WinZO के संस्थापकों पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा: मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा गिरफ्तार, 505 करोड़ की संपत्ति जब्त। 

ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में तेजी से बढ़ती कंपनी WinZO गेम्स के सह-संस्थापकों सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा को प्रवर्तन निदेशालय

Nov 28, 2025 - 12:19
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WinZO के संस्थापकों पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा: मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा गिरफ्तार, 505 करोड़ की संपत्ति जब्त। 
WinZO के संस्थापकों पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा: मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा गिरफ्तार, 505 करोड़ की संपत्ति जब्त। 

नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में तेजी से बढ़ती कंपनी WinZO गेम्स के सह-संस्थापकों सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 26 नवंबर 2025 को बेंगलुरु में ईडी के जोनल कार्यालय में पूछताछ के दौरान हुई। इससे पहले 18 से 22 नवंबर तक दिल्ली और गुड़गांव में छापेमारी के दौरान कंपनी की 505 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया था। ईडी का आरोप है कि WinZO ने रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) पर 22 अगस्त 2025 को लगे केंद्र सरकार के प्रतिबंध के बावजूद अवैध तरीके से संचालन जारी रखा। कंपनी ने गेमर्स के 43 करोड़ रुपये लौटाने में देरी की, जबकि विदेशी खातों में 489 करोड़ रुपये डायवर्ट किए गए।

WinZO गेम्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2018 में सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा ने की थी। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली में है और यह एंड्रॉयड तथा आईओएस ऐप्स के माध्यम से 175 मिलियन से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान करती है। WinZO 100 से अधिक गेम्स का संग्रह पेश करती है, जो विभिन्न फॉर्मेट्स और 12 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत गेम सिफारिशें, तेज लोडिंग समय और सुगम गेमप्ले जैसी सुविधाएं हैं, जो उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करती हैं। कंपनी का दावा है कि यह सामाजिक गेमिंग पर केंद्रित है, लेकिन ईडी के अनुसार, यह रियल मनी गेमिंग के माध्यम से अवैध कमाई कर रही थी। WinZO ने 2024 में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व कमाया था, लेकिन अब कानूनी चुनौतियों से जूझ रही है।

ईडी की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत चल रही है। एजेंसी ने बेंगलुरु जोनल कार्यालय के माध्यम से चार स्थानों पर छापे मारे, जहां बैंक बैलेंस, बॉन्ड्स, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड्स में 505 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई। ईडी का बयान कहता है कि WinZO ने गेमर्स के वॉलेट से निकासी को सीमित या रोका, जिससे अवैध फंड उत्पन्न हुए। कंपनी ने गुप्त एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर का उपयोग करके वास्तविक ग्राहकों के खिलाफ खेला, जिससे बेट राशि और हारने वाले पैसे से लाभ कमाया। प्रतिबंध के बाद भी 43 करोड़ रुपये गेमर्स को लौटाए बिना कंपनी ने इन्हें रखा। इसके अलावा, अमेरिका, ब्राजील और जर्मनी जैसे देशों में रियल मनी गेमिंग चलाई गई, लेकिन बैकएंड ऑपरेशंस पूरी तरह भारत से नियंत्रित थे।

सबसे गंभीर आरोप विदेशी फंड ट्रांसफर पर है। ईडी ने पाया कि WinZO के भारतीय इकाई के फंड्स को अमेरिका और सिंगापुर में विदेशी निवेश के बहाने डायवर्ट किया गया। अमेरिका में कंपनी के शेल इकाई के बैंक खाते में 55 मिलियन डॉलर (लगभग 489.90 करोड़ रुपये) जमा हैं, जबकि सभी दैनिक कारोबार और खाता संचालन भारत से हो रहा है। यह शेल कंपनी का स्पष्ट उदाहरण है, जो मनी लॉन्ड्रिंग को छिपाने के लिए इस्तेमाल हुई। ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि यह पैसा अवैध कमाई का हिस्सा है, जो गेमर्स के नुकसान से आया। छापों के दौरान दस्तावेजों से साबित हुआ कि कंपनी ने प्रतिबंध का उल्लंघन किया और उपयोगकर्ताओं को भ्रमित किया। गेमर्स ने निकासी में देरी की शिकायतें दर्ज कीं, जो अब जांच का हिस्सा हैं।

गिरफ्तारी के बाद सौम्या और पावन को बेंगलुरु कोर्ट में पेश किया गया, जहां एक दिन की कस्टडी दी गई। कोर्ट ने ईडी को 28 नवंबर को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया। दोनों पर पीएमएलए की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। सौम्या सिंह राठौर, 36 वर्षीय, WinZO की सीईओ हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और स्टार्टअप जगत में प्रवेश किया। 2015 में होटल एग्रीगेटर जेडआर रूम्स की सह-संस्थापक रहीं, जो ओयो के साथ विलय हो गई। पावन नंदा, 38 वर्षीय, कंपनी के सह-संस्थापक और सीओओ हैं। उनके पास हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का अनुभव है। दोनों ने WinZO को रियल मनी गेमिंग से सामाजिक गेमिंग प्लेटफॉर्म में बदलने का दावा किया, लेकिन ईडी इसे धोखा मानती है।

WinZO ने गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निष्पक्षता और पारदर्शिता कंपनी की नींव हैं। एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, "हम उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और विश्वसनीय अनुभव सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। हम सभी लागू कानूनों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।" कंपनी ने दावा किया कि आरएमजी पर प्रतिबंध के बाद वे केवल स्किल-बेस्ड गेमिंग पर शिफ्ट हो गई। लेकिन ईडी के दस्तावेज इसके विपरीत हैं। यह मामला अन्य गेमिंग फर्म्स जैसे गेम्जक्राफ्ट और पॉकेट52 से जुड़ा है, जहां ईडी ने 523 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की। ऑनलाइन गेमिंग उद्योग 2025 में 25,000 करोड़ रुपये का हो गया है, लेकिन अवैध प्रथाओं से सवाल उठे हैं।

यह कार्रवाई केंद्र सरकार की ऑनलाइन गेमिंग नीति का हिस्सा है। 22 अगस्त 2025 को रियल मनी गेमिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा, क्योंकि यह जुआ को बढ़ावा देता है। सरकार ने स्किल-बेस्ड गेम्स को छूट दी, लेकिन WinZO पर आरोप है कि उन्होंने प्रतिबंध का पालन नहीं किया। ईडी ने कहा कि कंपनी ने विदेशी उपयोगकर्ताओं को भारतीय प्लेटफॉर्म से ही खेलाया, जो कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग को आसान बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उद्योग को साफ करने का प्रयास है। इंडस्ट्री बॉडी नास्कॉम ने कहा कि वैध कंपनियां प्रभावित न हों। लेकिन गेमर्स चिंतित हैं, क्योंकि उनके फंड्स अटके हैं।

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