व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी: अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह लकनवाल की पहचान, नेशनल गार्ड पर हमला और अमेरिकी सुरक्षा उठे कई पर सवाल।
अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के करीब 26 नवंबर 2025 को हुई गोलीबारी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। दो वेस्ट वर्जीनिया नेशनल
अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के करीब 26 नवंबर 2025 को हुई गोलीबारी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। दो वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के जवान बुरी तरह घायल हो गए, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। हमलावर एक 29 वर्षीय अफगानी नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल है, जो 2021 में अमेरिकी सेना के साथ काम करने के बाद शरणार्थी के रूप में अमेरिका आया था। यह घटना थैंक्सगिविंग ईव पर हुई, जब शहर पर्यटकों से भरा था। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) इसे संभावित आतंकी हमला मान रही है, हालांकि अभी तक कोई स्पष्ट मकसद सामने नहीं आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'आतंक का कार्य' करार दिया और सभी अफगानी शरणार्थियों की जांच का आदेश दिया।
घटना दोपहर करीब 2:15 बजे फरागुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास 17वीं स्ट्रीट और आई स्ट्रीट नॉर्थवेस्ट पर हुई। दो नेशनल गार्ड जवान हाई-विजिबिलिटी पैट्रोल पर तैनात थे, जो व्हाइट हाउस से महज दो ब्लॉक दूर है। लकनवाल ने अचानक हथियार निकाला और जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, वह कोने से निकला और पहले एक महिला जवान को छाती और सिर में मारा, फिर दूसरे को निशाना बनाया। दोनों जवान क्रिटिकल कंडीशन में अस्पताल ले जाए गए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट के चीफ पमेला वॉशिंगटन ने कहा कि यह एक 'लोन गनमैन' का टारगेटेड अटैक लगता है।
हमलावर को भी जवानों ने गोली मारकर घायल कर दिया और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। वह भी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसकी जान को खतरा नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने आधिकारिक बयान में लकनवाल को 'क्रिमिनल एलियन' बताया। एफबीआई की जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, लकनवाल ने अमेरिकी सेना के साथ 10 साल अफगान आर्मी में सेवा की थी, खासकर कंधार बेस पर। एक रिश्तेदार ने एनबीसी न्यूज को बताया कि वह 2011 से 2021 तक यूएस स्पेशल फोर्सेस के साथ काम करता रहा। फिर भी, अमेरिका आने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आया।
रहमानुल्लाह लकनवाल का जन्म अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत में हुआ। वह 2021 के अमेरिकी विदड्रॉल के दौरान ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका आया। यह प्रोग्राम राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुरू किया था, जिसके तहत तालिबान के कब्जे के बाद अफगान सहयोगियों को निकाला गया। लकनवाल सितंबर 2021 में बेलिंगहैम, वॉशिंगटन में सेटल हुआ। अप्रैल 2025 में उसे आश्रय (एसाइलम) मिला। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह अमेजन और अमेजन फ्लेक्स के लिए काम करता था। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल एक फोटो उसके 2022 के फेसबुक प्रोफाइल की है, जिसमें वह साधारण दिखता है। लेकिन जांच में उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स चेक किए जा रहे हैं।
यह घटना अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी पर सवाल खड़े कर रही है। ट्रंप ने फ्लोरिडा से वीडियो मैसेज जारी कर कहा, 'यह बाइडेन की खराब पॉलिसी का नतीजा है। अफगानिस्तान एक नर्क का देश है, और हमने बिना जांच के हजारों को आने दिया।' उन्होंने सभी अफगानी शरणार्थियों की दोबारा जांच का आदेश दिया और 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड ट्रूप्स को वॉशिंगटन भेजा। यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने सभी अफगानी इमिग्रेशन एप्लीकेशंस को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा, 'हमारी वेटिंग प्रोटोकॉल्स की समीक्षा होगी।' वाइस प्रेसिडेंट-इलेक्ट जेड वेंस ने भी ट्वीट किया, '2021 में बाइडेन की पॉलिसी की आलोचना की थी, अब यह सच साबित हो गया।'
घटना के तुरंत बाद व्हाइट हाउस को लॉकडाउन कर दिया गया। रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स रोक दी गईं। मेडेवैक हेलीकॉप्टर से घायलों को निकाला गया। मेयर म्यूरियल बोउसर ने इसे 'टारगेटेड शूटिंग' कहा और कहा कि वीडियो फुटेज से साफ है कि हमलावर ने इंतजार किया था। रॉयटर्स के अनुसार, लकनवाल अकेला था और कोई अन्य संदिग्ध नहीं मिला। एफबीआई डायरेक्टर क्रिस्टopher रे ने कहा कि मोटिव अभी अज्ञात है, लेकिन इंटरनेशनल टेररिज्म का एंगल चेक किया जा रहा है। क्या यह तालिबान से प्रेरित था या व्यक्तिगत गुस्सा? जवाब आने बाकी हैं।
अमेरिकी मीडिया में बहस छिड़ गई। न्यूजवीक ने लिखा कि लकनवाल जैसे सहयोगी अमेरिका आए, लेकिन अब यह सवाल उठा कि वेटिंग में कमी क्यों? द गार्जियन ने ट्रंप की प्रतिक्रिया को 'राजनीतिक' बताया, जो बाइडेन को निशाना बना रही है। सीबीएस न्यूज के अनुसार, लकनवाल का बैकग्राउंड चेक साफ था, लेकिन अमेरिका में उसके एडजस्टमेंट में दिक्कत हुई। एक्स पर DCShooting ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स इमिग्रेशन रिफॉर्म की मांग कर रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा, 'अगर वह अमेरिकी सैनिकों के साथ लड़ा, तो अब क्यों हमला?' लारा लोगान जैसे पत्रकारों ने सीआईए कनेक्शन का जिक्र किया, लेकिन यह अनकन्फर्म्ड है।
नेशनल गार्ड के जवानों की पहचान गोपनीय रखी गई है। वे वेस्ट वर्जीनिया के थे और वॉशिंगटन में डिप्लॉय थे। पेंटागन ने कहा कि वे बहादुरी से लड़े और हमलावर को पकड़ा। ट्रंप ने उनके परिवारों से बात की और कहा, 'हम न्याय करेंगे।' यह घटना 2021 के अफगान विदड्रॉल की याद दिलाती है, जब 1,20,000 से ज्यादा अफगान निकाले गए। यूएस सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज के अनुसार, 9,000 से 11,000 अफगान रिफ्यूजी स्टेटस पर हैं। अब ट्रंप प्रशासन इनकी रिव्यू करेगा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वॉशिंगटन जैसे संवेदनशील इलाकों में पैट्रोलिंग बढ़ानी होगी। मेट्रो स्टेशन जैसे पब्लिक प्लेस पर सीसीटीवी और मेटल डिटेक्टर ज्यादा सख्त होने चाहिए। यह घटना अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा पर खतरे का संकेत है। क्या इमिग्रेशन पॉलिसी बदलनी होगी? ट्रंप ने वादा किया कि दोषी को 'सबसे सख्त सजा' मिलेगी। जांच जारी है, और अगले कुछ दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
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