सूरत: सड़क पर कुत्तों के झुंड से भागते युवक के फिसलने से मौत, सीसीटीवी में कैद दर्दनाक घटना।

गुजरात के सूरत शहर में सैयदपुरा भंडारीवाड़ इलाके की तंग गलियों में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। 38 वर्षीय इब्राहिम उर्फ एजाज अहमद अंसारी

Nov 7, 2025 - 18:17
Nov 7, 2025 - 18:19
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सूरत: सड़क पर कुत्तों के झुंड से भागते युवक के फिसलने से मौत, सीसीटीवी में कैद दर्दनाक घटना।
सूरत: सड़क पर कुत्तों के झुंड से भागते युवक के फिसलने से मौत, सीसीटीवी में कैद दर्दनाक घटना।

गुजरात के सूरत शहर में सैयदपुरा भंडारीवाड़ इलाके की तंग गलियों में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। 38 वर्षीय इब्राहिम उर्फ एजाज अहमद अंसारी नामक एक युवक सुबह नमाज पढ़ने के बाद घर लौट रहे थे, जब सड़क पर घूम रहे कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। डर के मारे भागते हुए एजाज जमीन पर फिसल गए और सिर व शरीर पर गंभीर चोटें लगीं। आसपास के लोग उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले गए, जहां 12 दिनों तक डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की कोशिश की। लेकिन 6 नवंबर 2025 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना का पूरा नजारा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस हादसे ने सूरत में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर फिर से बहस छेड़ दी है।

एजाज अंसारी सूरत के सैयदपुरा इलाके में रहते थे। वह एक छोटे से कारोबार से जुड़े थे और परिवार का सहारा थे। उनके भाई शेख सलीम ने बताया कि 25 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े नौ बजे एजाज मस्जिद से नमाज पढ़कर लौट रहे थे। भंडारीवाड़ की उस गली में हमेशा 10-12 आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। अचानक कुत्तों का झुंड भौंकता हुआ उन पर टूट पड़ा। एजाज ने भागने की कोशिश की, लेकिन गीली सड़क पर पैर फिसल गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुत्ते उन्हें काटने के इरादे से पीछा कर रहे थे। फिसलने के बाद एजाज जमीन पर गिर पड़े और उनका सिर कंक्रीट पर जोर से लगा। आसपास के दुकानदारों ने शोर मचाकर कुत्तों को भगाया और एजाज को रिक्शे में अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि चोटें इतनी गंभीर थीं कि खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया और ब्रेन हेमरेज शुरू हो गया।

परिवार ने कहा कि एजाज हमेशा सक्रिय और परिवार के लिए चिंतित रहते थे। उनकी पत्नी और तीन बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं। भाई सलीम ने आंसू भरी आंखों से कहा, 'भाई नमाज के बाद खुश थे, लेकिन ये क्या हो गया। इलाके में कुत्ते इतने बढ़ गए हैं कि बच्चे डरते हैं।' सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एसएमसी) को कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सैयदपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने बताया कि यह पैनिक से हुई दुर्घटना है, लेकिन कुत्तों की समस्या पर एसएमसी को पत्र लिखा गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुष्टि हुई कि कुत्तों ने काटा नहीं, लेकिन पीछा करने से एजाज घबरा गए।

यह घटना सूरत में आवारा कुत्तों की समस्या का एक उदाहरण मात्र है। सूरत जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में कचरा प्रबंधन की कमी से कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। एनजीओ 'फ्रेंडिको फाउंडेशन' के मुताबिक, सूरत में करीब 50 हजार आवारा कुत्ते हैं, जो रोजाना 20-30 लोगों को काटते हैं। 2025 में अब तक सूरत में कुत्तों से जुड़े 500 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 10 मौतें हुई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, गर्मियों में कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं, क्योंकि पानी की कमी से वे चिड़चिड़े रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने का आदेश दिया था, लेकिन गुजरात में अभी सख्ती कम है। सूरत में एसएमसी ने एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) प्रोग्राम चलाया है, जिसमें कुत्तों को पकड़कर स्टेरलाइज किया जाता है। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि यह काफी नहीं।

विपक्षी नेता हार्दिक पटेल ने सदमे जताते हुए कहा, 'सूरत में विकास के नाम पर बुनियादी सुविधाएं नजरअंदाज हो रही हैं। आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए तुरंत अभियान चलाएं।' स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया और एसएमसी कार्यालय के बाहर नारे लगाए। एक महिला ने बताया, 'मेरे बच्चे स्कूल जाते समय डरते हैं। रात को कुत्ते घर के बाहर भौंकते रहते हैं।' एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआई) के दिशानिर्देशों के मुताबिक, कुत्तों को मारना गैरकानूनी है, इसलिए स्टेरलाइजेशन ही समाधान है। लेकिन सूरत में एबीसी सेंटरों की कमी है। एक एनजीओ ने कहा कि अगर हर वार्ड में एक टीम हो, तो समस्या 50 प्रतिशत कम हो सकती है।

यह हादसा पूरे देश में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर से सामने ला रहा है। केरल में मई 2025 में एक समाचार पत्र ने लिखा था कि सरकार को इन मौतों के लिए जवाब देना चाहिए। हैदराबाद और मुंबई में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चे कुत्तों के शिकार बने। नेदरलैंड्स ने 1990 के दशक में 'बेंचमार्क मॉडल' अपनाकर कुत्तों की समस्या खत्म की, जहां स्टेरलाइजेशन के साथ एडॉप्शन को बढ़ावा दिया गया। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में फैसला बदला और केवल आक्रामक कुत्तों को हटाने का आदेश दिया। बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने ट्वीट किया, 'मैं आभारी हूं कि कोर्ट ने संतुलित फैसला लिया।' लेकिन सूरत जैसे शहरों में जमीनी स्तर पर काम तेज करना जरूरी है।

एजाज की मौत के बाद परिवार को मुआवजा देने की मांग उठ रही है। गुजरात सरकार ने 2019 में कुत्तों के हमले में मरने वालों के लिए 5 लाख रुपये का पैकेज घोषित किया था, लेकिन लागू होना बाकी है। सैयदपुरा के मुस्लिम समुदाय ने नमाज के बाद एजाज की रूह के लिए दुआएं कीं। उनका जनाजा बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया। भाई सलीम ने कहा, 'हम इंसाफ चाहते हैं। कम से कम इलाके को कुत्तों से मुक्त करें।' पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर रखा है। एसएमसी ने वादा किया है कि अगले हफ्ते से भंडारीवाड़ में स्पेशल ड्राइव चलेगी, जिसमें 200 कुत्तों को पकड़ा जाएगा।

Also REad- भाई ने अपनी बहन का 1.5 करोड़ रुपये से मायरा भरा, नगद और गहने के तौर पर क़रीब 1.56 करोड़ रुपये की सम्पत्ति दी।

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