एपस्टीन फाइल्स से ब्रिटेन में हड़कंप, पूर्व अमेरिकी राजदूत गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स की नई रिलीज से ब्रिटिश राजनीति और रॉयल फैमिली में उथल-पुथल। 

जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स की हालिया रिलीज ने ब्रिटेन में भारी हलचल मचा दी है, जहां पूर्व अमेरिकी राजदूत पीटर मैंडेलसन को गिरफ्तार

Feb 24, 2026 - 14:52
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एपस्टीन फाइल्स से ब्रिटेन में हड़कंप, पूर्व अमेरिकी राजदूत गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स की नई रिलीज से ब्रिटिश राजनीति और रॉयल फैमिली में उथल-पुथल। 
एपस्टीन फाइल्स से ब्रिटेन में हड़कंप, पूर्व अमेरिकी राजदूत गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स की नई रिलीज से ब्रिटिश राजनीति और रॉयल फैमिली में उथल-पुथल। 
  • पीटर मैंडेलसन पर पब्लिक ऑफिस में कदाचार का आरोप, एपस्टीन को संवेदनशील जानकारी लीक करने का दावा

जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स की हालिया रिलीज ने ब्रिटेन में भारी हलचल मचा दी है, जहां पूर्व अमेरिकी राजदूत पीटर मैंडेलसन को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जनवरी 2026 में जारी की गई लाखों पेज की दस्तावेजों में मैंडेलसन और एपस्टीन के बीच ईमेल संवाद शामिल हैं, जो 2008-2010 के दौरान के हैं। इनमें मैंडेलसन पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार के कैबिनेट मंत्री के रूप में संवेदनशील राजनीतिक और बाजार-संबंधी जानकारी एपस्टीन को भेजी, जो उस समय ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बीच था। मैंडेलसन, जो लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं और 'प्रिंस ऑफ डार्कनेस' के नाम से जाने जाते हैं, को लंदन पुलिस ने 23 फरवरी 2026 को 'मिसकंडक्ट इन पब्लिक ऑफिस' के संदेह में गिरफ्तार किया। पुलिस ने 72 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार करने की पुष्टि की, लेकिन नाम नहीं लिया, हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में मैंडेलसन की पहचान स्पष्ट है। यह गिरफ्तारी एपस्टीन फाइल्स से जुड़े स्कैंडल की ताजा कड़ी है, जो ब्रिटेन की राजनीतिक और राजघराने की छवि को गहरा झटका दे रही है।

मैंडेलसन की गिरफ्तारी से पहले सितंबर 2025 में उन्हें अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत के पद से हटा दिया गया था, जब एपस्टीन फाइल्स की पिछली बैच में उनके और एपस्टीन के बीच दोस्ती के सबूत सामने आए। दस्तावेजों से पता चलता है कि एपस्टीन की 2008 में नाबालिग से यौन अपराध के लिए सजा के बाद भी मैंडेलसन ने संपर्क बनाए रखा। 2009 में मैंडेलसन ने एपस्टीन को बैंकर्स बोनस पर टैक्स कम करने की संभावना वाली सरकार की नीतियों की जानकारी दी, और एक अन्य ईमेल में 2008 क्राइसिस के बाद फंड जुटाने के आंतरिक रिपोर्ट फॉरवर्ड किए। ये जानकारी बाजार को प्रभावित करने वाली हो सकती थीं, जिससे मैंडेलसन पर सार्वजनिक पद पर विश्वासघात का गंभीर आरोप लगा। पुलिस ने फरवरी की शुरुआत में उनके विल्टशायर और कैमडेन स्थित दो ठिकानों पर सर्च किया, और जांच में मैंडेलसन को पूछताछ के लिए लंदन पुलिस स्टेशन ले जाया गया। मैंडेलसन ने एपस्टीन से जुड़े किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन जांच जारी है।

एपस्टीन फाइल्स की इस लहर ने ब्रिटेन में सिर्फ मैंडेलसन तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूर्व प्रिंस एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को भी प्रभावित किया है। फरवरी 2026 की शुरुआत में एंड्र्यू को भी मिसकंडक्ट इन पब्लिक ऑफिस के संदेह में गिरफ्तार किया गया था, जो ब्रिटिश रॉयल फैमिली के लिए सदियों में सबसे बड़ा झटका है। एंड्र्यू पर आरोप है कि उन्होंने एपस्टीन के साथ गोपनीय सामग्री साझा की, जब वे ब्रिटेन के ट्रेड एंवॉय थे। पुलिस ने उनकी सुरक्षा अधिकारियों से पूछताछ की कि उन्होंने क्या देखा या सुना। एंड्र्यू को 11 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा किया गया, लेकिन जांच जारी है। एपस्टीन फाइल्स में एंड्र्यू और एपस्टीन के बीच लंबे संबंधों के सबूत मिले हैं, जो पहले से ज्ञात से अधिक गहरे हैं। यह गिरफ्तारी राजघराने की छवि को और धूमिल कर रही है, जहां एंड्र्यू पहले से ही एपस्टीन से जुड़े यौन शोषण के आरोपों में फंसे हुए हैं।

एपस्टीन फाइल्स की रिलीज ने ब्रिटिश राजनीति में बड़े पैमाने पर हलचल पैदा की है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने मैंडेलसन को राजदूत क्यों नियुक्त किया, जबकि उनके एपस्टीन से पुराने संबंध ज्ञात थे। मैंडेलसन ने गिरफ्तारी के बाद लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्यता छोड़ दी। फाइल्स में एपस्टीन के साथ उनके ईमेल्स से पता चलता है कि उन्होंने सरकार की आंतरिक चर्चाओं को साझा किया, जैसे कि टैक्स पॉलिसी और फाइनेंशियल रिकवरी प्लान्स। यह 2008 क्राइसिस के समय का है, जब मैंडेलसन बिजनेस सेक्रेटरी थे। जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि क्या इन लीक से कोई व्यक्तिगत लाभ हुआ या बाजार में हेरफेर की कोशिश हुई। पुलिस ने जांच को तेज किया है, और मैंडेलसन को पूछताछ के लिए बुलाया गया।

इस स्कैंडल ने ब्रिटेन में एपस्टीन से जुड़े अन्य हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। एपस्टीन की मौत के बाद जारी फाइल्स में यूरोप के कई नेताओं और रॉयल्स के नाम आए हैं, लेकिन ब्रिटेन में कार्रवाई सबसे तेज हुई है। मैंडेलसन की गिरफ्तारी से पहले एंड्र्यू की गिरफ्तारी ने दिखाया कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। पुलिस ने एपस्टीन फाइल्स से मिले दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें ईमेल, रिपोर्ट्स और अन्य कम्युनिकेशंस शामिल हैं। मैंडेलसन के वकीलों ने टिप्पणी करने से इनकार किया है, लेकिन जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत होने का संकेत मिल रहा है। यह मामला ब्रिटिश इंटेलिजेंस और डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी पर भी सवाल उठा रहा है।

एपस्टीन फाइल्स ब्रिटेन में राजनीतिक संकट पैदा कर रही हैं, जहां लेबर पार्टी को आंतरिक असंतोष का सामना है। मैंडेलसन जैसे वरिष्ठ नेता का गिरफ्तार होना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। फाइल्स की रिलीज से पहले मैंडेलसन को राजदूत बनाना अब गलत फैसला लग रहा है। जांच में एपस्टीन को दी गई जानकारी के प्रभाव का आकलन किया जा रहा है, जैसे कि क्या इससे फाइनेंशियल मार्केट्स प्रभावित हुए या सरकारी नीतियां लीक हुईं। पुलिस ने सर्च वारंट जारी किए और मैंडेलसन के ठिकानों से सामग्री जब्त की। यह स्कैंडल ब्रिटेन की न्याय व्यवस्था की जांच भी है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में कितनी पारदर्शिता है।

यह घटनाक्रम एपस्टीन केस की वैश्विक पहुंच को दर्शाता है, जहां अमेरिकी फाइल्स ब्रिटेन में गिरफ्तारियां करवा रही हैं। मैंडेलसन और एंड्र्यू की गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि पुराने संबंध अब जांच के दायरे में हैं। ब्रिटेन में जनता और मीडिया का दबाव बढ़ रहा है कि पूरी सच्चाई सामने आए। जांच जारी है, और भविष्य में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एपस्टीन फाइल्स से जुड़े ये विकास ब्रिटेन की राजनीति और राजघराने को लंबे समय तक प्रभावित करेंगे।

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