यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं के 52 लाख छात्रों का इंतजार खत्म होने को, डिजीलॉकर पर 'Coming Soon' का संदेश।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की परीक्षाओं
- बोर्ड रिजल्ट की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, डिजीलॉकर कंफर्मेशन के बाद अब किसी भी वक्त हो सकती है आधिकारिक तिथि की घोषणा
- डिजिटल मार्कशीट के लिए तैयार रहें परीक्षार्थी, यूपीएमएसपी ने रिजल्ट पोर्टल पर शुरू किया फाइनल डेटा अपलोडिंग का काम
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की परीक्षाओं में शामिल हुए 52 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का लंबा इंतजार अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। सरकारी दस्तावेज साझाकरण प्लेटफॉर्म 'डिजीलॉकर' (DigiLocker) के आधिकारिक पोर्टल पर यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 के लिए 'कमिंग सून' (Coming Soon) का स्टेटस प्रदर्शित होना शुरू हो गया है। तकनीकी रूप से इस संदेश का अर्थ यह होता है कि संबंधित विभाग या बोर्ड ने अपना परिणाम डेटा डिजीलॉकर के सर्वर पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है या डेटा पूरी तरह से तैयार है। इस बड़े अपडेट ने छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह और उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है, क्योंकि यह परिणाम की घोषणा के लिए सबसे विश्वसनीय संकेतों में से एक माना जाता है। इस वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में कुल 52,30,184 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से हाईस्कूल के लिए 27,50,843 और इंटरमीडिएट के लिए 24,79,341 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षाओं का आयोजन 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच सुव्यवस्थित ढंग से किया गया था। कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य मार्च के अंतिम सप्ताह में ही युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया गया था। वर्तमान में बोर्ड के अधिकारी रिजल्ट तैयार करने के अंतिम चरण में हैं, जिसमें टॉपरों की कॉपियों का मिलान और डेटा की क्रॉस-चेकिंग की जा रही है। डिजीलॉकर पर अपडेट आने के बाद यह स्पष्ट है कि बोर्ड अब परिणाम जारी करने के लिए केवल शासन की हरी झंडी और एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार कर रहा है।
डिजीलॉकर के माध्यम से परिणाम देखने की सुविधा उन छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होती है जो आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण रिजल्ट नहीं देख पाते। जैसे ही यूपीएमएसपी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम घोषित करेगा, छात्र डिजीलॉकर ऐप या वेबसाइट पर जाकर अपनी 'डिजिटल मार्कशीट' डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिजिटल अंकपत्र कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य होता है और भविष्य में प्रवेश प्रक्रियाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए छात्रों को अपने मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के जरिए डिजीलॉकर पर लॉगिन करना होगा और 'एजुकेशन' सेक्शन में जाकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद का चयन करना होगा, जहां उन्हें अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी। विगत वर्षों के रुझानों को देखें तो यूपी बोर्ड अक्सर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही अपने परिणामों की घोषणा करता रहा है। वर्ष 2025 में भी रिजल्ट 25 अप्रैल को जारी किया गया था। इस बार भी विभिन्न विश्वसनीय सूत्रों और तकनीकी अपडेट्स के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 25 अप्रैल से 29 अप्रैल 2026 के बीच परिणाम किसी भी समय लाइव हो सकते हैं। बोर्ड सचिव और अन्य अधिकारी फिलहाल प्रयागराज स्थित मुख्यालय में तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। बोर्ड का लक्ष्य इस बार भी रिकॉर्ड समय में त्रुटिहीन परिणाम जारी कर अपने पिछले कीर्तिमानों को बनाए रखने का है।
सफलता के लिए पासिंग क्राइटेरिया
यूपी बोर्ड की नियमावली के अनुसार, 10वीं और 12वीं के प्रत्येक छात्र को प्रत्येक विषय में और कुल मिलाकर न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में 33% से कम अंक पाता है, तो उसे 'कंपार्टमेंट परीक्षा' के जरिए अपने स्कोर सुधारने का एक और अवसर दिया जाएगा। हालांकि, दो से अधिक विषयों में फेल होने पर छात्र को उसी कक्षा में दोबारा पढ़ाई करनी होगी।
परिणाम घोषित होने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक तरीकों से भी देख सकेंगे। यदि इंटरनेट की गति धीमी है, तो एसएमएस (SMS) सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए हाईस्कूल के छात्रों को 'UP10 <Space> Roll Number' और इंटरमीडिएट के छात्रों को 'UP12 <Space> Roll Number' टाइप कर 56263 पर भेजना होगा। इसके अलावा 'उमंग' (UMANG) ऐप पर भी रिजल्ट देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट देखते समय अपनी मार्कशीट पर दिए गए नाम, पिता का नाम और विषय कोड जैसे महत्वपूर्ण विवरणों की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि किसी भी विसंगति की स्थिति में तुरंत स्कूल या बोर्ड से संपर्क किया जा सके। इस वर्ष के परिणामों में छात्रों के पास प्रतिशत और टॉपरों की सूची पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। पिछले वर्ष हाईस्कूल का पास प्रतिशत 90% से ऊपर रहा था, वहीं इंटरमीडिएट में भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया था। बोर्ड ने इस बार भी उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री द्वारा टॉपरों की घोषणा के साथ ही जिलों के अनुसार प्रदर्शन का डेटा भी जारी किया जाएगा। बोर्ड अधिकारियों ने परीक्षार्थियों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही अपनी नजरें बनाए रखें।
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