दिल्ली में हॉट एयर बैलून सवारी की शुरुआत: यमुना के किनारे रोमांचक अनुभव, 29 नवंबर से उपलब्ध।

राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए एक नया रोमांचक विकल्प खुलने वाला है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने यमुना नदी के

Nov 26, 2025 - 12:17
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दिल्ली में हॉट एयर बैलून सवारी की शुरुआत: यमुना के किनारे रोमांचक अनुभव, 29 नवंबर से उपलब्ध।
दिल्ली में हॉट एयर बैलून सवारी की शुरुआत: यमुना के किनारे रोमांचक अनुभव, 29 नवंबर से उपलब्ध।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए एक नया रोमांचक विकल्प खुलने वाला है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने यमुना नदी के किनारे स्थित बांसरा पार्क में हॉट एयर बैलून सवारी का सफल ट्रायल किया है। यह दिल्ली की पहली ऐसी सुविधा होगी, जो 29 नवंबर से जनता के लिए खुल जाएगी। लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना ने खुद इस ट्रायल में हिस्सा लिया और इसे शहर की पर्यटन क्षमता को बढ़ाने वाला कदम बताया। यह पहल यमुना के बाढ़ क्षेत्रों को फिर से जीवंत बनाने के डीडीए के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। बैलून सवारी से पर्यटक दिल्ली के प्राकृतिक दृश्यों, नदी तट और शहर की सिल्हूट को नई ऊंचाई से देख सकेंगे।

ट्रायल 25 नवंबर को सुबह बांसरा पार्क में हुआ। लेफ्टिनेंट गवर्नर सक्सेना बैलून में सवार होकर 120 फुट की ऊंचाई तक गए। उन्होंने कहा कि बैलून को चार मजबूत रस्सियों से जमीन से बांधा गया है, प्रत्येक रस्सी सात टन वजन सहन कर सकती है। सेफ्टी के सभी मानकों का पालन किया गया है। सक्सेना ने बताया कि यह सुविधा दिल्ली को अधिक जीवंत बनाने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा, पहले मैंने दिल्लीवासियों से वादा किया था कि हम नए मनोरंजन के साधन लाएंगे। हाल ही में कई पार्क और रिक्रिएशनल स्पेस विकसित किए गए हैं, और अब हॉट एयर बैलून इसकी अगली कड़ी है। ट्रायल के दौरान डीडीए अधिकारियों और निजी ऑपरेटर की टीम मौजूद थी। बैलून को हवा से भरा गया और धीरे-धीरे ऊपर चढ़ाया गया। सब कुछ सुचारू रहा, जिससे जनता के लिए सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया।

यह बैलून सवारी टेदर्ड प्रकार की होगी, यानी बैलून जमीन से रस्सियों से जुड़ी रहेगी और स्वतंत्र रूप से नहीं उड़ेगी। प्रत्येक सवारी 7 से 12 मिनट की होगी। एक बैलून में चार यात्री और एक लाइसेंस प्राप्त पायलट सवार हो सकेंगे। ऊंचाई 100 से 150 फुट तक होगी, और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से 200 फुट तक की अनुमति ली गई है। शुरुआत में सवारी शाम के समय उपलब्ध होगी, लेकिन जनता की मांग पर दिन में भी शुरू की जा सकती है। प्रति व्यक्ति टिकट की कीमत 3,000 रुपये है, जिसमें टैक्स अलग से लगेगा। टिकट बुकिंग की जानकारी जल्द ही डीडीए की वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हो जाएगी। रोजाना चार घंटे की उड़ान की अनुमति होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है। नवंबर से फरवरी तक का मौसम उत्तर भारत में बैलूनिंग के लिए सबसे उपयुक्त है, क्योंकि हवा शांत रहती है।

सेवा की शुरुआत बांसरा पार्क से हो रही है, जो सराय काले खान क्षेत्र में यमुना के किनारे स्थित है। यह पार्क पहले निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) कचरे का डंपिंग ग्राउंड था। डीडीए ने इसे पूरी तरह बदल दिया है। अब यहां 30,000 से अधिक बांस के पौधे लगे हैं, तीन जलाशय हैं और एक संगीतमय फव्वारा भी। पार्क का नाम बांसरा इसलिए पड़ा क्योंकि यह बांस थीम पर आधारित है। पर्यटक यहां पहले से ही प्रकृति की सैर का आनंद लेते हैं। बैलून से ऊपर चढ़कर यमुना का सुंदर नजारा, हरे-भरे क्षेत्र और दूर तक फैला शहर दिखेगा। इसके अलावा, असिता ईस्ट पार्क, लक्ष्मी नगर में भी 29 नवंबर से सेवा शुरू होगी। असिता पहले अतिक्रमणग्रस्त भूमि थी, जिसे डीडीए ने हरा-भरा लैंडस्केप में बदल दिया। यहां साइकिलिंग ट्रैक, नेचर ट्रेल्स और बोटिंग जैसी सुविधाएं पहले से हैं।

प्रतिक्रिया के आधार पर सेवा दो और स्थानों पर विस्तारित की जाएगी। तीसरा स्थान यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार में है। यह डीडीए द्वारा विकसित सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है, जहां कई खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। चौथा स्थान कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है, जो 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बनाया गया था। ये सभी स्थान यमुना के बाढ़ क्षेत्रों में हैं, जिन्हें डीडीए ने पुनर्जनन के तहत विकसित किया है। बैलून सवारी इन क्षेत्रों को पर्यटन का नया केंद्र बनाने में मदद करेगी। डीडीए ने जुलाई में एक निजी एजेंसी का चयन किया था, जो बैलून उड़ाने का अनुभव रखती है। एजेंसी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से लाइसेंस प्राप्त है। ऑपरेटर लॉन्चिंग, पायलटिंग और हर उड़ान से पहले सेफ्टी चेक का जिम्मा संभालेगा। सभी उड़ानें विमानन और ऑपरेशनल सेफ्टी मानकों का पालन करेंगी।

यह पहल दिल्ली के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है। दिल्ली में पहले से कई ऐतिहासिक स्थल हैं, लेकिन आधुनिक साहसिक गतिविधियों की कमी थी। बैलून सवारी पर्यटकों को शहर को नई नजर से देखने का मौका देगी। यह इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि यमुना के क्षेत्रों को कम प्रभाव वाली गतिविधियों से सक्रिय किया जा रहा है। डीडीए के अनुसार, इससे शहर की सिल्हूट, नदी तट और प्राकृतिक दृश्यों का अनोखा एरियल व्यू मिलेगा। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि यह दिल्ली को अन्य शहरों जैसे जयपुर या मथुरा से जोड़ेगा, जहां बैलूनिंग लोकप्रिय है। सक्सेना ने कहा कि यह दिल्ली को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और रिक्रिएशनल सुविधाओं वाला शहर बनाने की दिशा में कदम है। दिल्ली सरकार और डीडीए यमुना सफाई और पुनर्विकास पर सालों से काम कर रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण सुधरेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। स्थानीय दुकानदारों और गाइड्स को नया रोजगार मिलेगा।

ट्रायल के बाद सोशल मीडिया पर उत्साह की लहर दौड़ गई। लोग बैलून की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं और बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली अब आसमान छूने को तैयार है। पर्यटन विभाग ने भी इसे प्रचारित करने का फैसला किया है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बनेगा। डीडीए ने साफ किया कि मौसम खराब होने पर उड़ानें रद्द हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा पहले है। पार्क में पहुंचने के लिए मेट्रो स्टेशन सराय काले खान निकट है। असिता के लिए लक्ष्मी नगर मेट्रो सुविधाजनक है। यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए मयूर विहार फेज-1 स्टेशन है। कॉमनवेल्थ गेम्स कॉम्प्लेक्स के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स मेट्रो स्टेशन। सभी जगहों पर पार्किंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

यह सुविधा दिल्ली के युवाओं और परिवारों के लिए मनोरंजन का नया साधन बनेगी। बच्चे स्कूल ट्रिप्स पर आ सकेंगे। वीकेंड पर परिवार बैलून राइड का आनंद लेंगे। डीडीए ने अन्य गतिविधियों जैसे जॉगिंग ट्रैक, योगा सेशन और बर्ड वॉचिंग को भी बढ़ावा दिया है। यमुना के किनारे अब एक नया चेहरा उभर रहा है। पहले यह क्षेत्र प्रदूषित और उपेक्षित था, लेकिन अब हरा-भरा और आकर्षक हो गया है। बैलून सवारी इस बदलाव को ऊंचाई देगी। पर्यावरणविदों ने सराहना की है कि यह कम कार्बन वाली गतिविधि है। बैलून इलेक्ट्रिक हीटर्स से चलेंगे, जो पर्यावरण अनुकूल हैं। डीडीए का लक्ष्य है कि यमुना को दिल्ली की जीवनरेखा बनाना। इस दिशा में बैलून प्रोजेक्ट एक मील का पत्थर है।

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