सीएम रेखा को थप्पड़ मारा गया, बहुत तेज आवाज आई, चश्मदीद ने दिया बयान, मेडिकल ट्रीटमेंट जारी।

Delhi Politic: दिल्ली में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सिविल लाइंस स्थित आधिकारिक आवास पर साप्ताहिक

Aug 20, 2025 - 12:48
 0  30
सीएम रेखा को थप्पड़ मारा गया, बहुत तेज आवाज आई, चश्मदीद ने दिया बयान, मेडिकल ट्रीटमेंट जारी।
सीएम रेखा को थप्पड़ मारा गया, बहुत तेज आवाज आई, चश्मदीद ने दिया बयान, मेडिकल ट्रीटमेंट जारी।

20 अगस्त 2025 की सुबह दिल्ली में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सिविल लाइंस स्थित आधिकारिक आवास पर साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ। यह घटना सुबह करीब 8:05 से 8:30 बजे के बीच हुई, जब एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को कथित तौर पर थप्पड़ मारा और उनके बाल खींचे, जिससे उनके हाथ, कंधे और सिर में चोटें आईं। आरोपी, जिसकी पहचान 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई साकरिया के रूप में हुई है, जो गुजरात के राजकोट का निवासी है, को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इस हमले ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि रेखा गुप्ता को जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त है। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है, और दिल्ली पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

घटना उस समय हुई, जब रेखा गुप्ता अपनी साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की शिकायतें सुन रही थीं। यह कार्यक्रम हर बुधवार को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर आयोजित होता है, जहां लोग अपनी समस्याएं लेकर सीधे मुख्यमंत्री से मिलते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजेश भाई साकरिया ने पहले मुख्यमंत्री को कुछ कागजात सौंपे, जो एक अदालती मामले से संबंधित थे। इसके बाद, वह अचानक चिल्लाने लगा और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी, अंजलि ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "यह गलत है। जनसुनवाई में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। मैं वहां थी, वह व्यक्ति बात कर रहा था और अचानक उसने थप्पड़ मार दिया। तेज आवाज आई और पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया।" एक अन्य गवाह, शैलेंद्र कुमार, जो उत्तर नगर से सीवर की शिकायत लेकर आए थे, ने कहा, "मैं गेट पर पहुंचा ही था कि हंगामा शुरू हो गया, क्योंकि मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा गया था।" हालांकि, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने स्पष्ट किया कि थप्पड़ मारने और पत्थर फेंकने की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उनके अनुसार, हमलावर ने मुख्यमंत्री का हाथ खींचने की कोशिश की, जिसके कारण धक्का-मुक्की हुई और उनका सिर किसी कोने से टकराया। उन्होंने कहा, "यह दावा कि मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा गया या पत्थर फेंका गया, गलत है। उनके सिर में हल्की चोट आई है, और वह स्थिर हैं।" सचदेवा ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक करार दिया और कहा कि रेखा गुप्ता एक मजबूत महिला हैं, जो अपने जनसुनवाई कार्यक्रम को जारी रखेंगी। हमले के बाद रेखा गुप्ता को तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथ, कंधे और सिर में चोटें आई हैं, और उनका मेडिको-लीगल केस दर्ज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा, "जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक व्यक्ति ने हमला किया। आरोपी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।" डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन वह सदमे में थीं। एक मेडिकल टीम ने उनके आवास पर भी प्रारंभिक जांच की।

दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन ले जाया, जहां उससे पूछताछ शुरू की गई। दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.बी.के. सिंह और उत्तरी जिला के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि राजेश भाई साकरिया का एक रिश्तेदार तिहाड़ जेल में बंद है, और वह उसकी रिहाई के लिए याचिका लेकर आया था, जो अदालत में लंबित है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है ताकि घटना के सटीक क्रम को समझा जा सके। गुजरात पुलिस से संपर्क कर आरोपी के दावों और पृष्ठभूमि की पुष्टि की जा रही है। राजकोट पुलिस ने उसकी मां से पूछताछ की, जिन्होंने दावा किया कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है और एक पशु प्रेमी है, जो एक आवारा कुत्तों से संबंधित फैसले के बाद दिल्ली आया था। इस घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रेखा गुप्ता को जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त है, जो देश में सबसे उच्च स्तरीय सुरक्षा मानी जाती है। इसके बावजूद, एक व्यक्ति का इतने करीब पहुंचकर हमला करना सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक को दर्शाता है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, खासकर जनसुनवाई जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रवेश बिंदुओं पर सख्त जांच के लिए। गृह मंत्रालय को भी इस घटना की सूचना दी गई है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आईं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे "शर्मनाक" और "सुरक्षा में गंभीर चूक" बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, "यह हमला संभवतः राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है।" दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इसे "विपक्ष की साजिश" करार दिया और कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री की जनता के बीच सक्रियता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने इसे "कायरतापूर्ण कृत्य" बताया और कहा, "रेखा गुप्ता दिल्ली की सेवा में दिन-रात समर्पित हैं। इस तरह का हमला करने वाले और इसके पीछे के लोग न केवल कायर हैं, बल्कि अपराधी भी हैं।"

विपक्षी दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की। आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता अतिशी ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला अत्यंत निंदनीय है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह है, लेकिन हिंसा की कोई जगह नहीं। दिल्ली पुलिस को दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं। जब अरविंद केजरीवाल पर हमले हुए थे, तब भाजपा ने इसे जनता का गुस्सा बताया था। हम बड़ा दिल दिखा रहे हैं, लेकिन हिंसा का कोई औचित्य नहीं है।" दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा, "अगर मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा? यह घटना महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है।" कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे संदिग्ध करार देते हुए कहा, "भाजपा ने पहले केजरीवाल पर हुए हमलों को नाटक बताया था। अब उन्हें भी इसकी जांच करानी चाहिए कि यह कोई सुनियोजित घटना तो नहीं थी।" कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला दिल्ली में बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण का परिणाम हो सकता है। जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम, जो जनता और नेताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करते हैं, आमतौर पर सराहनीय होते हैं, लेकिन इस घटना ने इनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना का वर्णन करते हुए बताया कि यह सब इतनी तेजी से हुआ कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। एक गवाह, सुरेश खंडेलवाल ने बताया, "हमलावर मौके की तलाश में था। उसने पहले कागज दिए, फिर अचानक हमला कर दिया।" एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि हमले के बाद मुख्यमंत्री सदमे में थीं, और वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।

रेखा गुप्ता, जो 20 फरवरी 2025 से दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं, ने अपने कार्यकाल में कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान दिया है। वह दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री हैं और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग से आप की बंधना कुमारी को 29,595 वोटों से हराकर जीती थीं। उनकी जनसुनवाई में हर हफ्ते सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। इस घटना के बावजूद, सचदेवा ने कहा कि वह अपने जनता से मिलने के कार्यक्रम को जारी रखेंगी। दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या हमलावर का किसी राजनीतिक दल से संबंध था या उसकी कोई निजी शिकायत थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने कुछ टिप्पणियां की थीं, जो यह संकेत देती हैं कि वह किसी राजनीतिक दल के प्रति असंतोष व्यक्त कर रहा था। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए और जांच की जरूरत है। पुलिस ने गुजरात पुलिस के साथ समन्वय कर आरोपी की पृष्ठभूमि की जांच शुरू की है। इस घटना ने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बहस छेड़ दी है। दिल्ली, जो पहले से ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए चर्चा में रहता है, अब इस घटना के बाद और सवालों के घेरे में है। विपक्षी दलों ने इसे दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया, जबकि भाजपा ने इसे एक सुनियोजित हमला करार दिया।

Also Read- सपा विधायक पूजा पाल ने कहा- मुझे सही बोलने की सजा दी गई, मैं उन पीड़ित महिलाओं की आवाज हूं, सीएम योगी को धन्यवाद कहा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow