प्रधानमंत्री मोदी ने महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट चैंपियनों से मुलाकात की, हस्ताक्षरयुक्त बल्ले और हस्ताक्षरयुक्त गेंदें भेंट कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों से गर्मजोशी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों से गर्मजोशी भरी मुलाकात की। यह टीम हाल ही में कोलंबो में आयोजित प्रथम दृष्टिबाधित महिला टी20 विश्व कप में ऐतिहासिक जीत हासिल करके लौटी थी। नेपाल को सात विकेट से हराकर खिताब जीतने वाली इस टीम को पीएम मोदी ने अपनी लोक कल्याण मार्ग स्थित निवास पर आमंत्रित किया। मुलाकात के दौरान टीम ने प्रधानमंत्री को एक हस्ताक्षरयुक्त बल्ला भेंट किया, तो उन्होंने जवाब में टीम को हस्ताक्षरित क्रिकेट गेंदें दीं। इसके अलावा, उन्होंने खिलाड़ियों को मिठाइयां भी वितरित कीं। पीएम मोदी ने टीम की दृढ़ता, टीमवर्क और अनुशासन की खूब सराहना की।
यह ऐतिहासिक जीत 25 नवंबर 2025 को कोलंबो के प्रीमियर सीमेंट मैदान पर हुई। छह टीमों वाले इस टूर्नामेंट में भारत ने पूरे सफर में एक भी मैच नहीं हारा। फाइनल में नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 114 रन बनाए, जिसमें पांच विकेट गिरे। भारत ने लक्ष्य का पीछा मात्र 13 ओवर में कर लिया। ओपनर फुला सरें ने 27 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल थे। करुणा के ने 27 गेंदों पर 42 रन की तूफानी पारी खेली। भारत ने 12.1 ओवर में 115 रन बनाकर सात विकेट से जीत दर्ज की। फुला सरें को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टूर्नामेंट का आयोजन भारत और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से किया था, जिसमें दिल्ली और बेंगलुरु के अलावा कोलंबो के मैदानों पर मैच खेले गए। यह जीत भारतीय वरिष्ठ महिला टीम की ओडीआई विश्व कप जीत के ठीक बाद आई, जो महिलाओं के क्रिकेट में दोहरी खुशी लेकर आई।
टीम की कप्तान दीपिका टीसी ने कहा कि यह जीत उनके वर्षों के संघर्ष का फल है। दीपिका ने बताया कि टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। सहायक कप्तान और विकेटकीपर खुला शरीर ने अपनी नाबाद 44 रनों की पारी से फाइनल को आसान बनाया। अन्य प्रमुख खिलाड़ी में सुषमा रावत, प्रीति यादव, मीना रानी और रीता दास शामिल हैं। यह टीम भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट परिषद (सीबीआईसी) के तहत खेलती है। सीबीआईसी के अध्यक्ष महंत श्याम सुंदर दास ने कहा कि यह उपलब्धि दिव्यांग महिलाओं के लिए नया द्वार खोलेगी। टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को 70 रनों से, बांग्लादेश को आठ विकेट से और अन्य टीमों को आसानी से हराया। कुल मिलाकर, टीम ने 15 ओवर के फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात से पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) पर टीम को बधाई संदेश लिखा। उन्होंने कहा, "भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम को प्रथम दृष्टिबाधित महिला टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई। यह और भी प्रशंसनीय है कि वे पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहीं। यह ऐतिहासिक खेल उपलब्धि है, जो कड़ी मेहनत, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प का चमकता उदाहरण है। प्रत्येक खिलाड़ी एक चैंपियन है। टीम को भविष्य की सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।" यह संदेश लाखों लोगों तक पहुंचा और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा, "आपकी हिम्मत देखकर लगता है कि देश सही दिशा में बढ़ रहा है। ये बच्चियां इतनी साहसी हैं।" खिलाड़ियों ने अपनी चुनौतियों के बीच क्रिकेट खेलने की कहानियां साझा कीं। एक खिलाड़ी ने बताया कि दृष्टि की कमी के बावजूद वे ध्वनि और स्पर्श से गेंद का पीछा करती हैं।
यह मुलाकात प्रधानमंत्री के दिव्यांग एथलीटों के प्रति समर्पण को दर्शाती है। पिछले वर्षों में उन्होंने पैरालंपिक चैंपियनों से कई बार मुलाकात की। 2024 पैरालंपिक में भारत के 29 पदकों पर उन्हें गर्व हुआ था। इसी तरह, 2025 टोक्यो डेफलंपिक्स में भारत के छठे स्थान पर पहुंचने वाली टीम से भी उनकी मुलाकात हुई। वहां उन्होंने कहा, "यह उपलब्धि सुनने में अक्षम एथलीटों के लिए नई प्रेरणा बनेगी।" दृष्टिबाधित क्रिकेट भारत में 2017 से संगठित रूप से खेला जा रहा है। विश्व दृष्टिबाधित क्रिकेट परिषद (डब्ल्यूबीसीसी) के तहत पुरुष टीम ने पहले ही कई विश्व कप जीते हैं, लेकिन महिलाओं का यह पहला टूर्नामेंट था। भारत ने पुरुष वर्ग में भी 2024 विश्व कप जीता था।
मुलाकात में खिलाड़ियों ने पीएम मोदी को स्मृति चिन्ह के रूप में हस्ताक्षरयुक्त बल्ला भेंट किया। यह बल्ला टीम के सभी सदस्यों ने साइन किया था। जवाब में, प्रधानमंत्री ने एक मैच बॉल पर अपना हस्ताक्षर किया और इसे टीम को सौंपा। उन्होंने कहा, "यह गेंद आपकी जीत की याद दिलाएगी।" इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों को मिठाइयां बांटीं, जो भारतीय परंपरा के अनुसार विजय का प्रतीक है। वीडियो फुटेज में दिखा कि खिलाड़ी भावुक नजर आईं। कप्तान दीपिका ने कहा, "पीएम सर की प्रेरणा से हम और ऊंचाइयों को छुएंगे।" यह इशारा प्रधानमंत्री के 'फिट इंडिया' और 'खेलो इंडिया' अभियानों से जुड़ा है, जो दिव्यांगों को भी शामिल करते हैं।
यह जीत भारतीय खेल जगत में नया अध्याय जोड़ती है। दृष्टिबाधित क्रिकेट में खिलाड़ी श्रेणी बी1, बी2 और बी3 में बंटे होते हैं, जहां बी1 पूर्ण दृष्टिबाधित होते हैं। भारतीय टीम में अधिकांश बी1 श्रेणी की खिलाड़ी हैं। फुला सरें, जो झारखंड से हैं, ने अपनी पारी से साबित किया कि दृष्टि न होने पर भी प्रतिभा चमक सकती है। करुणा के, जो तमिलनाडु से हैं, ने आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को मजबूत बनाया। गेंदबाजी में सुषमा रावत ने तीन विकेट लिए। कोच रवि प्रकाश ने कहा कि टीम ने महीनों की कड़ी ट्रेनिंग की, जिसमें विशेष उपकरणों का इस्तेमाल हुआ। टूर्नामेंट में भारत ने कुल 300 से अधिक रन बनाए और केवल 150 रन दिए।
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