देहरादून के गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर एमबीबीएस छात्रों पर बेल्ट से हमला, रैगिंग का गंभीर आरोप सामने आया
पीड़ित छात्र की शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्रों ने उसे पहले हॉस्टल में और फिर कैंपस के बाहर ले जाकर हमला किया। हमले में बेल्ट का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्र शारीरि
- पटेल नगर स्थित दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग और मारपीट, बेल्ट से पीटने का मामला प्रकाश में
- गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में सीनियर्स द्वारा जूनियर्स को बेल्ट से पीटने की घटना, एंटी-रैगिंग कमेटी ने शुरू की विस्तृत जांच
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज (पटेल नगर) में सीनियर एमबीबीएस छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग और शारीरिक हमले की घटना प्रकाश में आई है। यह घटना 12 जनवरी 2026 को हुई बताई जा रही है, जिसमें जूनियर छात्रों को बेल्ट से पीटा गया। पीड़ित छात्र ने लिखित शिकायत में बताया कि हमले के बाद वह मानसिक रूप से बेहद परेशान और डरा हुआ महसूस कर रहा है। कॉलेज प्रशासन ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है।
घटना गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर, देहरादून में हुई, जहां 2025 बैच के एक फर्स्ट ईयर एमबीबीएस छात्र ने आरोप लगाया कि सीनियर छात्रों ने उसे कैंपस के बाहर ले जाकर बेल्ट से पीटा। छात्र ने 13 जनवरी 2026 को हॉस्टल वार्डन को लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें उसने बताया कि घटना 12 जनवरी को हुई और हमले के कारण वह हिल गया है तथा डरा हुआ महसूस कर रहा है। शिकायत में कहा गया कि वह बदले की कार्रवाई से भी भयभीत है। यह मामला रैगिंग और शारीरिक हमले का है, जिसमें जूनियर छात्रों को बेल्ट से पीटने की बात सामने आई है। कॉलेज प्रशासन ने इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एंटी-रैगिंग कमेटी को जांच सौंपी है।
पीड़ित छात्र की शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्रों ने उसे पहले हॉस्टल में और फिर कैंपस के बाहर ले जाकर हमला किया। हमले में बेल्ट का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुआ। कुछ रिपोर्टों में बेल्ट के अलावा चप्पलों से भी मारपीट का जिक्र है। घटना के बाद छात्र ने बताया कि वह लगातार डर और मानसिक परेशानी में जी रहा है। कॉलेज के डिसिप्लिन कमेटी ने संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए हैं और पीड़ित छात्र के परिवार को सूचित किया गया है। यह घटना कॉलेज में छात्र सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करने वाली है, क्योंकि यहां पहले भी रैगिंग के आरोप लग चुके हैं।
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. गीता जैन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एंटी-रैगिंग कमेटी इस घटना की विस्तृत जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज में रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यह तय किया जाएगा कि घटना रैगिंग से जुड़ी है या व्यक्तिगत मुद्दों से। प्रशासन ने कहा कि आरोप सिद्ध होने पर आरोपी छात्रों को कॉलेज से सस्पेंड करने सहित अन्य कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
कॉलेज प्रशासन ने पहले से ही 24 छात्रों पर अनुशासनहीनता के लिए जुर्माना लगाया है, हालांकि यह अलग मामलों से जुड़ा हो सकता है। इस घटना में शामिल संभावित छात्रों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। कॉलेज ने रैगिंग को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि जांच पूरी होने तक कोई भी पक्षपात नहीं होगा। पीड़ित छात्र की स्थिति को देखते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। यह मामला उत्तराखंड में उच्च शिक्षा संस्थानों में रैगिंग की समस्या को फिर से उजागर करता है।
गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज में यह नई घटना है, लेकिन कॉलेज का इतिहास रैगिंग के आरोपों से जुड़ा रहा है। सितंबर 2023 में एक जूनियर छात्र की शिकायत पर एक इंटर्न और सात सीनियर छात्रों को सस्पेंड किया गया था। नवंबर 2019 में भी उत्पीड़न की शिकायत पर छह छात्रों पर कार्रवाई हुई थी। वर्तमान मामले में जांच चल रही है और कमेटी छात्रों के बयानों के आधार पर आगे बढ़ रही है। कॉलेज प्रशासन ने परिवार को सूचित किया है और जांच को प्राथमिकता दी है।
एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में सभी पक्षों के बयान शामिल किए जा रहे हैं। प्रिंसिपल डॉ. गीता जैन ने दोहराया कि रैगिंग के खिलाफ कॉलेज की नीति सख्त है और दोष सिद्ध होने पर सस्पेंशन सहित कार्रवाई होगी। जांच के दौरान छात्रों की सुरक्षा और कॉलेज अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह घटना 18 जनवरी 2026 को मीडिया में प्रमुखता से आई, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।
What's Your Reaction?







