Radhika Yadav की हत्या मामले में नया मोड़, पिता दीपक यादव ने तीन गोलियां मारी, PM रिपोर्ट में मिलीं 4
Radhika Yadav murder case: गुरुग्राम के सेक्टर 57, सुशांत लोक में 10 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना में 25 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी Radhika Yadav ...
Radhika Yadav murder case: गुरुग्राम के सेक्टर 57, सुशांत लोक में 10 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना में 25 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी Radhika Yadav की उनके पिता दीपक यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दीपक ने इस हत्या की योजना पहले से बनाई थी और वह सामाजिक तानों से इतना तंग था कि उसने आत्महत्या करने का भी मन बना लिया था। दीपक ने पुलिस को बताया कि उनके पैतृक गांव वजीराबाद में लोग उनकी बेटी की कमाई पर जीने और उस पर नियंत्रण न होने के ताने मारते थे। इस तनाव के कारण उसने राधिका से अपनी टेनिस अकादमी बंद करने को कहा, लेकिन राधिका के इनकार करने पर उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया है और उसे 11 जुलाई 2025 को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
Radhika Yadav, जो एक राज्य-स्तरीय टेनिस खिलाड़ी थीं और अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (ITF) की डबल्स रैंकिंग में नवंबर 2024 में 113वें स्थान पर थीं, गुरुग्राम के सेक्टर 57 में अपने परिवार के दो मंजिला घर में रहती थीं। 10 जुलाई 2025 को सुबह करीब 10:30 बजे, राधिका रसोई में खाना बना रही थीं, जब उनके पिता दीपक यादव (49) ने अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर से उन पर पांच गोलियां चलाईं। इनमें से तीन गोलियां राधिका की पीठ और कमर में लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल हथियार, पांच खाली कारतूस, और एक जिंदा कारतूस बरामद किया।
राधिका के चाचा कुलदीप यादव, जो उसी घर की निचली मंजिल पर अपनी पत्नी सीमा और बेटी अनमोल के साथ रहते हैं, ने गोली चलने की आवाज सुनी। उन्होंने बताया कि सुबह 10:30 बजे एक तेज आवाज सुनाई दी, जिसे राधिका की मां मंजू यादव ने शुरू में प्रेशर कुकर फटने की आवाज समझा। कुलदीप और उनके बेटे पीयूष ने राधिका को रसोई में खून से लथपथ पाया और पास के ड्राइंग रूम में रिवॉल्वर पड़ा हुआ था। उन्होंने राधिका को तुरंत सेक्टर 56 के एशिया मारिंगो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुलदीप की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने दीपक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
- पुलिस जांच और दीपक का कबूलनामा
पुलिस ने दीपक यादव को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने अपराध कबूल किया और बताया कि वह अपनी बेटी की टेनिस अकादमी और उसकी आर्थिक स्वतंत्रता से परेशान था। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दीपक ने स्वीकार किया कि वह अपने गांव वजीराबाद में लोगों के तानों से तंग था, जो कहते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर जीता है और उसका राधिका पर कोई नियंत्रण नहीं है। दीपक ने कहा, “जब मैं वजीराबाद गांव दूध लेने जाता था, लोग मुझ पर ताने कसते थे कि मैं अपनी बेटी की कमाई पर जीता हूं। कुछ लोग मेरी बेटी के चरित्र पर भी सवाल उठाते थे। मैंने राधिका से कई बार अकादमी बंद करने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। यह बात मुझे बहुत परेशान करती थी।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दीपक ने हाल ही में वजीराबाद की यात्रा की थी, जहां इन तानों ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया। उसने पिछले तीन दिनों से राधिका से अकादमी बंद करने की मांग की थी, लेकिन राधिका ने तर्क दिया कि दीपक ने ही उनके टेनिस करियर में दो करोड़ रुपये का निवेश किया था, और अब अकादमी बंद करना संभव नहीं था। इस बात से नाराज दीपक ने हत्या की योजना बनाई। उसने अपने बेटे धीरज को उस सुबह किराने का सामान लाने भेजा और मौका पाकर राधिका पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि यह हत्या आवेश में नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दीपक सामाजिक तानों और अपमान से इतना परेशान था कि उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया था। सूत्रों के अनुसार, उसने पिछले 15 दिनों से अवसाद का सामना किया था और अपनी बेटी की हत्या से पहले आत्महत्या करने पर विचार कर रहा था। हालांकि, उसने अंत में अपनी बेटी पर गोलियां चलाने का फैसला लिया। गुरुग्राम पुलिस के सहायक आयुक्त यशवंत यादव ने बताया कि दीपक ने अपनी बेटी की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक दबाव को अपमान के रूप में लिया, जिसने उसे इस जघन्य अपराध के लिए उकसाया।
Radhika Yadav एक होनहार टेनिस खिलाड़ी थीं, जिन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। नवंबर 2024 में उनकी ITF डबल्स रैंकिंग 113 थी, और वह हरियाणा की महिला डबल्स रैंकिंग में पांचवे स्थान पर थीं। दो साल पहले कंधे की चोट के कारण वह प्रतिस्पर्धी टेनिस से हट गईं और मार्च 2025 में गुरुग्राम के सेक्टर 57 में अपनी टेनिस अकादमी शुरू की। वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय थीं और हाल ही में एक म्यूजिक वीडियो ‘करवां’ में नजर आई थीं, जिसे स्वतंत्र कलाकार इनाम ने बनाया था।
दीपक यादव और उनका परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था। दीपक और उनके भाई कुलदीप रियल एस्टेट और किराये के व्यवसाय से हर महीने 15-17 लाख रुपये कमाते थे। उनके पास गुरुग्राम में एक आलीशान फार्महाउस और कई संपत्तियां थीं। दीपक ने पहले एक कार पार्ट्स की दुकान चलाई थी, जिसे उन्होंने कुछ समय पहले बंद कर दिया था। परिवार में कोई आर्थिक तंगी नहीं थी, लेकिन दीपक को राधिका की स्वतंत्रता और उनकी अकादमी से होने वाली कमाई पर गांव वालों के ताने असहनीय लगे।
पुलिस कई अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। कुछ सूत्रों ने संकेत दिया कि दीपक को राधिका के सोशल मीडिया रील्स और म्यूजिक वीडियो में उनकी उपस्थिति से भी आपत्ति थी। एक पड़ोसी ने दावा किया कि राधिका किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करना चाहती थीं, जो उनकी जाति से बाहर था, जिसका दीपक ने विरोध किया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक प्रेम संबंध या सोशल मीडिया से जुड़े किसी विवाद को हत्या का मुख्य कारण नहीं माना है। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा, “हम सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक टेनिस अकादमी और सामाजिक तानों का मुद्दा ही मुख्य मकसद लगता है।”
राधिका की मां मंजू यादव, जो घटना के समय घर पर थीं, ने पुलिस को लिखित बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि वह बुखार से पीड़ित थीं और उन्हें नहीं पता कि हत्या क्यों हुई। उन्होंने राधिका के चरित्र को अच्छा बताया और इस घटना पर हैरानी जताई।
यह घटना सामाजिक दबाव, पितृसत्तात्मक मानसिकता, और परिवारों में आर्थिक स्वतंत्रता को लेकर तनाव को उजागर करती है। राधिका की सफलता और स्वतंत्रता उनके पिता के लिए सामाजिक अपमान का कारण बन गई, जो वजीराबाद जैसे ग्रामीण समुदाय में पारंपरिक मान्यताओं से प्रभावित थी। X पर इस घटना को लेकर कई पोस्ट्स वायरल हुईं, जिनमें लोग इस हत्या को ऑनर किलिंग या पितृसत्तात्मक नियंत्रण से जोड़ रहे थे। एक यूजर ने लिखा, “यह घटना दर्शाती है कि समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता को अभी भी स्वीकार नहीं किया जाता।” हालांकि, ये पोस्ट्स केवल भावनाओं को दर्शाती हैं और तथ्यों की पुष्टि के लिए विश्वसनीय नहीं हैं।
11 जुलाई 2025 को गुरुग्राम की एक अदालत ने दीपक को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा। पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी थी, ताकि दीपक के रिवॉल्वर की गोला-बारूद की बरामदगी और अन्य सबूतों की जांच की जा सके। पुलिस को संदेह है कि दीपक के पास रेवाड़ी के पास कसम गांव में जमीन है, जहां से अतिरिक्त गोला-बारूद बरामद हो सकता है। राधिका का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों, खासकर मंजू यादव, से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें हत्या की योजना की जानकारी थी।
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