LIC निवेशकों की लगी लॉटरी: 1:1 बोनस शेयर जारी करने को बोर्ड की मंजूरी, लिस्टिंग के बाद पहली बार मिला तोहफा।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निदेशक मंडल ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए शेयरधारकों

Apr 15, 2026 - 15:42
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LIC निवेशकों की लगी लॉटरी: 1:1 बोनस शेयर जारी करने को बोर्ड की मंजूरी, लिस्टिंग के बाद पहली बार मिला तोहफा।
LIC निवेशकों की लगी लॉटरी: 1:1 बोनस शेयर जारी करने को बोर्ड की मंजूरी, लिस्टिंग के बाद पहली बार मिला तोहफा।
  • शेयर बाजार में LIC का जलवा: बोनस इश्यू की खबर से शेयरों में 3% से ज्यादा का उछाल, जानें आपके निवेश पर क्या होगा असर।
  • LIC ने किया ऐतिहासिक फैसला: हर एक शेयर पर मिलेगा एक शेयर मुफ्त, रिकॉर्ड डेट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां यहां पढ़ें।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निदेशक मंडल ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए शेयरधारकों के लिए 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय के तहत, पात्र शेयरधारकों को उनके पास मौजूद प्रत्येक एक शेयर के बदले में एक अतिरिक्त पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर मुफ्त में दिया जाएगा। गौरतलब है कि मई 2022 में शेयर बाजार में लिस्टिंग होने के बाद से यह LIC का पहला बोनस इश्यू है। इस घोषणा के बाद से ही बाजार में निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ था, लेकिन मंगलवार को अवकाश होने के कारण बाजार की वास्तविक प्रतिक्रिया आज बुधवार को देखने को मिली। जैसे ही आज बाजार खुले, LIC के शेयरों में खरीदारी का जबरदस्त दौर शुरू हो गया और इसने इंट्राडे में नई ऊंचाईयों को छुआ। कंपनी के इस रणनीतिक कदम को बाजार के विशेषज्ञ भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। बोनस इश्यू का मुख्य उद्देश्य कंपनी के शेयरों की तरलता (Liquidity) को बढ़ाना और उन्हें छोटे निवेशकों के लिए अधिक किफायती बनाना होता है। जब कोई कंपनी बोनस शेयर जारी करती है, तो बाजार में उसके कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे शेयर की कीमत उसी अनुपात में समायोजित हो जाती है। 1:1 के अनुपात का अर्थ है कि निवेशकों की शेयरधारिता दोगुनी हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी निवेशक के पास वर्तमान में LIC के 100 शेयर हैं, तो बोनस प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके पोर्टफोलियो में कुल 200 शेयर हो जाएंगे। हालांकि, शुरुआती स्तर पर कुल निवेश का मूल्य समान रहता है, लेकिन भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने पर निवेशकों को इसका सीधा लाभ मिलता है।

वित्तीय आंकड़ों के दृष्टिकोण से, LIC इस बोनस इश्यू के लिए अपने विशाल भंडार का उपयोग करने जा रही है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि वह अपने 'रिजर्व और सरप्लस' (Reserves and Surplus) में से लगभग 6,325 करोड़ रुपये की राशि का पूँजीकरण (Capitalization) करेगी। 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया के बाद LIC की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) 6,324.99 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,649.99 करोड़ रुपये हो जाएगी। कंपनी ने विश्वास जताया है कि यह कदम न केवल मौजूदा शेयरधारकों को पुरस्कृत करेगा बल्कि कंपनी की पूंजी संरचना को भी और अधिक संतुलित बनाएगा। LIC के इस बोनस इश्यू का लाभ केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिनका नाम 'रिकॉर्ड डेट' तक कंपनी के रजिस्टर में दर्ज होगा। हालांकि बोर्ड ने बोनस की घोषणा कर दी है, लेकिन इसके लिए अभी शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी मिलना शेष है। रिकॉर्ड तिथि की घोषणा आने वाले कुछ हफ्तों में की जाएगी, जिसे निवेशकों को ध्यानपूर्वक ट्रैक करना चाहिए।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि LIC का यह कदम सरकार की भविष्य की योजनाओं के अनुकूल भी हो सकता है। वर्तमान में भारत सरकार की LIC में 96.50% हिस्सेदारी है और सेबी के नियमों के अनुसार सार्वजनिक शेयरधारिता को बढ़ाना अनिवार्य है। बोनस इश्यू के माध्यम से इक्विटी बेस बढ़ने से भविष्य में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी हिस्सेदारी कम करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, हाल के महीनों में LIC के वित्तीय प्रदर्शन में भी निरंतर सुधार देखा गया है। दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कंपनी ने 33,998 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो इसकी मजबूत प्रबंधकीय क्षमता और बाजार में पकड़ को प्रमाणित करता है।

शेयर की चाल पर नजर डालें तो आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर LIC का शेयर 830 रुपये के स्तर के पार कारोबार करता देखा गया। पिछले एक साल के प्रदर्शन की तुलना करें तो LIC ने निफ्टी 50 के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है। बोनस की खबर ने उन निवेशकों को भी सक्रिय कर दिया है जो लंबे समय से इस स्टॉक में स्थिरता की प्रतीक्षा कर रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, बीमा क्षेत्र में LIC की बाजार हिस्सेदारी अभी भी बेजोड़ है और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में इसके प्रयास भविष्य की विकास दर को और गति दे सकते हैं। लाभांश (Dividend) देने के मामले में भी LIC का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है, जो इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाता है। बोनस शेयर जारी करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है। बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार, पूरी प्रक्रिया जून 2026 तक संपन्न होने की उम्मीद है। इस बीच, निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बोनस इश्यू के बाद शेयर की कीमत सैद्धांतिक रूप से आधी हो जाती है, जिसे 'एक्स-बोनस' मूल्य कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि बोनस से ठीक पहले शेयर 800 रुपये पर है, तो बोनस के बाद यह 400 रुपये के आसपास खुलेगा। यह गिरावट वास्तविक नुकसान नहीं है, बल्कि शेयरों की संख्या बढ़ने के कारण होने वाला समायोजन है। कम कीमत होने से नए और खुदरा निवेशक भी इस शेयर की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग बढ़ती है।

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