बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी हार के बाद महाजनमंथन, नेतृत्व पर सवालों का दौर शुरू।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को गहरी चोट पहुंचाई है। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान के नतीजे
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को गहरी चोट पहुंचाई है। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान के नतीजे 14 नवंबर को आए, जिसमें नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक जीत हासिल की। वहीं, महागठबंधन को महज 35 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े 122 से बहुत दूर रही। कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ 6 पर जीत दर्ज की, जो उसकी स्ट्राइक रेट को महज 9.8 प्रतिशत तक ले गई। यह 2020 के 19 सीटों से भी कम है। वोट शेयर में भी गिरावट आई, जो 9.48 प्रतिशत से घटकर करीब 8.71 प्रतिशत रह गया। इस करारी हार के बाद पार्टी में मंथन तेज हो गया है। 15 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यहां हार की वजहों पर चर्चा हुई और पार्टी ने वोट चोरी के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। यह बैठक महाजनमंथन का हिस्सा बनी, जिसमें रणनीति पर पुनर्विचार का फैसला लिया गया।
चुनाव परिणामों ने एनडीए की मजबूती को साबित किया। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी, जिसने 89 सीटें जीतीं, जबकि जेडीयू को 85 मिलीं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को 4 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पांचवीं बार शपथ लेने को तैयार हैं। विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को 25, कांग्रेस को 6, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन को 2 और सीपीआई (एम) को 1 सीट मिली। महागठबंधन की कुल 35 सीटें 50 के आंकड़े को भी पार न कर सकीं। प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट किया कि एनडीए का 90 प्रतिशत स्ट्राइक रेट भारत के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व है। कांग्रेस ने इसे अविश्वसनीय बताया और कहा कि कोई पार्टी इतनी एकतरफा जीत नहीं सकती।
राहुल गांधी ने नतीजों को सच्चाई से परे बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था। पार्टी ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें वोटर लिस्ट से लाखों नाम काटे गए। कांग्रेस का दावा है कि यह प्रक्रिया विपक्षी वोटरों को निशाना बनाकर की गई। 24 जून 2025 को चुनाव आयोग ने एसआईआर की घोषणा की थी, जिसमें वोटरों को फॉर्म भरने पड़े। 2003 की पुरानी लिस्ट न होने पर अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए। विपक्ष का आरोप है कि इससे प्रवासी मजदूरों और गरीब वोटरों का नुकसान हुआ। राहुल ने कहा कि हम नतीजों की गहन जांच करेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ेंगे। लेकिन बीजेपी ने इसे बहाना बताया। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष हार को स्वीकार नहीं कर पा रहा और ईवीएम, चुनाव आयोग पर दोष डाल रहा है।
पार्टी के अंदर मंथन तेज है। 15 नवंबर की बैठक में खड़गे ने कहा कि हम नतीजों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे और बिहार के वोटरों का धन्यवाद देंगे। राहुल गांधी, वेणुगोपाल, अजय माकन जैसे नेताओं ने हार की जिम्मेदारी तय न करने पर जोर दिया। लेकिन आंतरिक चर्चा में कई मुद्दे उभरे। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बिहार में कांग्रेस की जमीनी ताकत कमजोर है। हमने 70 सीटों पर 2020 में 19 जीतीं, लेकिन 2025 में 61 पर सिर्फ 6। स्ट्राइक रेट 27 प्रतिशत से गिरकर 9.8 रह गया। कांहैया कुमार की पदयात्रा और राहुल की अगस्त 2025 की यात्रा पर असर न पड़ा। पार्टी ने युवा पलायन और बेरोजगारी पर जोर दिया, लेकिन एनडीए की कल्याण योजनाओं ने महिलाओं और ईबीसी वोटरों को बांध लिया।
हार की मुख्य वजहें कई हैं। पहली, गठबंधन में असंतुलन। आरजेडी ने मुस्लिम-यादव वोट बैंक पर फोकस किया, लेकिन कांग्रेस को ऊपरी जातियों का समर्थन मिलना चाहिए था। लेकिन सोशल जस्टिस की पिच ने ऊपरी जातियों को अलग कर दिया। दूसरी, टिकट वितरण में गलती। कई बागी उम्मीदवारों को टिकट दिए, जो वफादार कार्यकर्ताओं को नाराज कर गए। तीसरी, अभियान की कमजोरी। वोट चोरी का नैरेटिव जमीन पर न चला। एनडीए ने विकास, बुनियादी ढांचे और महिलाओं की योजनाओं पर जोर दिया, जो वोटरों को आकर्षित किया। चौथी, संगठनात्मक कमजोरी। बिहार में कांग्रेस का बूथ लेवल नेटवर्क कमजोर है। पांचवीं, जन सुराज पार्टी और एआईएमआईएम ने वोट काटे। प्रशांत किशोर की पार्टी ने 243 पर लड़ी, लेकिन 0 जीती, फिर भी कुछ सीटों पर असर डाला।
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक्स पर BiharElection2025 ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर ने लिखा कि कांग्रेस की 96वीं हार है, राहुल को इस्तीफा देना चाहिए। दूसरे ने कहा कि वोट शेयर में गिरावट कम है, लेकिन सीटें कम क्यों? कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव पर टिकट चोरी के नारे लगाए। विपक्षी दलों में दरार दिख रही। जेएमएम, एसपी, शिवसेना (यूबीटी) और आप कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठा रहे। एक पोस्ट में कहा गया कि इंडिया ब्लॉक टूट रहा है। लेकिन कांग्रेस ने कहा कि हम संविधान की रक्षा जारी रखेंगे।
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