UP: अमेठी में रोडवेज बस की खराबी: यात्रियों और पुलिस ने मिलकर लगाया धक्का, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल। 

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में 21 जून 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक बार फिर राज्य की परिवहन व्यवस्था की बदहाली को...

Jun 23, 2025 - 12:16
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UP: अमेठी में रोडवेज बस की खराबी: यात्रियों और पुलिस ने मिलकर लगाया धक्का, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल। 

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में 21 जून 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक बार फिर राज्य की परिवहन व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर दिया। अमेठी डिपो से सुल्तानपुर जा रही एक रोडवेज बस तकनीकी खराबी के कारण स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद यात्रियों, रोडवेज कर्मचारियों और स्थानीय पुलिसकर्मियों को मिलकर बस को धक्का लगाना पड़ा ताकि इसे स्टार्ट किया जा सके। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि उत्तर प्रदेश रोडवेज की रखरखाव प्रणाली और सरकारी दावों पर सवाल उठाए। 21 जून 2025 को अमेठी बस स्टैंड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब अमेठी डिपो की एक रोडवेज बस, जो सुल्तानपुर के लिए रवाना होने वाली थी, तकनीकी खराबी के कारण स्टार्ट नहीं हुई। यह बस सुबह करीब 10 बजे यात्रियों को लेकर निकलने वाली थी, लेकिन इंजन में खराबी के कारण यह अपने स्थान पर ही खड़ी रही। यात्रियों की भीड़ बस में सवार थी, और कई लोग बस स्टैंड पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जब बस के स्टार्ट न होने की खबर फैली, तो यात्रियों में नाराजगी बढ़ने लगी।

कुछ देर बाद, रोडवेज कर्मचारियों ने बस को स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे। इसके बाद, ड्राइवर और कंडक्टर ने यात्रियों से बस को धक्का लगाने की अपील की। हैरानी की बात यह रही कि इस काम में स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल हो गए। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दर्जनों यात्री, रोडवेज कर्मचारी और कुछ पुलिसकर्मी बस को पीछे से धक्का दे रहे हैं, जबकि ड्राइवर स्टेयरिंग संभाले हुए है। वीडियो में यात्रियों की नाराजगी और आपस में होने वाली बातचीत भी सुनाई दे रही है, जिसमें लोग रोडवेज की खराब व्यवस्था पर तंज कस रहे हैं। इस घटना का वीडियो एक स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो X और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। X पर @aajtak ने इस घटना को साझा करते हुए लिखा, "अमेठी: स्टार्ट नहीं हुई बस, धक्का लगाकर चलानी पड़ी – वीडियो वायरल।" इसी तरह, @AmethiliveCom ने लिखा, "सरकारी दावों की पोल खोलने नजर आई तस्वीर, परिवहन विभाग की बस धक्का प्लेट।" यह वीडियो न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। यह घटना उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बदहाल स्थिति को उजागर करती है। अमेठी डिपो की बसें पहले भी कई बार खराबी के कारण चर्चा में रही हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि रोडवेज की बसें अक्सर मरम्मत के अभाव में खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है। इस घटना में बस को धक्का लगाने की नौबत इसलिए आई, क्योंकि इसका इंजन बार-बार बंद हो रहा था।

X पर @samajwadiparty ने इस घटना पर तंज कसते हुए लिखा, "ये है भाजपा का विकास! अमेठी में रोडवेज की बस को धक्का लगा रहे यात्री। जनता पूरा किराया भी दे और बस को धक्का भी लगाए।" यह टिप्पणी सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति के बीच के अंतर को रेखांकित करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमेठी डिपो की अधिकांश बसें पुरानी हो चुकी हैं, और उनके नियमित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता। कुछ यात्रियों ने बताया कि ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं, और कई बार बसें रास्ते में खराब होकर यात्रियों को बीच रास्ते में छोड़ देती हैं। इस घटना में पुलिसकर्मियों का बस को धक्का लगाते हुए शामिल होना भी चर्चा का विषय बना। एक ओर, कुछ लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की, क्योंकि उन्होंने यात्रियों की मदद के लिए तुरंत कदम उठाया। लेकिन दूसरी ओर, कई लोगों ने इसे शर्मनाक बताया, क्योंकि यह परिवहन विभाग की नाकामी को दर्शाता है। X पर @DNHindi ने लिखा, "पुलिसकर्मी भी नहीं बचे, यात्रियों को करनी पड़ी धक्का-मुक्की।" यह टिप्पणी व्यवस्था की खामियों पर कटाक्ष करती है।

पुलिसकर्मियों का कहना था कि वे बस स्टैंड पर मौजूद थे और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए उनकी मदद करना जरूरी समझा। लेकिन इस घटना ने यह सवाल भी उठाया कि क्या पुलिस का काम बस को धक्का देना है, या यह परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह अपनी बसों को सुचारू रूप से चलाए? यह वायरल वीडियो न केवल रोडवेज की खराब व्यवस्था को उजागर करता है, बल्कि यह समाज में सरकारी सेवाओं के प्रति बढ़ते अविश्वास को भी दर्शाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई दावे किए हैं, जिसमें नई बसें खरीदने और पुरानी बसों की मरम्मत के लिए बजट आवंटन शामिल है। लेकिन इस तरह की घटनाएं इन दावों की हकीकत को सामने लाती हैं। X पर @ETVBharatUP ने लिखा, "अमेठी में वर्कशॉप से आई रोडवेज बस स्टार्ट ही नहीं हुई; धक्का लगाते पैसेंजर्स का वीडियो वायरल।" यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि वर्कशॉप से मरम्मत के बाद भी बस की हालत में सुधार नहीं हुआ। यह घटना यात्रियों के बीच असंतोष और प्रशासन के प्रति गुस्से को बढ़ाने वाली है। कई यात्रियों ने शिकायत की कि वे पूरा किराया देते हैं, फिर भी उन्हें ऐसी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। यह कोई पहली बार नहीं है जब रोडवेज बसों की खराबी की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई हो। मार्च 2024 में भी अमेठी में एक रेलवे इंस्पेक्शन कोच को तकनीकी खराबी के कारण कर्मचारियों को धक्का लगाकर हटाना पड़ा था। उस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसते हुए सरकार की आलोचना की थी।

इसी तरह, 2023 में लखनऊ के एक रोडवेज डिपो में भी एक बस को यात्रियों और कर्मचारियों ने धक्का लगाकर स्टार्ट किया था। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों का रखरखाव और मरम्मत एक गंभीर समस्या है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। इस घटना के बाद अमेठी डिपो के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रोडवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बस की तकनीकी खराबी की जांच की जा रही है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग पर अब यह दबाव बढ़ गया है कि वे अपनी बसों के रखरखाव और मरम्मत की प्रक्रिया को और सख्त करें। यात्रियों ने मांग की है कि पुरानी और खराब बसों को जल्द से जल्द हटाया जाए और उनकी जगह नई बसें लाई जाएं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे हास्यास्पद बताया, तो कुछ ने इसे शर्मनाक करार दिया। X पर @AshokYadavMedia ने लिखा, "अमेठी में रोडवेज बस बनी धक्का एक्सप्रेस! बस स्टेशन पर यात्रियों ने लगाई धक्का मार… पुलिसकर्मी भी आए साथ।" यह टिप्पणी इस घटना की गंभीरता के साथ-साथ उसमें निहित हास्य को भी दर्शाती है। कई यूजर्स ने इस घटना को सरकारी व्यवस्था की नाकामी का प्रतीक बताया। एक यूजर ने लिखा, "यह विकास का मॉडल है? जहां यात्रियों को बस को धक्का लगाना पड़ता है?" वहीं, कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों की तारीफ की, जो यात्रियों की मदद के लिए आगे आए।

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