रूस ने यूक्रेन को परमाणु हथियार जुटाने से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी।
रूस ने यूक्रेन को परमाणु हथियार हासिल करने की किसी भी कोशिश से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष
- दिमित्री मेदवेदेव ने कहा- ब्रिटेन-फ्रांस यूक्रेन को न्यूक्लियर मदद दें तो रूस किसी भी हथियार का इस्तेमाल कर सकता है
- रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष ने कीव पर नॉन-स्ट्रैटेजिक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का जिक्र कर बढ़ाया तनाव
रूस ने यूक्रेन को परमाणु हथियार हासिल करने की किसी भी कोशिश से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि यदि यूक्रेन अपने पश्चिमी सहयोगियों से परमाणु हथियार प्राप्त करने की दिशा में कोई कदम उठाता है तो इसका अंजाम बेहद भयावह होगा। मेदवेदेव ने खास तौर पर ब्रिटेन और फ्रांस को चेतावनी दी कि वे यूक्रेन को परमाणु तकनीक या हथियार देने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में रूस किसी भी तरह के हथियार, जिसमें नॉन-स्ट्रैटेजिक परमाणु हथियार भी शामिल हैं, का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा। यह बयान रूसी खुफिया एजेंसियों की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया कि ब्रिटेन और फ्रांस यूक्रेन को परमाणु हथियार देने या परमाणु तकनीक साझा करने की तैयारी में हैं। मेदवेदेव ने कहा कि रूस इस तरह की किसी भी गतिविधि को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानेगा और उसी स्तर पर जवाब देगा।
मेदवेदेव ने अपने बयान में यूक्रेन को परमाणु हथियार जुटाने की कोशिश को रूस के लिए असहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने 1994 में बुडापेस्ट मेमोरेंडम के तहत अपने परमाणु हथियार छोड़ दिए थे और बदले में सुरक्षा की गारंटी ली थी। अब यदि वह फिर से परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है तो यह उस समझौते का उल्लंघन होगा। मेदवेदेव ने चेतावनी दी कि रूस इस स्थिति में अपनी रणनीतिक नीति के तहत किसी भी स्तर के हथियार का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने ब्रिटेन और फ्रांस को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे यूक्रेन को परमाणु सहायता देने से पहले कई बार सोच लें क्योंकि इसका परिणाम वैश्विक स्तर पर विनाशकारी हो सकता है। मेदवेदेव ने कहा कि रूस की परमाणु नीति स्पष्ट है और वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा।
रूसी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटेन और फ्रांस यूक्रेन को परमाणु हथियार देने या परमाणु तकनीक साझा करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देश यूक्रेन को परमाणु डिटरेंस देने के लिए तकनीकी सहायता या सीधे हथियार ट्रांसफर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर मेदवेदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि यह सच साबित होता है तो रूस इसे अपनी संप्रभुता और अस्तित्व पर हमला मानेगा। उन्होंने कहा कि रूस के पास नॉन-स्ट्रैटेजिक परमाणु हथियारों का बड़ा भंडार है और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। मेदवेदेव ने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों को यह समझना चाहिए कि रूस की लाल रेखाएं बहुत साफ हैं और उन्हें पार करने की कोशिश घातक साबित होगी।
यह बयान यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने के समय आया है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है। मेदवेदेव ने कहा कि यूक्रेन की सेना अब रूसी क्षेत्र में गहरे हमले कर रही है और पश्चिमी हथियारों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में यदि परमाणु हथियारों की बात सामने आती है तो रूस की प्रतिक्रिया बहुत तेज होगी। उन्होंने ब्रिटेन और फ्रांस को 'एहतियात' बरतने की सलाह दी और कहा कि वे यूक्रेन को परमाणु सहायता देने से पहले वैश्विक परिणामों पर विचार करें। मेदवेदेव ने कहा कि रूस की परमाणु नीति रक्षात्मक है लेकिन यदि उसकी सुरक्षा को खतरा हुआ तो वह किसी भी हथियार का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।
रूसी अधिकारियों ने पहले भी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है लेकिन मेदवेदेव का यह बयान सबसे स्पष्ट और तीखा है। उन्होंने कहा कि यदि यूक्रेन परमाणु हथियार हासिल करता है तो रूस इसे अपनी सीमा पर खतरा मानेगा और उसी स्तर पर जवाब देगा। मेदवेदेव ने कहा कि पश्चिमी देश यूक्रेन को परमाणु तकनीक देकर खुद को भी खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस की परमाणु क्षमता दुनिया में सबसे मजबूत है और वह किसी भी स्तर पर जवाब देने के लिए तैयार है। यह बयान रूस की परमाणु नीति को दोहराता है जिसमें कहा गया है कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल तब होगा जब रूस की संप्रभुता या अस्तित्व पर खतरा हो।
यह घटनाक्रम यूक्रेन युद्ध को नई दिशा दे सकता है। मेदवेदेव का बयान रूस की कड़ी मुद्रा को दर्शाता है और पश्चिमी देशों को चेतावनी देता है। रूस ने कहा है कि यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की कोई भी कोशिश युद्ध को वैश्विक स्तर पर ले जाएगी। मेदवेदेव ने कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस को यूक्रेन की मदद में संयम बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस किसी भी तरह के हथियार का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा यदि उसकी सुरक्षा को खतरा हुआ। यह बयान दोनों पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
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