'बहन है मेरी' कहते ही भड़के थानाध्यक्ष, रेस्टोरेंट में भाई-बहन से दुर्व्यवहार; वीडियो वायरल, निलंबन की कार्रवाई।
बिहार के कटिहार जिले में एक छोटी सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। बारसोई थाना क्षेत्र के रास चौक पर स्थित बीआर-11 रेस्टोरेंट में भाई-बहन के साथ थानाध्यक्ष की बदसलूकी का
बिहार के कटिहार जिले में एक छोटी सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। बारसोई थाना क्षेत्र के रास चौक पर स्थित बीआर-11 रेस्टोरेंट में भाई-बहन के साथ थानाध्यक्ष की बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना 24 अक्टूबर 2025 की शाम की है, जब युवक यश अग्रवाल अपनी बहन और कुछ दोस्तों के साथ खाना खाने गए थे। थानाध्यक्ष रामचंद्र मंडल को रेस्टोरेंट में असामाजिक तत्वों की सूचना मिली थी, इसलिए वे अपनी टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे। लेकिन जांच के नाम पर जो हुआ, उसने न सिर्फ पीड़ित परिवार को परेशान किया, बल्कि पुलिस की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए।
घटना उस समय घटी जब थानाध्यक्ष रामचंद्र मंडल रेस्टोरेंट में घुसे। वे एक टेबल पर बैठे युवक यश अग्रवाल और उनकी बहन को देखते ही सवाल करने लगे। वीडियो में साफ दिख रहा है कि थानाध्यक्ष ने युवक से पूछा, 'ये कौन है?' यश ने सहजता से जवाब दिया, 'बहन है मेरी।' लेकिन यह जवाब सुनते ही थानाध्यक्ष भड़क गए। वे चिल्लाने लगे, 'बहन है तो ऐसे बोलेगा? ज्यादा गर्मी मत दिखाओ!' युवक ने शांत रहने की कोशिश की और कहा, 'आप खुद गलत तरीके से पूछ रहे हैं।' लेकिन थानाध्यक्ष नहीं माने। वे और ऊंची आवाज में बात करने लगे, वर्दी की धौंस दिखाते हुए युवक को धमकाने लगे। वीडियो में थानाध्यक्ष को यह कहते सुना जा सकता है कि युवक को अपनी बहन के साथ ऐसे व्यवहार नहीं करना चाहिए। आसपास के ग्राहक यह सब देखते रहे, लेकिन कोई बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। एक ग्राहक ने कोशिश तो की, लेकिन तनाव कम होने का नाम ही नहीं लिया।
यह पूरा वाकया रेस्टोरेंट के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। अगले ही दिन, 25 अक्टूबर को यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हो गया। देखते ही देखते यह वायरल हो गया। लोग इसे शेयर करने लगे और पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाने लगे। ट्विटर पर BiharPolice और ViralVideo जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने लिखा कि पुलिस को जांच तो करनी चाहिए, लेकिन आम नागरिकों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए। एक यूजर ने कमेंट किया, 'वर्दी का रौब दिखाने से बेहतर है कि कानून का पालन हो।' वायरल वीडियो ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर हलचल मचा दी, बल्कि पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया। मीडिया चैनलों ने भी इसे प्रमुखता से दिखाया। हिंदुस्तान, आजतक, न्यूज18 और टीवी9 हिंदी जैसे अखबारों और चैनलों ने खबर को कवर किया।
पुलिस विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया। वीडियो वायरल होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिली। कटिहार के डीएसपी अजय कुमार ने बताया कि थानाध्यक्ष को असामाजिक तत्वों की जानकारी मिली थी, इसलिए वे रेस्टोरेंट पहुंचे थे। लेकिन वीडियो देखने के बाद साफ था कि व्यवहार गलत था। पहले तो थानाध्यक्ष को शो कॉज नोटिस जारी किया गया। इसमें उनसे पूछा गया कि ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। थानाध्यक्ष ने अपना पक्ष रखा, लेकिन जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई। 27 अक्टूबर को शाम को ही पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) कटिहार ने आदेश जारी कर थानाध्यक्ष रामचंद्र मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन पत्र में कहा गया कि यह कार्रवाई वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें थानाध्यक्ष रेस्टोरेंट में बैठे व्यक्तियों से दुर्व्यवहार करते दिख रहे हैं। आगे की विभागीय जांच पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) द्वारा की जा रही है। डीएसपी अजय कुमार ने कहा, 'हम पुलिस की छवि को साफ रखने के लिए सख्त कदम उठाते हैं। पीड़ित पक्ष से भी बात हुई है, और उचित कार्रवाई होगी।'
पीड़ित यश अग्रवाल ने घटना के बाद अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वे अपनी बहन के साथ शांतिपूर्ण तरीके से खाना खा रहे थे। अचानक थानाध्यक्ष की टीम आई और बिना वजह सवाल करने लगी। 'मैंने तो सिर्फ सच्चाई बताई कि वह मेरी बहन है, लेकिन वे गुस्सा हो गए। हमें बहुत अपमानित महसूस हुआ,' यश ने कहा। उनकी बहन भी सदमे में थी। परिवार ने पहले तो चुप रहने का फैसला किया, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। यश के मुताबिक, थानाध्यक्ष ने न सिर्फ ऊंची आवाज में बात की, बल्कि टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद थे, जो चुपचाप खड़े थे। यह घटना चुनाव के समय हुई, जब पुलिस होटलों और रेस्टोरेंट्स की जांच कर रही थी। लेकिन सवाल यह उठता है कि जांच के नाम पर आम लोगों को क्यों परेशान किया जाए?
यह घटना बिहार पुलिस के लिए एक सबक है। हाल ही में बिहार में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। एक तरफ लोग कह रहे हैं कि थानाध्यक्ष ने सही जगह गलत तरीके से काम किया, तो दूसरी तरफ कुछ का मानना है कि युवक का रवैया भी ठीक नहीं था। लेकिन ज्यादातर लोग पुलिस के पक्ष में नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि जनता का विश्वास बना रहे। कटिहार के एसएसपी ने कहा कि विभाग में ट्रेनिंग पर जोर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
घटना के बाद रेस्टोरेंट के मालिक ने भी बयान दिया। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर शेयर किया, क्योंकि उन्हें लगा कि यह अन्याय है। रेस्टोरेंट में उस दिन कई ग्राहक थे, और सबने देखा कि कैसे माहौल बिगड़ गया। बारसोई एक छोटा सा कस्बा है, जहां ऐसी घटनाएं कम ही होती हैं। लेकिन अब यह खबर पूरे जिले में फैल चुकी है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि पुलिस को और संवेदनशील बनना चाहिए। यश अग्रवाल का परिवार अब सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा है, लेकिन घटना का असर अभी भी बना हुआ है।
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