परीक्षा केंद्र पर हाईटेक सेंधमारी की कोशिश विफल, पुलिस ने ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक चप्पल के साथ पकड़ा फर्जी अभ्यर्थी।
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO Exam 2026) की परीक्षा के दौरान सारण जिले के छपरा
- छपरा में BPSC परीक्षा के दौरान चप्पल में डिवाइस छिपाकर नकल, सिवान का युवक गिरफ्तार
- एईडीओ परीक्षा में मित्र की जगह पेपर देने पहुंचा मुन्नाभाई, समस्तीपुर से मंगाए गए थे नकल के आधुनिक उपकरण
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO Exam 2026) की परीक्षा के दौरान सारण जिले के छपरा शहर में नकल का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और नकलचियों के बढ़ते दुस्साहस पर नई बहस छेड़ दी है। सोमवार को शहर के प्रतिष्ठित साधु लाल उच्च विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सघन तलाशी अभियान के दौरान एक युवक को हाईटेक उपकरणों के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया। यह युवक कोई सामान्य परीक्षार्थी नहीं था, बल्कि वह किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने के लिए केंद्र के भीतर प्रवेश कर चुका था और तकनीक के सहारे प्रश्नपत्र हल करने की फिराक में था। पुलिस की सतर्कता ने न केवल इस धोखाधड़ी को पकड़ा, बल्कि परीक्षा की शुचिता को भंग होने से भी बचा लिया। गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान सिवान जिले के निवासी रोहित कुमार के रूप में हुई है। जांच में यह बात स्पष्ट हुई कि रोहित खुद उम्मीदवार नहीं था, बल्कि वह अपने एक करीबी मित्र के स्थान पर परीक्षा देने के लिए छपरा पहुंचा था। परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले और परीक्षा शुरू होने के शुरुआती समय में उसने खुद को सामान्य दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सुरक्षा में तैनात अधिकारियों की पैनी नजर से वह बच नहीं सका। इस गिरफ्तारी के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर और भीतर सुरक्षा कड़ी कर दी गई और पकड़े गए आरोपी को तुरंत नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, ताकि उससे कड़ी पूछताछ कर इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) उपेंद्र मांझी मेटल डिटेक्टर के साथ परीक्षार्थियों की अंतिम दौर की जांच कर रहे थे। जब रोहित की बारी आई, तो मेटल डिटेक्टर ने संदिग्ध संकेत दिए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी का माथा ठनका। हालांकि शुरुआती शारीरिक तलाशी में कुछ स्पष्ट नहीं हुआ, लेकिन आरोपी की घबराहट और उसके चलने के असामान्य तरीके ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। इसके बाद जब उसकी सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। आरोपी ने अपने पैरों में पहनी चप्पल के भीतर एक बेहद जटिल और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक सर्किट छिपा रखा था, जिसे सामान्य तौर पर देख पाना लगभग नामुमकिन था। नकल के इस हाईटेक तरीके का जब गहराई से विश्लेषण किया गया, तो पता चला कि आरोपी ने चप्पल के तलवे को काटकर उसमें एक विशेष संचार डिवाइस फिट की थी। यह डिवाइस एक सिम कार्ड और बैटरी से जुड़ी थी, जो कान में लगे एक अत्यंत छोटे (नैनो) ब्लूटूथ डिवाइस से वायरलेस तरीके से कनेक्टेड थी। यह पूरी प्रणाली एकतरफा संचार (वन-वे कम्युनिकेशन) पर आधारित थी। इसका मतलब यह था कि बाहर बैठा हुआ कोई मास्टरमाइंड लगातार उसे प्रश्नों के उत्तर बता रहा था और रोहित चुपचाप उन्हें सुनकर अपनी उत्तर पुस्तिका पर लिख रहा था। तकनीक का यह इस्तेमाल इतना बारीक था कि बिना तकनीकी जांच के इसे पकड़ना लगभग असंभव था।
तकनीक और अपराध का गठजोड़
आधुनिक दौर में जहां परीक्षा प्रणालियां डिजिटल हो रही हैं, वहीं नकल करने वाले गिरोह भी अब पुराने तरीकों को छोड़कर माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स का सहारा ले रहे हैं। चप्पल में फिट किए गए इस डिवाइस में जीएसएम मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया था, जो मोबाइल नेटवर्क के जरिए काम करता है।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी रोहित कुमार ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले बयान दिए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह यह जोखिम केवल अपने मित्र की मदद करने और कुछ आर्थिक लाभ के लालच में उठा रहा था। सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई कि यह हाईटेक चप्पल और ब्लूटूथ का सेट उसने समस्तीपुर जिले से किसी अज्ञात स्रोत से मंगवाया था। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बिहार के विभिन्न जिलों में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो बड़ी परीक्षाओं के दौरान मोटी रकम लेकर इस तरह के उपकरण उपलब्ध कराते हैं। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जिनसे यह पता चल सके कि समस्तीपुर में इस अवैध तकनीक का निर्माण या वितरण कौन कर रहा था। नगर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से बरामद किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया गया है और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस ने विद्यालय प्रशासन से औपचारिक आवेदन प्राप्त कर लिया है और विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब उस मूल अभ्यर्थी की भी तलाश कर रही है जिसके स्थान पर रोहित परीक्षा दे रहा था, क्योंकि वह भी इस आपराधिक साजिश का बराबर का हिस्सेदार है। इस घटना ने प्रशासन को आगामी परीक्षाओं के लिए और अधिक सतर्क रहने का संदेश दिया है।
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