हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास 2 फरवरी से 3 मार्च तक, महाशिवरात्रि 15 फरवरी को, होलिका दहन 3 मार्च को, जानें सभी व्रत-त्योहार
फाल्गुन मास 2 फरवरी 2026 सोमवार से आरंभ हो रहा है। इस महीने में शिव और पार्वती की पूजा, दान, जप-तप से विशेष फल प्राप्ति होती है। फाल्गुन में शीत ऋतु की विदाई और वसंत के
- फाल्गुन मास की शुरुआत 2 फरवरी से, महाशिवरात्रि से होली तक पड़ेंगे प्रमुख व्रत और त्योहार, नोट करें पूरी तिथियां और महत्व
- 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा फाल्गुन माह, महाशिवरात्रि, विजया एकादशी, आमलकी एकादशी और होलाष्टक जैसे प्रमुख व्रत-त्योहारों की सूची जारी
- फाल्गुन 2026 में भगवान शिव और श्रीकृष्ण की उपासना के लिए शुभ महीना, संकष्टी चतुर्थी से लेकर होली तक सभी महत्वपूर्ण तिथियां और व्रत
फाल्गुन मास हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है जो 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है और 3 मार्च 2026 तक चलेगा। यह महीना भगवान शिव, श्रीकृष्ण और चंद्र देव की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। फाल्गुन मास में महाशिवरात्रि, होली जैसे प्रमुख त्योहार पड़ते हैं साथ ही कई व्रत जैसे संकष्टी चतुर्थी, प्रदोष व्रत, एकादशी और अमावस्या भी आते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन की शुरुआत माघ पूर्णिमा के अगले दिन से होती है।
फाल्गुन मास 2 फरवरी 2026 सोमवार से आरंभ हो रहा है। इस महीने में शिव और पार्वती की पूजा, दान, जप-तप से विशेष फल प्राप्ति होती है। फाल्गुन में शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन का प्रतीक है। इस माह में भगवान कृष्ण के बाल और युवा स्वरूप की पूजा फलदायी मानी जाती है। शिवलिंग पर सफेद फूल और बिल्व पत्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। फाल्गुन 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची इस प्रकार है। 5 फरवरी गुरुवार को संकष्टी चतुर्थी व्रत है। यह व्रत गणेश जी की कृपा प्राप्ति के लिए रखा जाता है। 7 फरवरी शनिवार को यशोदा जयंती है। 8 फरवरी रविवार को भानु सप्तमी और शबरी जयंती है। 9 फरवरी सोमवार को जानकी जयंती, कालाष्टमी और मासिक जन्माष्टमी है।
13 फरवरी शुक्रवार को विजया एकादशी व्रत और कुंभ संक्रांति है। विजया एकादशी विष्णु पूजा के लिए महत्वपूर्ण है। कुंभ संक्रांति पर सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं जिससे पितृ तर्पण शुभ होता है। 14 फरवरी शनिवार को शनि प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष का है। यह शिव-शक्ति की कृपा प्राप्ति का दिन है। 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि है। यह फाल्गुन मास का सबसे प्रमुख त्योहार है जहां शिव और पार्वती के मिलन का महापर्व मनाया जाता है। रात्रि जागरण, पूजा, व्रत और बिल्व पत्र अर्पण किया जाता है। 16 फरवरी सोमवार को फाल्गुन अमावस्या है जहां पितृ दोष शांति और तर्पण महत्वपूर्ण है। कुछ स्रोतों में इसे भौमवती अमावस्या कहा गया है।
17 फरवरी मंगलवार को फाल्गुन अमावस्या है। 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू होता है। होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर पूर्णिमा तक चलता है। 27 फरवरी शुक्रवार को आमलकी एकादशी व्रत है। इस दिन आंवले के वृक्ष और विष्णु की पूजा की जाती है। 28 फरवरी शनिवार को प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष का है। 3 मार्च मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा व्रत, होलिका दहन और चैतन्य महाप्रभु जयंती है। होलिका दहन शाम को किया जाता है। 4 मार्च बुधवार को धुलेंडी या रंग वाली होली मनाई जाती है। फाल्गुन मास में होली का त्योहार रंगों और उत्साह से मनाया जाता है। फाल्गुन मास में अन्य महत्वपूर्ण तिथियां भी हैं जैसे 9 फरवरी को कालाष्टमी और मासिक जन्माष्टमी। 10 फरवरी को श्री रामदास नवमी है। 23 फरवरी को सोमवार व्रत है। 25 फरवरी को रोहिणी व्रत है। ये व्रत और त्योहार हिंदू धर्म में आस्था और भक्ति बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
फाल्गुन मास में दान, सेवा, पूजा-अर्चना से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस महीने मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश शुरू किए जा सकते हैं। पितरों की कृपा के लिए तर्पण और दान शुभ है। फाल्गुन में कुछ नियमों का पालन भी किया जाता है जैसे संयम और धार्मिक कर्म। यह महीना प्रकृति और अध्यात्म का संगम है। फाल्गुन 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को, होली 3-4 मार्च को प्रमुख हैं। संकष्टी चतुर्थी 5 फरवरी, विजया एकादशी 13 फरवरी, आमलकी एकादशी 27 फरवरी, प्रदोष व्रत 14 और 28 फरवरी को पड़ रहे हैं। फाल्गुन मास की शुरुआत 2 फरवरी से हो रही है जहां लोग व्रत-उपवास और पूजा से इस महीने को शुभ बनाते हैं। महाशिवरात्रि और होली इस मास के मुख्य आकर्षण हैं।
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