अयोध्या राम मंदिर दर्शन के लिए मध्य प्रदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई, तीन की मौके पर मौत, 11 घायल। 

अयोध्या में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को शोक में डुबो दिया, जब मध्य प्रदेश के रीवा जिले से राम मंदिर दर्शन के लिए

Dec 11, 2025 - 11:30
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अयोध्या राम मंदिर दर्शन के लिए मध्य प्रदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई, तीन की मौके पर मौत, 11 घायल। 
अयोध्या राम मंदिर दर्शन के लिए मध्य प्रदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई, तीन की मौके पर मौत, 11 घायल। 

अयोध्या में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को शोक में डुबो दिया, जब मध्य प्रदेश के रीवा जिले से राम मंदिर दर्शन के लिए आ रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो कार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जोरदार टक्कर खा बैठी। यह हादसा प्रयागराज हाईवे पर पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कल्याण भदरसा गांव के पास सुबह करीब पांच बजे हुआ। टक्कर इतनी भयानक थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए, और इसमें सवार तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कुल 11 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को तुरंत स्थानीय जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सभी श्रद्धालु रीवा जिले के सिद्धि विहार कॉलोनी निवासी थे, जो अयोध्या पहुंचने ही वाले थे। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है।

हादसे की सूचना मिलते ही पूराकलंदर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां बोलेरो को बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली, जो संभवतः सामान लादकर जा रही थी, भी पलट गई, लेकिन उसका चालक बाल-बाल बच गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बोलेरो अत्यधिक तेज गति से आ रही थी, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर धीमी गति से चल रही थी। घना कोहरा और संकरी सड़क ने हादसे को और भयावह बना दिया। मृतकों में 45 वर्षीय रामलाल, 38 वर्षीय उनकी पत्नी सीता देवी और 22 वर्षीय उनका बेटा राजू शामिल थे, जो परिवार के साथ दर्शन के लिए निकले थे। घायलों में दो महिलाएं, तीन बच्चे और छह अन्य पुरुष हैं, जिनकी उम्र 15 से 60 वर्ष के बीच है। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद अयोध्या के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि चोटें सिर, छाती और पैरों में लगी हैं, और कुछ को सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। श्रद्धालु रीवा से बुधवार रात को ही बोलेरो से रवाना हुए थे, और वे अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन करने के लिए उत्साहित थे। यात्रा के दौरान वे रास्ते में रुककर भोजन भी कर चुके थे, लेकिन सुबह के समय हादसा हो गया। बोलेरो में कुल 14 लोग सवार थे, जो दो परिवारों के सदस्य थे। एक परिवार में पांच सदस्य थे, जबकि दूसरे में नौ। मृतक रामलाल रीवा में एक छोटे व्यवसायी थे, और वे लंबे समय से राम मंदिर दर्शन का इंतजार कर रहे थे। हादसे के बाद अन्य यात्रियों ने चीख-पुकार मचा दी, और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को वाहनों में लादकर अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और मामले में आईपीसी की धारा 304ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसमें उसके वाहन के पेपर और लाइसेंस की जांच हो रही है।

प्रयागराज हाईवे पर इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन इस बार का हादसा श्रद्धालुओं से जुड़ा होने के कारण विशेष रूप से दुखद है। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है। हाईवे पर कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय प्रशासन ने हादसे के बाद हाईवे पर सतर्कता बढ़ा दी है, और ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की गति सीमा का पालन कराने के लिए चेकपॉइंट्स लगाए हैं। घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है, और मध्य प्रदेश से कुछ रिश्तेदार अयोध्या पहुंच चुके हैं। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। एक घायल महिला की हालत स्थिर है, लेकिन एक बच्चे को आईसीयू में रखा गया है। हादसे के साक्ष्य के रूप में मौके पर फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं, जो जांच में सहायक होंगे। पुलिस ने बताया कि बोलेरो का चालक भी घायल है, और उसकी गवाही से हादसे का कारण स्पष्ट हो सकता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लदा सामान सड़क पर बिखर गया, जिससे ट्रैफिक कुछ देर के लिए बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद में सक्रिय भूमिका निभाई, और एक ग्रामीण ने अपनी गाड़ी से दो घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अयोध्या प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को सरकारी सहायता राशि प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देता है, खासकर तीर्थयात्रियों के लिए। हाईवे पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

अन्य घायलों में 30 वर्षीय रमेश, जो रामलाल का भाई था, और उनकी पत्नी 28 वर्षीय मीना शामिल हैं, जिन्हें सिर में चोट लगी है। एक 12 वर्षीय बच्चा, जो परिवार का सदस्य था, पैर में फ्रैक्चर के साथ भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन निगरानी जारी रहेगी। पुलिस ने हादसे के बाद वाहनों को क्रेन से हटाया, और सड़क को साफ करने का कार्य पूरा किया। मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम अयोध्या जिला अस्पताल में किया गया, जहां चोटों की पुष्टि हुई। परिजनों ने बताया कि वे सभी राम मंदिर के दर्शन के लिए विशेष रूप से उत्साहित थे, और यात्रा के दौरान भजन गा रहे थे। हादसे ने पूरे समुदाय को स्तब्ध कर दिया है, और रीवा में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय पंचायत ने मृतकों के परिवारों के लिए सहायता इकट्ठा करने का फैसला किया है। जांच अधिकारी ने कहा कि हाईवे पर वाहनों की अधिक संख्या और मौसमी परिस्थितियां हादसे का कारण बनीं। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रिफ्लेक्टिव टेप न होने से भी दुर्घटना बढ़ सकती है। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जो यात्रा सुरक्षा से संबंधित सलाह देते हैं। घायलों के इलाज का खर्च सरकारी स्तर पर वहन किया जा रहा है। यह घटना उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को दर्शाती है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं। अयोध्या प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिवारों को सूचना मिलते ही रीवा से रिश्तेदार अयोध्या रवाना हो गए। अस्पताल में घायलों से मुलाकात के दौरान डॉक्टरों ने प्रगति की जानकारी दी

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