गाजियाबाद के लोनी में अंबेडकर प्रतिमा खंडित होने पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को किया घंटों जाम।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद अंतर्गत लोनी थाना क्षेत्र में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को उस समय भारी तनाव व्याप्त हो गया, जब

Apr 20, 2026 - 11:55
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गाजियाबाद के लोनी में अंबेडकर प्रतिमा खंडित होने पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को किया घंटों जाम।
गाजियाबाद के लोनी में अंबेडकर प्रतिमा खंडित होने पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को किया घंटों जाम।
  • आक्रोश की चिंगारी और पुलिसिया लाठीचार्ज: इंद्रपुरी कॉलोनी में तनाव के बाद पथराव, सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालकर स्थिति पर पाया काबू
  • सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नाकाम: खंडित प्रतिमा की जगह नई मूर्ति स्थापित करने का आश्वासन, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों को दबोचा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद अंतर्गत लोनी थाना क्षेत्र में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को उस समय भारी तनाव व्याप्त हो गया, जब इंद्रपुरी कॉलोनी में स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना मिली। यह घटना न केवल धार्मिक और सामाजिक आस्थाओं पर प्रहार थी, बल्कि इसने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और मंगल बाजार के पास अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में लगाए गए पोस्टरों को फाड़े जाने की भी पुष्टि हुई। जैसे-जैसे खबर फैली, गुस्सा बढ़ता गया और स्थानीय निवासियों ने इसे क्षेत्र की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

आक्रोशित भीड़ ने दोपहर होते-होते दिल्ली-सहारनपुर मुख्य मार्ग की दोनों लेनों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और नई प्रतिमा स्थापित नहीं की जाती, वे सड़क से नहीं हटेंगे। हाईवे जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण गर्मी में यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, भीड़ का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था और नारों की गूंज के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा। प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने का प्रयास किया, तो स्थिति और भी बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की खबरें सामने आईं, जिसके जवाब में पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग गलियों में भागने लगे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। इस झड़प के बाद पूरे लोनी बॉर्डर क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीएसी की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि नई प्रतिमा बागपत से मंगवाई जा रही है और इसे जल्द ही पूरे सम्मान के साथ यथास्थान स्थापित किया जाएगा। साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया।

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस महानिरीक्षक और उपायुक्त (ग्रामीण) ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उन शरारती तत्वों की पहचान की जा सके जिन्होंने शनिवार की देर रात इस कुकृत्य को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टर फाड़ने वाले संदिग्धों के वाहन नंबर की भी पहचान कर ली गई है और दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह घटना किसी बड़े विवाद को जन्म देने के इरादे से की गई थी, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी से इसे समय रहते संभाल लिया गया। शाम होते-होते प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनी और भारी मशक्कत के बाद हाईवे के एक हिस्से को यातायात के लिए खोला गया। नई प्रतिमा की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सुरक्षा के लिहाज से प्रतिमा स्थल के आसपास पक्का बैरिकेडिंग करने पर भी विचार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी पुलिस चौकी या सीसीटीवी सर्विलांस को और मजबूत किया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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