प्रयागराज में दुस्साहसिक वारदात: रिटायर्ड प्रोफेसर के घर से लाखों की नकदी और जेवरात पार, दीवार फांदकर घुसे शातिर चोर।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से एक सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है, जिसने शहरी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त

Apr 14, 2026 - 12:02
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प्रयागराज में दुस्साहसिक वारदात: रिटायर्ड प्रोफेसर के घर से लाखों की नकदी और जेवरात पार, दीवार फांदकर घुसे शातिर चोर।
प्रयागराज में दुस्साहसिक वारदात: रिटायर्ड प्रोफेसर के घर से लाखों की नकदी और जेवरात पार, दीवार फांदकर घुसे शातिर चोर।
  • संगम नगरी में सुरक्षित नहीं है बंद मकान: सेवानिवृत्त प्रोफेसर के आवास को चोरों ने बनाया निशाना, 5 लाख नकद समेत कीमती गहने ले उड़े
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक के घर लाखों की डकैती: पुलिस के गश्ती दावों के बीच बदमाशों ने दी बड़ी चुनौती, क्षेत्र में भय का माहौल

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से एक सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है, जिसने शहरी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोलकर रख दी है। जिले के पॉश इलाके में रहने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक रिटायर्ड प्रोफेसर के घर को चोरों ने अपना निशाना बनाया और वहां से लाखों रुपये की नकदी और कीमती जेवरात लेकर रफूचक्कर हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात की है जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। बदमाशों ने बहुत ही शातिराना अंदाज में घर की बाउंड्री वॉल फांदकर भीतर प्रवेश किया और अलमारियों के ताले तोड़कर लूटपाट की। सुबह जब परिजनों की आंख खुली और उन्होंने घर का सामान बिखरा हुआ देखा, तब उन्हें इस बड़ी चोरी का अहसास हुआ। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को सदमे में डाल दिया है, बल्कि आसपास के निवासियों में भी दहशत पैदा कर दी है।

वारदात का शिकार हुए सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने बताया कि चोरों ने घर के उन कमरों को निशाना बनाया जहाँ कीमती सामान रखा हुआ था। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, चोरों ने लगभग 5 लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ किया है। यह राशि प्रोफेसर ने कुछ जरूरी घरेलू कार्यों और चिकित्सा व्यय के लिए घर में रखी थी। नकदी के अलावा, अलमारी में रखे सोने और चांदी के भारी जेवरात भी चोरी हो गए हैं, जिनकी कीमत बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है। चोरी गए गहनों में पुश्तैनी जेवरात भी शामिल थे, जिनकी भावनात्मक कीमत परिवार के लिए कहीं अधिक है। बदमाशों ने इतनी सफाई से इस कार्य को अंजाम दिया कि घर में मौजूद किसी भी सदस्य को भनक तक नहीं लगी, जो उनकी पेशेवर ट्रेनिंग की ओर इशारा करता है।

प्रयागराज पुलिस को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, स्थानीय थाने की पुलिस टीम के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वाड को भी बुलाया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने अलमारियों और प्रवेश द्वार के पास से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) विकसित किए हैं। पुलिस का मानना है कि चोरों ने पहले घर की रेकी की होगी और उन्हें इस बात की सटीक जानकारी थी कि नकदी और जेवरात कहाँ रखे हैं। इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोग पुलिस के इस पारंपरिक आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में 'स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम' और अलार्म का उपयोग करें। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अकेले रहने वाले बुजुर्गों को अपने घर की दीवारों पर कटीले तार लगवाने और स्थानीय थाने के बीट सिपाही का नंबर अपने पास रखने की सलाह दी गई है। प्रयागराज में बढ़ती चोरियों को देखते हुए 'पड़ोसी निगरानी' (Neighbourhood Watch) को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

इस चोरी की घटना ने प्रयागराज के रिहायशी इलाकों में रहने वाले बुद्धिजीवियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे अब दीवारों को फांदकर घरों में घुसने से भी नहीं हिचक रहे हैं। रिटायर्ड प्रोफेसर के घर हुई इस वारदात से पहले भी इसी थाना क्षेत्र में चोरी की छोटी-मोटी शिकायतें आती रही हैं, लेकिन इतनी बड़ी नकदी की चोरी ने पुलिस की गश्त प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि पुलिस की गाड़ियां रात में सायरन बजाते हुए गश्त करतीं, तो शायद बदमाशों में पकड़े जाने का डर होता। अब हालत यह है कि लोग रात में चैन की नींद सोने से भी डरने लगे हैं।

जांच के दौरान यह भी पता चला है कि चोरों ने घर में घुसने के लिए पिछले हिस्से की दीवार का सहारा लिया, जहाँ रोशनी कम थी। उन्होंने खिड़की की ग्रिल को कटर से काटने के बजाय सीधे दीवार फांदने का विकल्प चुना, जिससे आवाज कम हुई। घर के भीतर अलमारियों को मास्टर चाबी या किसी नुकीले औजार से खोला गया था। पुलिस उन गिरोहों की सूची तैयार कर रही है जो हाल ही में जेल से छूटे हैं या जो इस तरह की 'दीवार फांद' चोरी के लिए जाने जाते हैं। संदिग्ध कबाड़ियों और आसपास की बस्तियों में रहने वाले कुछ पुराने अपराधियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो अलग-अलग कोणों से इस मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी हैं। प्रयागराज जैसे बड़े शहर में, जहाँ शिक्षा और संस्कृति का केंद्र है, एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर के घर ऐसी वारदात होना प्रशासन की छवि को धूमिल करता है। पीड़ित प्रोफेसर ने अपनी पूरी जमा-पूंजी और वर्षों की मेहनत से बनाए गहने खो दिए हैं। उनके अनुसार, चोरों ने केवल धन नहीं चुराया बल्कि उनके मानसिक सुकून को भी भंग कर दिया है।

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