अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला- 10 साल के शासन में हुए बम धमाके और आतंकवादियों को खिलाई गई बिरयानी।
पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में राजनीतिक पारा उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल
- पश्चिम बंगाल में चुनावी हुंकार: गृह मंत्री ने तुष्टिकरण की राजनीति को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा
- विकास बनाम आतंकवाद: अमित शाह ने बंगाल की रैली में गिनाईं केंद्र सरकार की उपलब्धियां और विपक्ष पर दागे सीधे सवाल
पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में राजनीतिक पारा उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया। गृह मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के बीच तुलना करते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाला शासन था, तब देश के विभिन्न हिस्सों में आए दिन बम धमाके होते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की सरकारें राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं थीं और आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के बजाय उन्हें संरक्षण देने वाली नीतियों पर चलती थीं। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि उस शासनकाल में आतंकियों को बिरयानी खिलाई जाती थी, जो सुरक्षा बलों के मनोबल को प्रभावित करने वाला और देश की जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा कदम था। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक के दौरान भारत की आंतरिक सुरक्षा में आए बदलावों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश की सीमाओं को सुरक्षित करने और आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है, जिसके कारण अब भारत के अंदर घुसकर धमाके करने की हिम्मत कोई नहीं कर पाता। शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे साहसिक फैसलों ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए आतंकवादियों के प्रति नरम रुख रखते थे, उन्हें जनता अब पहचान चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की स्थानीय सरकार और कांग्रेस के बीच के वैचारिक तालमेल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि डेमोग्राफी में भी असंतुलन पैदा किया है। गृह मंत्री ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के पास देश के विकास का कोई विजन नहीं है और वे केवल सत्ता पाने के लिए उन ताकतों के साथ हाथ मिला रहे हैं जो देश को अस्थिर करना चाहती हैं। उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों को याद दिलाया कि कैसे पिछले सालों में मुंबई हमलों के दोषियों और अन्य कट्टरपंथियों के प्रति अदालतों और सरकारी प्रक्रियाओं में ढिलाई बरती गई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। गृह मंत्री का 'बिरयानी' वाला तंज पूर्व में हुए आतंकी हमलों के बाद की कानूनी प्रक्रियाओं और जेलों में बंद हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों को दी गई कथित सुविधाओं के संदर्भ में था। यह बयान अक्सर राजनीतिक बहसों में विपक्षी दलों की ढुलमुल आतंकवाद विरोधी नीतियों को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है। रैली के दौरान शाह ने बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि इस पावन भूमि को हिंसा और भ्रष्टाचार की राजनीति ने जकड़ लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल केवल एक परिवार की सत्ता को सुरक्षित करने में लगे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को विश्व गुरु बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद को जड़ से खत्म नहीं किया जाता, तब तक देश का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। गृह मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पूर्ववर्ती शासन की तुलना में वर्तमान में नक्सलवाद और कश्मीर में अलगाववाद की घटनाओं में भारी कमी आई है।
कांग्रेस के पिछले 10 सालों के ट्रैक रिकॉर्ड पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार और घोटालों की लंबी सूची के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता करना उस दौर की पहचान बन गया था। उन्होंने कहा कि बम धमाकों की गूंज अब शांत हो चुकी है क्योंकि अब आतंकियों को पता है कि अगर वे गलती करेंगे, तो उन्हें उनके घर में घुसकर मारा जाएगा। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग धारा 370 हटाने का विरोध करते थे, वे आज देश के एकीकरण की बात कर रहे हैं, जो उनकी दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। शाह ने कहा कि देश अब बिरयानी खिलाने वाली सरकार नहीं, बल्कि ईंट का जवाब पत्थर से देने वाली सरकार चाहता है। गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल की जनता से आह्वान किया कि वे इस बार ऐसी सरकार चुनें जो भ्रष्टाचार मुक्त हो और केंद्र के साथ मिलकर राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाए। उन्होंने कहा कि बंगाल में घुसपैठ एक गंभीर समस्या है जिसे केवल एक मजबूत और राष्ट्रवादी सरकार ही रोक सकती है। शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में जनता उन लोगों को सबक सिखाएगी जो आतंकवादियों के मानवाधिकारों की तो बात करते हैं, लेकिन धमाकों में मारे गए निर्दोष नागरिकों और वीर जवानों के बलिदान को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और इनकी रक्षा करना भाजपा की प्राथमिकता है।
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