कुशीनगर टोल प्लाजा पर बस की टक्कर से चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर मांगा न्याय। 

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक छोटी सी यात्रा दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। रविवार सुबह सलेमगढ़ टोल प्लाजा के पास दिल्ली से बिहार की ओर जा रही एक लग्जरी

Oct 28, 2025 - 12:38
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कुशीनगर टोल प्लाजा पर बस की टक्कर से चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर मांगा न्याय। 
कुशीनगर टोल प्लाजा पर बस की टक्कर से चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर मांगा न्याय। 

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक छोटी सी यात्रा दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। रविवार सुबह सलेमगढ़ टोल प्लाजा के पास दिल्ली से बिहार की ओर जा रही एक लग्जरी बस ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों मौके पर ही दम तोड़ दिए। मृतकों की पहचान बिहार के गोपालगंज जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के शुकदेवपट्टी गांव के निवासी 50 वर्षीय आलीम अंसारी और उनके 20 वर्षीय भतीजे अबरार अंसारी के रूप में हुई है। यह हादसा तरयासुजान थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब नौ बजे हुआ, जब टोल प्लाजा पर भीड़ के कारण हलचल मची हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बस चालक ने भीड़ से बचने की जल्दबाजी में बाइक को रौंद दिया। इस घटना ने न सिर्फ दो परिवारों को झकझोर दिया, बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए।

घटना उस समय घटी जब आलीम अंसारी और अबरार अपनी बाइक पर सलेमगढ़ टोल प्लाजा की ओर आ रहे थे। दोनों किसी काम से निकले थे और सामान्य तरीके से यात्रा कर रहे थे। दिल्ली से बिहार के सुपौल की ओर जा रही यह बस ओवरलोड बताई जा रही है, जिसमें यात्री भी भरे हुए थे। टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगी थी, और चालक शायद जल्दी से निकलना चाहते थे। फुटेज के अनुसार, बस ने अचानक लेन बदली की कोशिश की, लेकिन बाइक को देखते ही ब्रेक लगाने में नाकाम रहे। बाइक सवार दोनों बस के नीचे आ गए, और उनकी बॉडी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गई। आसपास के लोग चीखने-चिल्लाने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बस अनियंत्रित होकर आगे एक ट्रक से जा टकराई, लेकिन सौभाग्य से बस के यात्री बाल-बाल बच गए। चालक ने मौका पाकर बस छोड़ दी और फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक मृतक परिवार वाले भी मौके पर पहुंच चुके थे।

हादसे की खबर फैलते ही माहौल गमगीन हो गया। आलीम अंसारी के परिवार में पत्नी, तीन बच्चे और बुजुर्ग मां थीं, जो गोपालगंज में ही रहते हैं। अबरार एक युवा था, जो कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार की मदद करता था। दोनों चाचा-भतीजे रिश्तेदार के यहां से लौट रहे थे, और यह यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हुई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आलीम की पत्नी ने बताया कि पति सुबह ही निकले थे, और शाम तक घर लौटने वाले थे। अबरार के पिता ने कहा कि बेटा परिवार का सहारा था, और अब सब कुछ उजड़ गया। गोपालगंज से कुशीनगर सिर्फ कुछ घंटों की दूरी है, लेकिन इस हादसे ने सीमावर्ती इलाके के लोगों को डरा दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी गुस्सा जताया कि टोल प्लाजा पर स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड क्यों नहीं हैं।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को करीब डेढ़ घंटे तक जाम कर दिया। वे बस चालक की तुरंत गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग करने लगे। जाम के कारण दिल्ली-गोरखपुर हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई, और यात्रियों को परेशानी हुई। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तमकुहीराज उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने ग्रामीणों से लंबी बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि चालक को जल्द पकड़ लिया जाएगा, पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता मिलेगी, और जांच पूरी होने पर उचित मुआवजा दिया जाएगा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुला। इस दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया, जिसमें हादसे का पूरा दृश्य कैद है। लोग इसे शेयर कर रहे हैं और सड़क सुरक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। ट्विटर पर KushinagarAccident जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। तरयासुजान थानाध्यक्ष धनवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए कुशीनगर जिला अस्पताल भेज दिया। बस को जब्त कर थाने ले जाया गया। चालक की तलाश में छापेमारी की जा रही है, और उसका नाम अभी गुप्त रखा गया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बस की स्पीड 80 किलोमीटर से ज्यादा थी, और ओवरलोडिंग भी एक कारण हो सकता है। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। डीआईजी स्तर के अधिकारी ने बताया कि मामला गंभीर है, और आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत केस दर्ज होगा। परिजनों से भी बयान लिए गए हैं। गोपालगंज पुलिस से संपर्क कर मृतकों के परिचय की पुष्टि की गई। यह घटना बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर हुई, इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस समन्वय कर रही है।

यह हादसा कुशीनगर जिले के लिए दुखद है, जहां सड़क दुर्घटनाएं आम हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन रखरखाव की कमी से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टोल प्लाजा पर स्पीड लिमिट सख्ती से लागू होनी चाहिए। हाल ही में यूपी में कई सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें ओवरलोड वाहनों की भूमिका रही। सरकार ने सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया था, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव कम दिखता है। स्थानीय एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि जिले में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, और दोषी वाहनों पर जुर्माना बढ़ाया जाएगा। मृतक परिवार को 5 लाख रुपये का सरकारी मुआवजा मिल सकता है।

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