अहमदाबाद में Air India विमान हादसा- AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा, टेकऑफ के बाद दोनों इंजनों का ईंधन अचानक हुए थे बंद। 

Air India plane crash Ahmedabad: अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाले Air India के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट AI171) के टेकऑफ ....

Jul 12, 2025 - 11:04
Jul 12, 2025 - 15:06
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अहमदाबाद में Air India विमान हादसा- AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा, टेकऑफ के बाद दोनों इंजनों का ईंधन अचानक हुए थे बंद। 
अहमदाबाद में Air India विमान हादसा- AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा, टेकऑफ के बाद दोनों इंजनों का ईंधन अचानक हुए थे बंद। 

Air India plane crash Ahmedabad: अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाले Air India के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट AI171) के टेकऑफ के 32 सेकंड बाद क्रैश होने से 260 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य और 19 लोग ज़मीन पर थे। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को अपनी 15 पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजनों का ईंधन आपूर्ति स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चला गया, जिससे इंजन बंद हो गए और विमान नियंत्रण से बाहर होकर बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में गिर गया। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से पता चला कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “तुमने ईंधन क्यों काटा?” जिसके जवाब में दूसरा पायलट बोला, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि ईंधन कटौती पायलटों की जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं थी। य

Air India की फ्लाइट AI171, जो बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (VT-ANB) थी, 12 जून 2025 को दोपहर 1:37 बजे (08:07 UTC) अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे 23 से उड़ान भरी। विमान में 230 यात्री (15 बिजनेस क्लास, 215 इकोनॉमी क्लास, जिसमें दो शिशु शामिल थे), 10 केबिन क्रू, और दो पायलट थे। विमान का वजन 2,13,401 किलोग्राम था, जो अधिकतम टेकऑफ वजन (2,18,183 किग्रा) के करीब था, और इसमें 54,200 किग्रा ईंधन था। टेकऑफ के 32 सेकंड बाद, विमान हवाई अड्डे की सीमा से 0.9 नॉटिकल मील (1.6 किमी) दूर बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में क्रैश हो गया, जिससे भयानक विस्फोट हुआ। इस हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा, जबकि 241 लोग और ज़मीन पर 19 लोग मारे गए, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी भी शामिल थे।

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट: प्रमुख निष्कर्ष

AAIB की 15 पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट, जो 12 जुलाई 2025 को जारी की गई, हादसे के शुरुआती निष्कर्षों को दर्शाती है। रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

ईंधन कटौती का समय और स्विच की स्थिति:

विमान ने 08:08:39 UTC (1:38:39 IST) पर टेकऑफ किया और 08:08:42 UTC (1:38:42 IST) पर 180 नॉट की अधिकतम गति हासिल की।

ठीक इसके बाद, दोनों इंजनों (GE GEnx-1B) के ईंधन कटऑफ स्विच एक सेकंड के अंतराल में ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए।

इससे इंजनों की फैन रोटेशन स्पीड (N1 और N2) टेकऑफ मान से नीचे गिर गई, जिसके कारण दोनों इंजन बंद हो गए।

कॉकपिट में भ्रम की स्थिति:

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को दूसरे से पूछते सुना गया, “तुमने कटऑफ क्यों किया?” जिसके जवाब में दूसरा पायलट कहता है, “मैंने ऐसा नहीं किया।”

यह संवाद दर्शाता है कि ईंधन कटौती पायलटों की जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं थी, जिससे तकनीकी खराबी या अनजाने में स्विच के हिलने की संभावना बढ़ती है।

पायलटों की कोशिशें:

08:08:52 UTC पर इंजन 1 का कटऑफ स्विच ‘CUTOFF’ से ‘RUN’ स्थिति में लौटा, और चार सेकंड बाद इंजन 2 का स्विच भी ‘RUN’ में लौटा।

इंजन 1 ने रीलाइट की प्रक्रिया शुरू की और आंशिक रूप से ठीक होने के संकेत दिखाए, लेकिन इंजन 2 ठीक नहीं हो सका।

रैम एयर टरबाइन (RAT), जो आपातकालीन बिजली प्रदान करता है, तुरंत सक्रिय हो गया, लेकिन कम ऊंचाई के कारण विमान को बचाना संभव नहीं हुआ।

मेडे कॉल और क्रैश:

08:09:05 UTC (1:39:05 IST) पर, पायलटों ने “मेडे मेडे मेडे” संदेश भेजा, जो आपातकालीन स्थिति का संकेत था।

इसके नौ सेकंड बाद, 08:09:11 UTC (1:39:11 IST) पर, विमान क्रैश हो गया।

अन्य जांच निष्कर्ष:

ईंधन के नमूने जांचे गए और उनमें कोई दूषण नहीं पाया गया।

मौसम साफ था, हल्की हवाएं थीं, और कोई पक्षी गतिविधि नहीं थी, जिससे पक्षी टकराने की संभावना खारिज हो गई।

विमान का फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और लैंडिंग गियर (नीचे) टेकऑफ के लिए सामान्य थे।

दोनों पायलट अनुभवी थे: कप्तान सुमीत सभरवाल के पास 8,200 उड़ान घंटे और को-पायलट क्लाइव कुंदर के पास 1,100 उड़ान घंटे थे।

जांच का दायरा और तकनीकी पहलू

AAIB की जांच में भारतीय वायुसेना, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), बोइंग, GE, और अन्य अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं। जांच के कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:

ईंधन कटऑफ स्विच की भूमिका:

बोइंग 787 के कॉकपिट में ईंधन कटऑफ स्विच थ्रॉटल लीवर के पीछे होते हैं और इनमें लॉकिंग मैकेनिज्म होता है, जो अनजाने में हिलने से रोकता है।

2018 में FAA ने एक सलाह (SAIB NM-18-33) जारी की थी, जिसमें ईंधन कटऑफ स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म की जांच की सलाह दी गई थी, लेकिन यह अनिवार्य नहीं था। Air India ने इस सलाह के तहत निरीक्षण नहीं किया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्विच को ‘CUTOFF’ स्थिति में ले जाना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लिए जानबूझकर मेटल बार उठाना पड़ता है। यह सवाल उठता है कि क्या स्विच तकनीकी खराबी के कारण अपने आप हिल गए।

ब्लैक बॉक्स डेटा:

विमान के दो ब्लैक बॉक्स (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) बरामद किए गए।

आगे का एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (EAFR) डेटा प्रदान कर सका, लेकिन पीछे का EAFR क्षतिग्रस्त होने के कारण डेटा नहीं दे सका।

49 घंटे का फ्लाइट डेटा और दो घंटे की कॉकपिट ऑडियो जांच के लिए उपलब्ध है।

विमान का रखरखाव:

विमान की आखिरी बड़ी रखरखाव जांच (L1-1 और L1-2) 38,504:12 घंटे और 7,255 साइकिल पर हुई थी। अगली बड़ी जांच (D-चेक) दिसंबर 2025 में होनी थी।

चार गैर-महत्वपूर्ण न्यूनतम उपकरण सूची (MEL) मुद्दे 9 जून 2025 से सक्रिय थे, लेकिन इनका ईंधन प्रणाली से कोई संबंध नहीं था।

मलबा और साक्ष्य:

दोनों इंजन मलबे से बरामद किए गए और हवाई अड्डे के हैंगर में अलग रखे गए।

मलबे की ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी हो चुकी है, और प्रमुख हिस्सों को आगे की जांच के लिए अलग किया गया है।

एकमात्र जीवित यात्री और गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, और चालक दल व यात्रियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है।

रिपोर्ट अभी किसी एक कारण को पक्का नहीं मानती, लेकिन कई संभावनाएं जांच के दायरे में हैं:

तकनीकी खराबी: FAA की 2018 सलाह के आधार पर, स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म में खराबी की संभावना की जांच हो रही है। विशेषज्ञ शॉन प्रुचनिकी ने सवाल उठाया कि क्या स्विच अपने आप ‘CUTOFF’ स्थिति में जा सकता है।

मानवीय भूल: हालांकि पायलटों ने कटौती से इनकार किया, लेकिन जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या अनजाने में स्विच हिल गया। विशेषज्ञ जॉन कॉक्स के अनुसार, स्विच को गलती से हिलाना मुश्किल है, लेकिन पहले भी इस तरह की घटनाएं (जैसे 1980 में डेल्टा एयरलाइंस बोइंग 767) हुई हैं।

जानबूझकर कार्रवाई: हालांकि इसकी संभावना कम है, लेकिन जांच में इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।

अन्य कारक: पक्षी टकराव, ईंधन दूषण, या मौसम संबंधी समस्याएं खारिज हो चुकी हैं। रनवे की स्थिति और विमान का वजन भी सामान्य था।

यह हादसा भारत में हाल के दशकों का सबसे घातक विमान हादसा है और बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का पहला घातक हादसा है। X पर कई पोस्ट्स में इस हादसे को रखरखाव और सुरक्षा मानकों में कमी से जोड़ा गया। एक यूजर ने लिखा, “260 लोगों की मौत और इतनी बड़ी चूक? यह सरकार और एयरलाइन की नाकामी है।” हालांकि, ये पोस्ट्स केवल भावनाओं को दर्शाते हैं और तथ्यों की पुष्टि के लिए विश्वसनीय नहीं हैं।

Air India ने बयान जारी कर कहा, “हम AI171 हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।” बोइंग ने भी जांच में सहयोग की बात कही और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

AAIB ने अभी तक बोइंग 787-8 या GE GEnx-1B इंजन ऑपरेटरों के लिए कोई सुरक्षा सिफारिश जारी नहीं की है। जांच में अगले चरण में ईंधन प्रणाली, स्विच मैकेनिज्म, और मानवीय कारकों का गहराई से विश्लेषण होगा। अंतिम रिपोर्ट, जो संभावित कारणों और सिफारिशों को स्पष्ट करेगी, जून 2026 तक अपेक्षित है।

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