गाजियाबाद के इंदिरापुरम में पालतू कुत्ते का हमला, मेड घायल, सीसीटीवी में कैद हुई घटना, सुरक्षा पर सवाल।

Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक पालतू कुत्ते ने अमरपाली विलेज सोसाइटी में लिफ्ट के पास इंतजार

Aug 20, 2025 - 12:55
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गाजियाबाद के इंदिरापुरम में पालतू कुत्ते का हमला, मेड घायल, सीसीटीवी में कैद हुई घटना, सुरक्षा पर सवाल।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में पालतू कुत्ते का हमला, मेड घायल, सीसीटीवी में कैद हुई घटना, सुरक्षा पर सवाल।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक पालतू कुत्ते ने अमरपाली विलेज सोसाइटी में लिफ्ट के पास इंतजार कर रही एक घरेलू सहायिका पर हमला कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पीड़िता, जिसकी पहचान कल्पना के रूप में हुई है, सोसाइटी की सीएम टावर में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है। हमले के बाद वह दर्द से कराहती रही, लेकिन कुत्ते का मालिक उसे बिना सहायता दिए लिफ्ट में वापस चला गया। इस घटना ने दिल्ली-एनसीआर में पालतू और आवारा कुत्तों से संबंधित हमलों की बढ़ती समस्या को फिर से सामने ला दिया है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन पर सख्त नियम लागू करने का दबाव बढ़ गया है।

घटना मंगलवार शाम करीब 7:13 बजे अमरपाली विलेज सोसाइटी की सीएम टावर में हुई। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, एक व्यक्ति अपनी मां के साथ लिफ्ट में अपने पालतू कुत्ते के साथ था। फुटेज में दिखता है कि लिफ्ट में प्रवेश करने से पहले महिला कुत्ते को थप्पड़ मारने का इशारा करती है। 27 सेकंड बाद, जब लिफ्ट रुकी और दरवाजा खुला, कुत्ता तेजी से बाहर निकला और लिफ्ट के बाहर इंतजार कर रही कल्पना पर झपट पड़ा। उसने कल्पना के पैर पर काट लिया, जिससे वह दर्द से चिल्लाने लगी और लंगड़ाने लगी। कुत्ता इसके बाद सीढ़ियों की ओर भागा, फिर वापस लिफ्ट में चला गया। इस दौरान, कुत्ते का मालिक लिफ्ट से बाहर निकला, लेकिन उसने घायल कल्पना को कोई मदद नहीं दी और लिफ्ट में वापस चला गया। फुटेज में यह भी दिखा कि मालिक ने कुत्ते को सिर पर थप्पड़ मारा और उसकी मां ने फिर से कुत्ते को मारने का इशारा किया।

कल्पना, जो दर्द से कराह रही थी, ने अपनी चप्पल और फोन उठाया और दूसरी लिफ्ट में चढ़ गई। लिफ्ट के अंदर वह अपने जख्मी पैर को पकड़कर दर्द में तड़पती दिखी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुत्ते का मालिक भी उसी सीएम टावर में रहता है। इस घटना ने सोसाइटी में रहने वालों के बीच डर और गुस्सा पैदा कर दिया है। एक पड़ोसी, जो घटना के समय पास ही था, ने कुत्ते के भौंकने और कल्पना की चीख सुनकर बाहर आकर पूछताछ की। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कल्पना ने इस हमले के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की है या नहीं। यह घटना दिल्ली-एनसीआर में पालतू और आवारा कुत्तों द्वारा हमलों की बढ़ती समस्या का हिस्सा है। हाल के महीनों में, गाजियाबाद, नोएडा, और दिल्ली में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जो सीसीटीवी में कैद हुई हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। उदाहरण के लिए, मई 2024 में नोएडा के सेक्टर 107 की लोटस 300 सोसाइटी में एक किशोरी पर पालतू कुत्ते ने लिफ्ट में हमला किया था। सितंबर 2022 में, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की चार्म्स कासल सोसाइटी में एक बच्चे पर पालतू कुत्ते ने हमला किया था, जिसके मालिक ने बच्चे की मदद नहीं की। उसी महीने, नोएडा के सेक्टर 75 की अपेक्स एथेना सोसाइटी में एक डिलीवरी बॉय पर कुत्ते ने हमला किया था। इन घटनाओं ने पालतू कुत्तों के मालिकों की जिम्मेदारी और सोसाइटी में सुरक्षा नियमों की कमी पर सवाल उठाए हैं।

इस घटना ने स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के बीच गुस्सा पैदा किया है। अमरपाली विलेज सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि पहले भी कई बार पालतू कुत्तों के आक्रामक व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन मालिकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। एक निवासी, राकेश शर्मा, ने कहा, "हमारी सोसाइटी में कई लोग कुत्ते पालते हैं, लेकिन कुछ मालिक अपने पालतू जानवरों को बिना पट्टे के घुमाते हैं। यह खतरनाक है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।" एक अन्य निवासी, प्रीति सिंह, ने कहा, "इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। मालिकों को अपने कुत्तों को प्रशिक्षित करना चाहिए और सार्वजनिक जगहों पर पट्टा जरूर लगाना चाहिए।"

पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि पालतू कुत्तों का आक्रामक व्यवहार कई कारणों से हो सकता है, जैसे अपर्याप्त प्रशिक्षण, गर्मी के कारण चिड़चिड़ापन, या मालिकों द्वारा उचित देखभाल की कमी। नोएडा के एक पशु चिकित्सक, डॉ. तीर्थ राठौर, ने बताया, "कई बार मालिक अपने कुत्तों को सामाजिक प्रशिक्षण नहीं देते, जिससे वे अजनबियों के प्रति आक्रामक हो जाते हैं। गर्म और उमस भरे मौसम में कुत्तों का व्यवहार और चिड़चिड़ा हो सकता है।" उन्होंने सुझाव दिया कि मालिकों को अपने कुत्तों को नियमित रूप से टीके लगवाने चाहिए और उन्हें सार्वजनिक जगहों पर हमेशा पट्टे पर रखना चाहिए। गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सोसाइटी के साथ मिलकर पालतू कुत्तों के लिए नियमों को और सख्त करेंगे। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी, डॉ. अनुज सिंह, ने बताया कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य है, जिसमें टीकाकरण और देखभाल का रिकॉर्ड रखा जाता है। इस मामले में, उन्होंने पुष्टि की कि हमलावर कुत्ता नगर निगम में पंजीकृत नहीं था, जिसके लिए मालिक को 5,000 रुपये का जुर्माना नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा, "हम सोसाइटी के साथ बैठक करेंगे और पालतू जानवरों के लिए नियमों को लागू करने पर जोर देंगे।"

इस घटना ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा और पालतू कुत्तों से संबंधित व्यापक बहस को और तेज कर दिया है। हाल ही में, 11 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सभी आवारा कुत्तों को आश्रयों में ले जाने और उनकी नसबंदी व टीकाकरण सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। यह आदेश दिल्ली में कुत्तों के हमलों और रेबीज से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या के जवाब में आया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में रेबीज से होने वाली 36% मौतें होती हैं, और दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों की आबादी करीब 10 लाख है। इस आदेश के बाद, कई पशु प्रेमी संगठनों ने इसका विरोध किया, उनका कहना था कि आवारा कुत्तों को आश्रयों में ले जाना व्यावहारिक नहीं है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा और चिंता देखी जा रही है। एक्स पर कई यूजर्स ने मालिक की लापरवाही की निंदा की और सख्त कार्रवाई की मांग की। एक यूजर, लोकेश राय, ने लिखा, "यह घटना सीसीटीवी में कैद है, फिर भी मालिक ने कोई जिम्मेदारी नहीं दिखाई। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम होने चाहिए।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "पालतू कुत्तों को बिना पट्टे के लिफ्ट में ले जाना गलत है। मालिकों को जिम्मेदार बनना होगा।"

यह घटना दिल्ली-एनसीआर में पालतू और आवारा कुत्तों से संबंधित कई अन्य घटनाओं की कड़ी में शामिल है। 2024 में, नोएडा और गाजियाबाद में कुत्तों के हमलों में 65% की वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसमें ज्यादातर मामले आवारा कुत्तों से संबंधित थे, लेकिन पालतू कुत्तों के हमले भी कम नहीं थे। नोएडा में मई 2024 में 87% कुत्तों के काटने के मामले पालतू कुत्तों से थे। गाजियाबाद में, शिप्रा सन सिटी, इंदिरापुरम, और वसुंधरा जैसे क्षेत्रों को कुत्तों के हमलों के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। स्थानीय प्रशासन और आरडब्ल्यूए ने इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। गाजियाबाद की फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स ने सितंबर 2022 में पालतू कुत्तों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें कुत्तों को पट्टे पर रखना, मास्क पहनाना, और लिफ्ट में पालतू जानवरों को ले जाने से बचने की सलाह दी गई थी। हालांकि, कई पालतू मालिकों ने इन नियमों को मनमाना और गैर-कानूनी बताया। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत, कुत्तों को मास्क पहनाने को अनिवार्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे उनकी सांस लेने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर पालतू मालिकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्तों को सामाजिक प्रशिक्षण देना और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर नियंत्रित रखना जरूरी है। पशु कल्याण संगठन, पीपल फॉर एनिमल्स, ने सुझाव दिया कि सोसाइटी में कुत्तों के लिए विशेष क्षेत्र बनाए जाएं, जहां वे सुरक्षित रूप से घूम सकें। साथ ही, आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए सरकार को और सक्रिय होना चाहिए।

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