नोएडा का नया लैंडमार्क: 10 करोड़ की लागत से बनेगा शानदार जापानी पार्क, मियावाकी तकनीक से महकेगी हरियाली।

नोएडा प्राधिकरण ने शहर के बीचों-बीच एक ऐसा हरित क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता हो। सेक्टर-110 में

Apr 10, 2026 - 12:24
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नोएडा का नया लैंडमार्क: 10 करोड़ की लागत से बनेगा शानदार जापानी पार्क, मियावाकी तकनीक से महकेगी हरियाली।
नोएडा का नया लैंडमार्क: 10 करोड़ की लागत से बनेगा शानदार जापानी पार्क, मियावाकी तकनीक से महकेगी हरियाली।
  • शहर को मिलेगी ऑक्सीजन की नई खान: सेक्टर-110 में जापानी शैली का अद्भुत संगम, जापानी संस्कृति और सुविधाओं का होगा अनूठा मेल।
  • नोएडा प्राधिकरण का बड़ा तोहफा: बच्चों के लिए प्ले-जोन और बुजुर्गों के लिए ध्यान केंद्र, जापानी पद्धति से तैयार होगा सघन शहरी जंगल।

नोएडा प्राधिकरण ने शहर के बीचों-बीच एक ऐसा हरित क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता हो। सेक्टर-110 में प्रस्तावित यह जापानी पार्क लगभग 15,000 वर्ग मीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला होगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस पार्क का डिजाइन पूरी तरह से पारंपरिक जापानी उद्यानों से प्रेरित होगा, जिसमें छोटे तालाब, पत्थर के लालटेन, लकड़ी के पुल और बांस की संरचनाओं का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखना और निवासियों को एक ऐसा स्थान प्रदान करना है जहाँ वे शांति और शांति का अनुभव कर सकें। पार्क के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इसका धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।

पार्क के आकर्षण का मुख्य केंद्र 'मियावाकी तकनीक' से विकसित किया जाने वाला वन क्षेत्र होगा। मियावाकी एक ऐसी पद्धति है जिसमें बहुत कम स्थान पर घने जंगल विकसित किए जाते हैं। इस तकनीक के तहत लगाए गए पौधे सामान्य पेड़ों की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं और 30 गुना अधिक घने होते हैं। नोएडा के इस पार्क में स्थानीय प्रजातियों के हजारों पौधे लगाए जाएंगे, जो कुछ ही वर्षों में एक आत्मनिर्भर जंगल का रूप ले लेंगे। यह तकनीक न केवल क्षेत्र के तापमान को कम करने में सहायक होगी, बल्कि धूल और ध्वनि प्रदूषण को सोखने में भी प्रभावी भूमिका निभाएगी। प्राधिकरण इस पार्क के माध्यम से जैव विविधता को बढ़ावा देना चाहता है, जहाँ विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और छोटे जीव अपना आश्रय पा सकें।

सुविधाओं के मामले में यह पार्क समाज के हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बच्चों के लिए एक विशेष 'एडवेंचर जोन' तैयार किया जाएगा, जिसमें जापानी खेलों और स्लाइडों का समावेश होगा। वहीं, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के लिए पार्क के चारों ओर एक आधुनिक 'जॉगिंग ट्रैक' और 'ओपन जिम' की व्यवस्था होगी। बुजुर्गों के लिए पार्क के सबसे शांत कोने में एक 'मेडिटेशन और योग केंद्र' बनाया जाएगा, जिसे जापानी 'ज़ेन गार्डन' की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहाँ बैठने के लिए प्राकृतिक पत्थरों और लकड़ी के बेंचों का उपयोग किया जाएगा, ताकि लोग प्रकृति के करीब महसूस कर सकें। पार्क के भीतर एक छोटा 'एम्फीथिएटर' भी प्रस्तावित है, जहाँ भविष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पर्यावरण से जुड़ी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा सकता है।

  • मियावाकी तकनीक क्या है?

यह जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित एक पद्धति है जिसमें पौधों को बहुत पास-पास लगाया जाता है। इससे वे सूरज की रोशनी पाने के लिए तेजी से ऊपर बढ़ते हैं। यह तकनीक शहरी क्षेत्रों में कम समय में ऑक्सीजन बैंक बनाने के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

जापानी पार्क की सुंदरता को बढ़ाने के लिए इसमें जल निकायों (Water Bodies) का विशेष महत्व होगा। पार्क के बीचों-बीच एक कृत्रिम झील और फव्वारों की योजना है, जिसमें रंग-बिरंगी 'कोइ' मछलियां (जापानी मूल की मछली) छोड़ी जा सकती हैं। पानी के ऊपर बने घुमावदार पुल और उनके किनारों पर लगे 'चेरी ब्लॉसम' जैसे दिखने वाले स्थानीय फूलों के पेड़ इसे एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल का रूप देंगे। रात के समय पार्क की सुंदरता को निखारने के लिए 'एलईडी' आधारित थीम लाइटिंग का उपयोग किया जाएगा, जो बिजली की खपत को कम रखते हुए पार्क को जादुई आभा प्रदान करेगी। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्डों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

परियोजना की लागत और समय सीमा पर गौर करें तो नोएडा प्राधिकरण ने इस मद में 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसमें पार्क की बाउंड्री वॉल, लैंडस्केपिंग, मियावाकी वन का विकास और नागरिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि काम शुरू होने के एक साल के भीतर इसे जनता के लिए खोल दिया जाए। पार्क के रखरखाव के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है, जिसमें सौर ऊर्जा का उपयोग और वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। यह पार्क न केवल नोएडा के निवासियों के लिए एक मनोरंजन स्थल होगा, बल्कि यह पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास का एक मॉडल भी बनेगा जिसे अन्य शहर अपना सकेंगे।

सेक्टर-110 और इसके आसपास के सेक्टरों (जैसे 107, 108, 93 और 110 के पास के गांव) के निवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है। वर्तमान में इस क्षेत्र में बड़े पार्कों की कमी महसूस की जा रही थी। इस जापानी पार्क के बनने से न केवल क्षेत्र की हरियाली बढ़ेगी, बल्कि आसपास की संपत्तियों के मूल्य में भी वृद्धि होने की संभावना है। स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) ने प्राधिकरण के इस कदम का स्वागत किया है और इसे शहर की जीवनशैली में सुधार करने वाला एक बड़ा निवेश बताया है। पार्क में आने वाले आगंतुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग और स्वच्छ पेयजल व शौचालयों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि किसी को असुविधा न हो।

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