गुरुग्राम के बसई रोड स्थित पैकेजिंग फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड: दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू।

हरियाणा के औद्योगिक केंद्र गुरुग्राम में बसई रोड पर स्थित एक प्रमुख पैकेजिंग कंपनी की इकाई में सोमवार की सुबह अचानक भीषण आग

Apr 20, 2026 - 11:58
Apr 20, 2026 - 12:05
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गुरुग्राम के बसई रोड स्थित पैकेजिंग फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड: दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू।
गुरुग्राम के बसई रोड स्थित पैकेजिंग फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड: दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू।
  • औद्योगिक क्षेत्र में मची अफरातफरी: पैकेजिंग कंपनी की यूनिट में आग लगने से लाखों का सामान जलकर खाक, जानमाल का नुकसान टला
  • शॉर्ट सर्किट की आशंका और सुरक्षा पर सवाल: बसई रोड पर धुआं उठते ही खाली कराई गईं आसपास की इमारतें, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से रुकी बड़ी तबाही

हरियाणा के औद्योगिक केंद्र गुरुग्राम में बसई रोड पर स्थित एक प्रमुख पैकेजिंग कंपनी की इकाई में सोमवार की सुबह अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना उस समय हुई जब फैक्ट्री के भीतर काम शुरू ही हुआ था और अचानक स्टोर रूम से धुएं के गुबार उठने लगे। पैकेजिंग सामग्री जैसे कि गत्ता, प्लास्टिक और ज्वलनशील गोंद की मौजूदगी के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि आग लगने के तुरंत बाद फैक्ट्री के भीतर मौजूद अलार्म सिस्टम और कर्मचारियों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। धुएं के काले गुबार कई किलोमीटर दूर से देखे जा सकते थे, जिससे बसई और आसपास के रिहायशी इलाकों में भी चिंता फैल गई। जैसे ही अग्नि शमन विभाग को सूचना मिली, सेक्टर-37 और भीम नगर फायर स्टेशन से दमकल की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। बसई रोड पर भारी यातायात होने के कारण शुरुआत में दमकल कर्मियों को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक तरफ के रास्ते को खाली कराया ताकि राहत कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके। दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग फैक्ट्री के पिछले हिस्से में स्थित कच्चे माल के गोदाम से शुरू हुई थी। वहां बड़ी मात्रा में कागज और पॉलिमर की शीट रखी हुई थीं, जो आग के लिए ईंधन का काम कर रही थीं। स्थिति को बिगड़ते देख विभाग ने आसपास के अन्य फायर स्टेशनों को भी अलर्ट मोड पर रखा था ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मदद ली जा सके।

प्रारंभिक जांच और वहां मौजूद तकनीकी टीम के आकलन के अनुसार, इस दुर्घटना का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। चूँकि पैकेजिंग इकाइयों में भारी मशीनों का संचालन होता है और बिजली की खपत अधिक होती है, ऐसे में पुरानी वायरिंग या ओवरलोडिंग की वजह से बिजली के पैनल में चिंगारी उठने की आशंका है। हालांकि, विभाग ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले विस्तृत फोरेंसिक जांच की बात कही है। फैक्ट्री प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने अग्निशमन के मानक उपकरणों को स्थापित किया हुआ था, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शुरुआती कोशिशों के बावजूद इसे नियंत्रित करना कर्मचारियों के बस से बाहर हो गया था। गुरुग्राम जैसे घने औद्योगिक क्षेत्रों में आग की घटनाएं अक्सर संकरी गलियों और बिजली के जर्जर तारों की वजह से गंभीर रूप ले लेती हैं। बसई रोड पर स्थित इस फैक्ट्री के मामले में भी पानी की बौछारों के साथ-साथ विशेष फोम का उपयोग करना पड़ा, क्योंकि प्लास्टिक और रसायनों की आग पानी से पूरी तरह शांत नहीं हो रही थी। राहत और बचाव कार्य के दौरान दमकल विभाग के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत के भीतर प्रवेश किया ताकि आग को बगल की अन्य फैक्ट्रियों और रिहायशी इमारतों तक फैलने से रोका जा सके। पैकेजिंग कंपनी के चारों तरफ अन्य औद्योगिक इकाइयां और कुछ गोदाम स्थित हैं, जहाँ ज्वलनशील पदार्थ भारी मात्रा में जमा थे। अगर समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। अग्निशमन कर्मियों को आग बुझाने में करीब तीन से चार घंटे का समय लगा, जिसके बाद 'कूलिंग' की प्रक्रिया शुरू की गई। इस प्रक्रिया में गर्म मलबे पर लगातार पानी छिड़का गया ताकि अंदर दबी हुई चिंगारियां दोबारा सुलग न उठें।

आर्थिक नुकसान की बात करें तो पैकेजिंग कंपनी के मालिक के अनुसार, तैयार माल और मशीनों को भारी क्षति पहुँची है। करोड़ों रुपये का स्टॉक, जो डिलीवरी के लिए तैयार रखा था, अब राख के ढेर में तब्दील हो चुका है। गत्ते की पेटियों और प्रिंटिंग मशीनों के जलने से फैक्ट्री को भारी वित्तीय झटका लगा है। इसके अलावा, इमारत के ढांचे को भी भीषण गर्मी की वजह से नुकसान पहुँचा है, जिसकी स्थिरता की जांच अब स्ट्रक्चरल इंजीनियरों द्वारा की जाएगी। वर्तमान में कंपनी के कार्यों को पूरी तरह से रोक दिया गया है और प्रशासन ने फैक्ट्री को पूरी तरह से सील कर जांच शुरू कर दी है ताकि सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी का पता लगाया जा सके। गुरुग्राम प्रशासन ने इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट की बात दोहराई है। बसई रोड और पटौदी रोड जैसे क्षेत्रों में कई ऐसी इकाइयां संचालित हो रही हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं किया जाता। नगर निगम और दमकल विभाग अब यह जांच करेगा कि क्या इस पैकेजिंग कंपनी के पास वैध फायर एनओसी (No Objection Certificate) थी और क्या आपातकालीन निकास के रास्ते खाली थे। इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए स्थानीय औद्योगिक संघों ने भी अपने सदस्यों को बिजली के उपकरणों की नियमित जांच कराने और कर्मचारियों को फायर ड्रिल का प्रशिक्षण देने की सलाह दी है।

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