मिर्जापुर के चुनार में शराब के नशे में पांच युवकों ने जामा मस्जिद में लगाई आग: पुलिस ने गिरफ्तार कर शांति सुनिश्चित की। 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। मोची टोला स्थित जामा मस्जिद

Nov 29, 2025 - 12:23
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मिर्जापुर के चुनार में शराब के नशे में पांच युवकों ने जामा मस्जिद में लगाई आग: पुलिस ने गिरफ्तार कर शांति सुनिश्चित की। 
मिर्जापुर के चुनार में शराब के नशे में पांच युवकों ने जामा मस्जिद में लगाई आग: पुलिस ने गिरफ्तार कर शांति सुनिश्चित की। 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। मोची टोला स्थित जामा मस्जिद में शराब के नशे में धुत पांच युवकों ने आग लगा दी। यह हादसा 25 नवंबर 2025 की रात करीब दो बजे का है, जब मस्जिद के अंदर रखे सामान में आग की लपटें भड़क उठीं। आसपास के निवासियों ने धुआं और आग देखते ही हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक मस्जिद को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका था। विश्वसनीय स्रोतों जैसे आज तक, टाइम्स ऑफ इंडिया, एबीपी न्यूज और यूपी टाक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना धार्मिक स्थल पर हमले का रूप ले सकती थी, लेकिन प्रशासन की सतर्कता से शांति बनी रही। मस्जिद के इमाम और स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने पुलिस की सराहना की, लेकिन उन्होंने सख्त जांच की मांग की। चुनार के एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी स्थानीय निवासी हैं और नशे में यह कृत्य किया। पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

घटना की शुरुआत रात के सन्नाटे में हुई। जामा मस्जिद, जो मोची टोला में स्थित एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, रमजान और ईद जैसे त्योहारों पर सैकड़ों लोगों का केंद्र रहता है। मस्जिद के अंदर एक छोटा कार्पेट यूनिट भी चलता है, जहां दरी और अन्य सामग्री रखी जाती है। रात दो बजे के आसपास पांच युवक, जो शराब के नशे में थे, मस्जिद के मुख्य द्वार पर पहुंचे। उन्होंने पहले मस्जिद के चैनल गेट को तोड़ा, फिर लकड़ी के दरवाजे, सीढ़ियां और अंदर रखी दरी तथा अन्य सामान में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग तेजी से फैल गई और मस्जिद के अंदर धुआं भर गया। दीवारें काली पड़ गईं और सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय निवासी साहिल, जो पीर वाजी शहीद मोहल्ले में रहते हैं, ने सबसे पहले आग की लपटें देखीं। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को जगाया और 112 नंबर पर कॉल किया। कुछ ही मिनटों में चुनार थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायरमैनों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग बुझाई। अगर देर होती, तो पूरा भवन जल जाता। मस्जिद के इमाम जाहिद कादरी ने बताया कि नुकसान का आंकड़ा लाखों में है। दरी का कारखाना पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को संभाला। चुनार थाने के कोतवाल विजय शंकर सिंह के नेतृत्व में टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और गवाहों के बयान लिए गए। सुबह होते ही आरोपियों की पहचान हो गई। वे सभी मोची टोला के ही निवासी थे: रंजीत सेठ, रोहित गुप्ता, गणेश उर्फ कृष्णा, प्रिंस मौर्य और रोशन। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि शराब पीने के बाद आपस में झगड़ते हुए मस्जिद के पास पहुंचे और नशे में यह कृत्य कर बैठे। कोई धार्मिक मंशा नहीं थी, लेकिन यह गलती थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसएसपी मिर्जापुर मनीष कुमार मिश्रा ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 295 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 436 (सार्वजनिक संपत्ति में आग लगाना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए, जिसमें पेट्रोल की बोतलें और जले हुए अवशेष शामिल हैं। आरोपी नाबालिग नहीं हैं, सभी 20 से 25 वर्ष के हैं। कोतवाल ने बताया कि वे स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त रहे हैं, लेकिन यह पहली बार ऐसा कृत्य है।

यह घटना चुनार जैसे शांतिप्रिय क्षेत्र के लिए झटका है। मिर्जापुर जिला गंगा के तट पर स्थित है, जहां हिंदू-मुस्लिम सद्भाव की मिसालें आम हैं। विंध्याचल मंदिर और काली खोह जैसे तीर्थस्थल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जो सामाजिक तनाव पैदा करती हैं। चुनार में यह पहली ऐसी बड़ी घटना है। मस्जिद पर हमले की खबर फैलते ही आसपास के मुहल्लों में सन्नाटा छा गया। कुछ लोग सड़कों पर उतर आए, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें समझा दिया। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा, सीओ सदर अमर बहादुर और सीओ मड़िहान शिखा भारती ने मौके का मुआयना किया। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों से बैठक की और शांति अपील जारी की। चार थानों से भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मस्जिद के चारों ओर पीएसी की टुकड़ियां लगाई गईं। इमाम जाहिद कादरी ने कहा कि हम हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देंगे। लेकिन दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसा न हो। मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन का धन्यवाद दिया, लेकिन साजिश की जांच की मांग की। कुछ लोगों को शक था कि नशे का बहाना हो सकता है, लेकिन पुलिस ने साफ कहा कि प्रारंभिक जांच में कोई साजिश नहीं मिली।

राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के स्थानीय विधायक राकेश सिंह ने कहा कि अपराधियों को किसी भी समुदाय से जोड़ना गलत है। उन्होंने पुलिस की तारीफ की। समाजवादी पार्टी के नेता ने मांग की कि नुकसान की भरपाई सरकार करे। स्थानीय प्रशासन ने मस्जिद समिति को 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी। मस्जिद का पुनर्निर्माण जल्द शुरू होगा। यह घटना शराबबंदी कानून की पालना पर भी सवाल खड़े करती है। उत्तर प्रदेश में शराब पर सख्ती है, लेकिन अवैध बिक्री जारी है। एसएसपी ने कहा कि आरोपी शराब कहां से लाए, इसकी भी जांच होगी। चुनार थाना क्षेत्र में अब गश्त बढ़ा दी गई है। पड़ोसी जिलों से भी सतर्कता बरती जा रही है। मिर्जापुर के डीएम ने जिला स्तर पर मीटिंग बुलाई, जहां धार्मिक सद्भाव पर जोर दिया गया।

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