सुबह के नाश्ते के लिए प्रोटीन का पावरहाउस: घर पर आसानी से बनाएं अंकुरित मूंग और हरे प्याज की लाजवाब टिक्की।
सुबह का नाश्ता हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन होता है, इसलिए यह न केवल स्वादिष्ट होना चाहिए बल्कि शरीर को ऊर्जा देने वाला भी होना
- स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम: बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद आएगी यह क्रिस्पी रेसिपी, बनाने में लगता है बेहद कम समय।
- किचन में मौजूद सामान्य मसालों से तैयार करें खास डिश: अंकुरित मूंग और स्प्रिंग अनियन की टिक्की के साथ अपने दिन की करें शानदार शुरुआत।
सुबह का नाश्ता हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन होता है, इसलिए यह न केवल स्वादिष्ट होना चाहिए बल्कि शरीर को ऊर्जा देने वाला भी होना चाहिए। अंकुरित मूंग दाल और हरे प्याज (Spring Onion) का मेल एक ऐसा ही स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है, जिसे अब टिक्की के रूप में बेहद चाव से खाया जा रहा है। अंकुरित मूंग दाल विटामिन, फाइबर और प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत मानी जाती है, जबकि हरे प्याज में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करते हैं। इन दोनों सामग्रियों का उपयोग कर बनाई गई टिक्की न केवल बाहर से कुरकुरी होती है, बल्कि भीतर से भी काफी नरम और फ्लेवरफुल होती है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो तेल और मसालों से भरपूर पारंपरिक नाश्ते के बजाय कुछ हल्का और पौष्टिक खाना पसंद करते हैं। इस खास रेसिपी को तैयार करने के लिए सबसे पहले अंकुरित मूंग को तैयार करना आवश्यक है। साबुत मूंग को रात भर पानी में भिगोकर और फिर एक सूती कपड़े में बांधकर लगभग 12 से 15 घंटे के लिए छोड़ देने से यह अच्छी तरह अंकुरित हो जाते हैं। इन अंकुरित दानों को दरदरा पीसना इस डिश का मुख्य हिस्सा है। ध्यान रहे कि पीसते समय पानी का उपयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि मूंग में प्राकृतिक नमी होती है जो टिक्की के मिश्रण को बांधने में मदद करती है। दरदरा पेस्ट तैयार होने के बाद इसमें बारीक कटे हुए हरे प्याज का हरा और सफेद दोनों हिस्सा मिलाएं। हरे प्याज की ताज़गी और इसकी अपनी एक हल्की मिठास टिक्की के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।
मिश्रण तैयार करने की प्रक्रिया में बाइंडिंग (जुड़ाव) का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। अक्सर पिसी हुई दाल थोड़ी ढीली हो जाती है, जिससे टिक्की बनाने में कठिनाई आ सकती है। इसके लिए आप इसमें दो उबले हुए मैश किए हुए आलू या फिर भुना हुआ बेसन मिला सकते हैं। आलू टिक्की को एक अच्छी बनावट देता है, जबकि बेसन इसमें सोंधापन लाता है। इसमें स्वाद के अनुसार बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और ताज़ा हरा धनिया शामिल करें। मसालों के रूप में थोड़ा सा जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और अमचूर पाउडर डालें। अमचूर पाउडर की खटास मूंग के फीकेपन को संतुलित करती है और टिक्की को एक चटपटा स्वाद प्रदान करती है। टिक्की को एक्स्ट्रा क्रिस्पी बनाने के लिए आप मिश्रण में दो बड़े चम्मच चावल का आटा या सूजी मिला सकते हैं। इससे तलते समय टिक्की तेल कम सोखती है और बाहर की परत काफी लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है। यदि आप डाइट पर हैं, तो इसे डीप फ्राई करने के बजाय नॉन-स्टिक तवे पर हल्का तेल लगाकर शैलो फ्राई करना सबसे बेहतर विकल्प है। जब सारा मिश्रण अच्छी तरह मिल जाए, तो अपने हाथों को थोड़ा सा तेल लगाकर चिकना कर लें और छोटी-छोटी लोइयां लेकर उन्हें चपटा आकार दें। आप चाहें तो इन टिक्कियों के बीच में थोड़ा सा पनीर या मोजरेला चीज भी भर सकते हैं, जिससे यह बच्चों के लिए और भी आकर्षक हो जाएगी। टिक्की बनाने के बाद इन्हें कम से कम 10 मिनट के लिए फ्रिज में रख देना चाहिए। ठंडा होने से मिश्रण सेट हो जाता है और पकाते समय टिक्की टूटती नहीं है। इस बीच आप इसके साथ परोसने के लिए हरी चटनी या खजूर की मीठी चटनी तैयार कर सकते हैं, जो इस नाश्ते के स्वाद को मुकम्मल बनाती है।
पकाने की विधि में मध्यम आंच का होना बहुत जरूरी है। एक भारी तले वाले पैन या तवे पर थोड़ा सा मूंगफली का तेल या जैतून का तेल गर्म करें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए, तो सावधानी से टिक्कियों को तवे पर रखें। इन्हें एक तरफ से तब तक पकने दें जब तक कि वे सुनहरे भूरे रंग की न हो जाएं। जल्दबाजी में आंच तेज न करें, अन्यथा टिक्की बाहर से जल जाएगी और मूंग का कच्चापन अंदर बना रहेगा। धीमी से मध्यम आंच पर पकने से मूंग और मसालों का स्वाद पूरी तरह निखर कर आता है। दोनों तरफ से उलट-पलट कर सेकने के बाद इन्हें किचन टॉवल या टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। अंकुरित मूंग और हरे प्याज की यह टिक्की न केवल स्वाद में बेजोड़ है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ भी अनेक हैं। यह डिश पाचन में आसान है और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह एक उच्च प्रोटीन और कम कैलोरी वाला नाश्ता है। इसके अलावा, यह मधुमेह रोगियों के लिए भी सुरक्षित है क्योंकि इसमें जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को अचानक नहीं बढ़ाते। इसमें इस्तेमाल किए गए अदरक और हरी मिर्च जैसे तत्व मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
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