ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड छोड़कर संन्यास लिया, अंडरवर्ल्ड विवादों के बाद साध्वी बनीं और महाकुंभ में महामंडलेश्वर बनीं
ममता कुलकर्णी की बॉलीवुड यात्रा 90 के दशक में काफी चर्चित रही। उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, लेकिन विवादों ने उनके करियर को प्रभावित किया। अंडरवर्ल्ड क
- 90 के दशक की बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी अब माई ममता नंद गिरी के नाम से जानी जाती हैं, अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के बाद आध्यात्मिक राह अपनाई
- करण अर्जुन की बिंदिया ममता कुलकर्णी ने ग्लैमर त्याग साध्वी जीवन चुना, छोटा राजन जैसे नामों से जुड़े विवादों के बाद महाकुंभ में संन्यास लिया
बॉलीवुड की 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने ग्लैमर की दुनिया को छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपनाया है और साध्वी बन गई हैं। उन्होंने महाकुंभ में औपचारिक रूप से संन्यास लिया और अब उनका नाम माई ममता नंद गिरी है। ममता कुलकर्णी का नाम अंडरवर्ल्ड से जुड़े विवादों के कारण भी चर्चा में रहा था, जिसमें छोटा राजन जैसे नामों का जिक्र आया। उन्होंने बॉलीवुड छोड़ने के 23 साल बाद इस कदम को उठाया है और अब किन्नर अखाड़े से जुड़ी हुई हैं। यह घटना 2025 में महाकुंभ के दौरान प्रमुखता से सामने आई जब उन्होंने महामंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त की।
ममता कुलकर्णी ने 1992 में फिल्म तिरंगा से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान, अजय देवगन जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया और करण अर्जुन में बिंदिया का रोल निभाकर खासी लोकप्रियता हासिल की। 1993 में उन्होंने स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया, जिससे काफी विवाद हुआ। इसके अलावा चीन गेट फिल्म में राजकुमार संतोषी के साथ विवाद के कारण उन्हें फिल्म से निकाला गया, लेकिन बाद में छोटा राजन के कथित हस्तक्षेप से उन्हें वापस लिया गया। ममता कुलकर्णी ने 2002 में बॉलीवुड छोड़ दिया और आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख किया। उन्होंने 1996 में आध्यात्म की ओर झुकाव दिखाना शुरू किया था और गुरु गगन गिरी महाराज से मिलने के बाद साधना शुरू की।
ममता कुलकर्णी का नाम अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामलों में आया, जिसमें छोटा राजन से संबंध का जिक्र रहा। उन्होंने 2016 में पति विक्की गोस्वामी के साथ ड्रग तस्करी के मामले में नाम आने पर गिरफ्तारी का सामना किया, जिसमें 2000 करोड़ के ड्रग्स का आरोप लगा। ममता ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनकी संपत्ति बॉलीवुड से कमाई हुई है। इस मामले में उन्हें केन्या से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने गुमनाम जीवन जिया और आध्यात्म पर फोकस किया। उन्होंने 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ एन योगिनी' नामक किताब लिखी, जिसमें अपनी जिंदगी के बारे में बताया। ममता ने बॉलीवुड वापसी से इनकार किया और कहा कि उन्होंने 23 साल पहले ही इंडस्ट्री छोड़ दी थी।
2025 में महाकुंभ प्रयागराज में ममता कुलकर्णी ने औपचारिक रूप से संन्यास लिया और किन्नर अखाड़े में शामिल हुईं। उन्होंने महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी की शिष्या बनकर महामंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त की। परीक्षा में उन्हें 23 साल के जीवन के बारे में सवाल पूछे गए, जिसके बाद उपाधि मिली। उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा मध्यम मार्ग है, इसलिए उन्होंने इसे चुना। ममता ने मुंबई लौटते समय भावुक होने की बात कही और कहा कि बॉलीवुड ने उन्हें नाम और शोहरत दी, लेकिन अब वे आध्यात्मिक जीवन में हैं। वे साध्वी के रूप में सन्यासियों के साथ तस्वीरें शेयर कर रही हैं।
ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड छोड़ने के बाद लंबे समय तक गुमनाम जीवन जिया। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड वापसी नहीं करना चाहतीं। महाकुंभ में साध्वी के रूप में उनकी मौजूदगी ने ध्यान खींचा। वे अब माई ममता नंद गिरी के नाम से जानी जाती हैं। उनकी जिंदगी में विवादों के बाद यह बदलाव आया है। ममता ने आध्यात्म को अपना लिया और अब प्रवचन या साधना से जुड़ी हैं।
ममता कुलकर्णी की बॉलीवुड यात्रा 90 के दशक में काफी चर्चित रही। उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, लेकिन विवादों ने उनके करियर को प्रभावित किया। अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के आरोपों ने उन्हें सुर्खियों में रखा। संन्यास के बाद वे शांत जीवन जी रही हैं। महाकुंभ में उनकी उपस्थिति ने पुराने विवादों को फिर से याद दिलाया।
यह घटना बॉलीवुड से आध्यात्मिक दुनिया में जाने वाली कई अभिनेत्रियों की कड़ी में शामिल है। ममता कुलकर्णी ने 23 साल पहले बॉलीवुड छोड़ा था और अब औपचारिक साध्वी बन गई हैं। उनकी नई पहचान माई ममता नंद गिरी है। ममता कुलकर्णी अब किन्नर अखाड़े से जुड़ी हैं और आध्यात्मिक जीवन जी रही हैं। महाकुंभ 2025 में उनका संन्यास प्रमुख खबर बना।
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