Trending News: शर्मिष्ठा पनोली के समर्थन में उतरे पवन कल्याण, बोले- 'सनातन धर्म को गंध धर्म कहने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?'
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक 22 वर्षीय लॉ छात्रा और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी ने न केवल राजनीतिक...
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक 22 वर्षीय लॉ छात्रा और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है, बल्कि यह मामला धार्मिक संवेदनशीलता और धर्मनिरपेक्षता के दोहरे मापदंडों पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के नेता पवन कल्याण ने इस मामले में शर्मिष्ठा का समर्थन करते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और कोलकाता पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता सनातन धर्म को 'गंध धर्म' कहकर उसका अपमान करते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं होती।
यह घटना न केवल भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे एक-दूसरे से जुड़कर विवाद पैदा करते हैं। 14 मई 2025 को, शर्मिष्ठा पनोली, जो हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाली एक लॉ छात्रा और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर हैं, ने एक सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में उन्होंने भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बॉलीवुड अभिनेताओं की चुप्पी की आलोचना की थी। यह ऑपरेशन पाहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की एक सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। शर्मिष्ठा ने अपने वीडियो में एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की टिप्पणी का जवाब देते हुए कथित तौर पर एक धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और साम्प्रदायिक भाषा का उपयोग किया। उनके इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीव्र विवाद खड़ा कर दिया।
पाकिस्तानी और भारतीय मुस्लिम सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने शर्मिष्ठा के वीडियो को इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद का अपमान बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद, 30 मई 2025 को कोलकाता पुलिस ने गुरुग्राम में शर्मिष्ठा के निवास पर जाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शर्मिष्ठा के खिलाफ वजahat खान नामक व्यक्ति की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की उन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, जो धार्मिक आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, और शांति भंग करने की मंशा से अपमान करने से संबंधित हैं। 31 मई को उन्हें कोलकाता के अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
- पवन कल्याण का बयान
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, शर्मिष्ठा, एक लॉ छात्रा, ने अपनी बात रखी, जो कुछ लोगों के लिए आपत्तिजनक और आहत करने वाली थी। उन्होंने अपनी गलती स्वीकारी, वीडियो हटाया और माफी मांगी। फिर भी, पश्चिम बंगाल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जब टीएमसी के सांसद और नेता सनातन धर्म का मजाक उड़ाते हैं और इसे 'गंध धर्म' कहते हैं, तब उसका क्या? उस समय लाखों लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, फिर कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनकी माफी कहां है? उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?" पवन कल्याण ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मार्च 2025 में कोलकाता में एक ईद सभा में भाजपा पर निशाना साधते हुए उनके 'गंदा धर्म' को हिंदू धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ बताया था। कल्याण ने इस बयान को सनातन धर्म का अपमान करार देते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्षता कुछ के लिए ढाल और कुछ के लिए तलवार नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पश्चिम बंगाल पुलिस को सभी के लिए निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान मचा दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवendu अधिकारी ने भी इस गिरफ्तारी की निंदा की और इसे एक विशेष समुदाय को खुश करने की कोशिश करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिंदू देवी-देवताओं का अपमान होता है या रामनवमी और हनुमान जयंती के जुलूसों पर पथराव होता है, तब पुलिस की ऐसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई देती। वहीं, ममता बनर्जी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अपने 'गंदा धर्म' वाले बयान को भाजपा की कथित विभाजनकारी नीतियों के संदर्भ में बताया, न कि हिंदू धर्म के खिलाफ। इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान मिला, जब नीदरलैंड के दक्षिणपंथी नेता गीर्ट विल्डर्स ने शर्मिष्ठा के समर्थन में ट्वीट किया। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया और भारत सरकार से शर्मिष्ठा की रिहाई की मांग की।
- शर्मिष्ठा की प्रतिक्रिया और माफी
शर्मिष्ठा ने अपने वीडियो के वायरल होने के बाद इसे हटा लिया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी, और वह केवल आतंकवादी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई का समर्थन कर रही थीं। इसके बावजूद, कोलकाता पुलिस ने उनकी माफी को नजरअंदाज करते हुए गिरफ्तारी की। उनके वकील मोहम्मद समीमुद्दीन ने बताया कि उन्होंने जमानत के लिए अर्जी दी है, और पुलिस द्वारा जब्त किए गए उनके मोबाइल और लैपटॉप की जांच की जा रही है।
यह मामला भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच तनाव को रेखांकित करता है। शर्मिष्ठा के वीडियो को कुछ लोगों ने इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक माना, जबकि उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी टिप्पणी आतंकवाद के खिलाफ थी, न कि किसी धर्म के। दूसरी ओर, पवन कल्याण और अन्य नेताओं ने यह सवाल उठाया कि सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों पर समान कार्रवाई क्यों नहीं होती। शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी और पवन कल्याण का इस मामले में हस्तक्षेप भारत में धार्मिक संवेदनशीलता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच जटिल रिश्ते को दर्शाता है। यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कुछ समुदायों के खिलाफ कार्रवाई में जल्दबाजी दिखाई जाती है, जबकि अन्य मामलों में चुप्पी साध ली जाती है। पवन कल्याण का यह बयान कि "धर्मनिरपेक्षता दोतरफा होनी चाहिए" इस बहस को और गहरा करता है।
कानूनी तौर पर, शर्मिष्ठा के खिलाफ भादंसं की धारा 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 153ए (धार्मिक आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देना), और 505 (शांति भंग करने की मंशा से अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, उनके वकील का दावा है कि पुलिस के पास गिरफ्तारी के लिए उचित दस्तावेज या वारंट नहीं थे, और यह कार्रवाई जल्दबाजी में की गई।
- पवन कल्याण का सनातन धर्म के प्रति रुख
पवन कल्याण लंबे समय से सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में जनसेना पार्टी में 'नरसिंह वराही गणम' नामक एक विशेष विंग की स्थापना की, जो सनातन धर्म की रक्षा और हिंदू मंदिरों के विकास के लिए काम करेगा। उनकी यह पहल दक्षिण भारत में हिंदुत्व की राजनीति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। कल्याण ने पहले भी तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को 'कोरोनावायरस' और 'मलेरिया' से जोड़ने वाले बयान की निंदा की थी।
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