जिससे यह दौरा सोशल मीडिया पर एक अलग ही दिशा में ट्रेंड करने लगा।
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