होली पर कपड़े चुनते समय ये गलतियां बिल्कुल न करें, गीले होने पर पारदर्शी हो जाते हैं पतले और ट्रांसपेरेंट फैब्रिक, बचें इनसे।
होली का त्योहार रंगों, खुशियों और उल्लास का प्रतीक है, लेकिन इस दौरान कपड़ों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना जरूरी होता है। रंगों से
- हैवी एम्ब्रॉयडरी और महंगे कपड़े होली के लिए सबसे खराब विकल्प, जानें क्या पहनें
होली का त्योहार रंगों, खुशियों और उल्लास का प्रतीक है, लेकिन इस दौरान कपड़ों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना जरूरी होता है। रंगों से भरे पानी और गुलाल के बीच कपड़े जल्दी खराब हो जाते हैं, गीले होने पर कई बार असुविधाजनक या शर्मनाक स्थिति पैदा कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि होली पर बारीक एम्ब्रॉयडरी, हैवी वर्क, सीक्वेंस, बीड्स या जरी वाले कपड़े बिल्कुल नहीं पहनने चाहिए। ये कपड़े पानी और रंग से भर जाते हैं, वजन बढ़ जाता है, एम्ब्रॉयडरी उखड़ने लगती है और कपड़ा सिकुड़कर खराब हो जाता है। साथ ही बहुत पतले, शीफॉन, जॉर्जेट, नेट या ट्रांसपेरेंट फैब्रिक वाले कुर्ते, सलवार, लहंगा या टॉप भी पूरी तरह से बचने चाहिए क्योंकि गीले होने पर ये लगभग पारदर्शी हो जाते हैं और शरीर के अंग स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। ऐसे कपड़ों में महिलाओं और लड़कियों को विशेष असुविधा होती है।
होली के लिए सबसे अच्छा विकल्प पुराने लेकिन मजबूत और रंग-सहिष्णु कपड़े होते हैं। पुराने टी-शर्ट, सलवार-कमीज, ट्रैक पैंट, शॉर्ट्स, लेगिंग्स और कॉटन के कुर्ते सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। 100% कॉटन या कॉटन-मिक्स फैब्रिक वाले कपड़े होली के लिए आदर्श होते हैं क्योंकि ये रंग अच्छी तरह सोखते हैं, जल्दी सूखते हैं और शरीर को ज्यादा गर्मी नहीं देते। सिंथेटिक फैब्रिक जैसे पॉलिएस्टर, विस्कोस या रेयान से बने कपड़े गीले होने पर चिपक जाते हैं, बदबू पकड़ लेते हैं और ठंड में भी असुविधा देते हैं। इसलिए होली पर कभी भी महंगे, नाजुक या डिजाइनर आउटफिट न पहनें। पुराने कपड़ों को चुनने का एक और फायदा यह है कि रंग लगने के बाद इन्हें फेंकने या दान करने में कोई संकोच नहीं होता। कई लोग होली के लिए खास तौर पर सस्ते और रंग-बिरंगे टी-शर्ट या कुर्ते खरीदकर पहनते हैं और त्योहार के बाद इन्हें फेंक देते हैं या गरीबों को दान कर देते हैं।
फुटवियर का चुनाव होली के दौरान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। चप्पल, सैंडल या स्लिपर्स ही सबसे अच्छा विकल्प हैं। जूते, स्नीकर्स या फॉर्मल शूज बिल्कुल न पहनें क्योंकि ये गीले होने पर फिसलन भरे हो जाते हैं, रंग और गंदगी से खराब हो जाते हैं और पैरों में छाले पड़ सकते हैं। रबर या पीवीसी की चप्पलें सबसे बेहतर रहती हैं क्योंकि ये पानी और रंग से प्रभावित नहीं होतीं, आसानी से धुल जाती हैं और फिसलन भी कम करती हैं। लड़कियां और महिलाएं हील्स, वेज या स्टाइलिश सैंडल से पूरी तरह बचें क्योंकि ये गीले होने पर पैरों को असहज कर देते हैं और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। होली के मैदान में या गलियों में दौड़-भाग और पानी की मस्ती के दौरान मजबूत पकड़ वाली चप्पलें ही सबसे सुरक्षित साबित होती हैं। कई लोग होली के लिए खास तौर पर पुरानी चप्पलें रखते हैं जो त्योहार के बाद फेंक दी जाती हैं।
कपड़ों के रंग का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। होली पर सफेद, हल्के पेस्टल या बहुत गहरे रंगों के कपड़े पहनने से बचें। सफेद कपड़े पर रंग बहुत जल्दी और गहराई से लग जाते हैं जो बाद में निकलना मुश्किल होता है। गहरे रंगों पर भी रंग अच्छी तरह नहीं दिखते और कपड़ा भारी लगता है। सबसे अच्छा विकल्प है ब्राइट कलर के कपड़े जैसे पीला, गुलाबी, हरा, नीला या लाल, क्योंकि ये रंगों के साथ अच्छी तरह घुलमिल जाते हैं और त्योहार का मजा दोगुना कर देते हैं। महिलाएं सलवार-कमीज या कुर्ती-लेगिंग्स, पुरुष टी-शर्ट और शॉर्ट्स या ट्रैक पैंट चुन सकते हैं। बच्चे भी पुराने कपड़ों में ही सबसे ज्यादा मजे लेते हैं। होली के दिन कपड़े ऐसे चुनें जो गीले होने पर भी आरामदायक रहें और शरीर को ज्यादा चिपकें नहीं।
होली पर एक्सेसरीज और गहनों से भी परहेज करना चाहिए। भारी ज्वेलरी, घड़ी, महंगे कंगन या नेकलेस बिल्कुल न पहनें क्योंकि ये रंग और पानी से खराब हो जाते हैं या खो सकते हैं। सिंपल रबर बैंड या कोई सस्ता चूड़ी-सेट ही काफी है। बालों में भी ज्यादा पिन, क्लिप या जटिल हेयरस्टाइल से बचें क्योंकि ये गीले होने पर खराब हो जाते हैं और सिरदर्द का कारण बन सकते हैं। साधारण पॉनीटेल या खुले बाल ही सबसे अच्छे रहते हैं। पुरुष भी ज्यादा जेल या स्टाइलिंग से बचें क्योंकि ये रंग से मिलकर बालों को चिपचिपा बना देते हैं।
होली के लिए कपड़े चुनते समय सुरक्षा और आराम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पुराने, मजबूत, रंग-सहिष्णु और हल्के कपड़े ही इस त्योहार के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं। फुटवियर में रबर चप्पलें, कपड़ों में कॉटन फैब्रिक और रंगों में ब्राइट शेड्स चुनें। हैवी एम्ब्रॉयडरी, ट्रांसपेरेंट फैब्रिक, सिंथेटिक मटेरियल, जूते और भारी ज्वेलरी से पूरी तरह परहेज करें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप होली का पूरा आनंद ले सकते हैं बिना किसी असुविधा या नुकसान के। त्योहार का मजा कपड़ों की चिंता में खराब न होने दें, बल्कि पुराने कपड़ों में रंगों से खेलते हुए खुशियां मनाएं।
होली पर कपड़ों का चुनाव सिर्फ फैशन का मामला नहीं, बल्कि सुरक्षा, आराम और व्यावहारिकता का भी सवाल है। सही कपड़े चुनकर आप न केवल अपने कपड़ों को बचा सकते हैं बल्कि पूरे दिन बेफिक्र होकर रंगों का आनंद ले सकते हैं। पुराने कपड़े पहनने में कोई शर्म नहीं करनी चाहिए क्योंकि होली का असली मजा तो रंगों में डूबने में है, न कि महंगे कपड़ों में। इस बार होली पर इन टिप्स को जरूर फॉलो करें और परिवार के साथ बेफिक्र होकर त्योहार मनाएं।
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