श्रीनगर नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट- जब्त विस्फोटकों के नमूने लेते समय दुर्घटना, 9 की मौत, 27 घायल।
जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के दक्षिणी इलाके नौगाम में शुक्रवार रात को हुए एक भयानक विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। नौगाम पुलिस स्टेशन
जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के दक्षिणी इलाके नौगाम में शुक्रवार रात को हुए एक भयानक विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। नौगाम पुलिस स्टेशन में जब्त विस्फोटक सामग्री के नमूने लेने के दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 27 से अधिक लोग घायल हो गए। ज्यादातर मृतक पुलिसकर्मी और फोरेंसिक टीम के सदस्य थे, जबकि दो श्रीनगर प्रशासन के अधिकारी भी शिकार हुए। विस्फोट की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि इमारत मलबे में तब्दील हो गई, कई वाहन जलकर राख हो गए और मानव अवशेष लगभग 300 फीट दूर तक बिखर गए। कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव दल मलबा हटाने में जुटे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस घटना की गहन जांच कर रही हैं, जिसमें दुर्घटना और संभावित आतंकी साजिश दोनों कोणों पर नजर रखी जा रही है। यह हादसा दिल्ली के रेड फोर्ट विस्फोट के महज पांच दिनों बाद हुआ है, जिससे पूरे देश में सुरक्षा के कड़े इंतजामों की चर्चा तेज हो गई है।
घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर हुई। नौगाम पुलिस स्टेशन पुलिस ने हाल ही में एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था, जिसमें शिक्षित पेशेवरों जैसे डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आई। इस मॉड्यूल से जुड़े फरीदाबाद आतंकी मामले में 9 और 10 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से लगभग 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट समेत 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। यह सामग्री श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में सुरक्षित रखी गई थी। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम, पुलिसकर्मी और तहसीलदार के साथ नमूने लेने का काम चल रहा था, जब अचानक विस्फोट हो गया। जम्मू कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने शनिवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन जांच पूरी होने तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि जब्त सामग्री को खुले क्षेत्र में रखा गया था, लेकिन नमूना लेते समय कोई तकनीकी खराबी या मानवीय भूल हो सकती है। डीजीपी ने मृतकों को शहीद करार देते हुए उनके परिवारों को न्याय दिलाने का वादा किया।
विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग की लपटें और काला धुआं आसमान छूने लगा। इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जबकि आसपास खड़ी कई गाड़ियां जलकर नष्ट हो गईं। विस्फोट के झटके इतने तेज थे कि सौ मीटर दूर तक के घरों की खिड़कियां टूट गईं। शुरुआती छोटे विस्फोटों के कारण बचाव कार्य कुछ देर रुक गया। बम डिस्पोजल स्क्वायड को मलबे में घुसने के लिए इंतजार करना पड़ा। फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तुरंत मौके पर भेजा गया। घायलों को श्रीनगर के शरीफ हॉस्पिटल, एसकेआइएमएस और जीएमसी श्रीनगर ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर है और मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। डिप्टी कमिश्नर श्रीनगर अक्षय लाबरू ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। लापता लोगों की तलाश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मलबा हटाने में लगी हैं।
यह विस्फोट दिल्ली के रेड फोर्ट धमाके से जुड़ा माना जा रहा है। दिल्ली घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें जब्त विस्फोटकों का इस्तेमाल हुआ था। जांच में सामने आया कि दोनों घटनाओं का संबंध जैश-ए-मोहम्मद के एक मॉड्यूल से है, जिसमें रेडिकलाइज्ड डॉक्टर और प्रोफेशनल्स शामिल थे। अक्टूबर में श्रीनगर के बुनपोरा इलाके में जैश से जुड़े पोस्टर चिपके मिले थे, जो सुरक्षा बलों और बाहरी लोगों पर हमले की धमकी देते थे। इसकी जांच के दौरान फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी से डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनाई और डॉक्टर शाहीन सईद को गिरफ्तार किया गया था। कुल 15 लोग पकड़े गए, जिनमें से मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर मोहम्मद अभी फरार है। पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ), जो जैश का छाया संगठन है, ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, अधिकारी इसे सत्यापित कर रहे हैं। एक थ्योरी यह भी है कि स्टेशन में जब्त एक कार में आईईडी रिग्ड हो सकती थी, जिसने चेन रिएक्शन शुरू किया। गृह मंत्रालय ने कहा कि कारणों की पड़ताल जारी है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी।
इस घटना ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2025 में घाटी में आतंकी घटनाओं में इजाफा हुआ है। अप्रैल में पहलगाम में पर्यटकों पर हमला हुआ था, जिसमें कई लोग मारे गए। फरवरी में अखनूर में आईईडी ब्लास्ट भी पीएएफएफ का था। विशेषज्ञों का कहना है कि सफेदपोश मॉड्यूल नई चुनौती हैं, क्योंकि ये शिक्षित लोग हैं जो सामान्य दिखते हैं। पूर्व मेजर जनरल संजय मेस्टन ने कहा कि पाकिस्तान प्रॉक्सी ग्रुप्स के जरिए अस्थिरता फैला रहा है। जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता ने शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डीजीपी से बात की और जांच को तेज करने के निर्देश दिए। विपक्षी नेता राहुल गांधी ने भी संवेदना प्रकट की।
स्थानीय लोग सदमे में हैं। नौगाम इलाका मुख्य रूप से आवासीय है, जहां कई परिवार रहते हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रात को अचानक धमाका हुआ, तो लगा भूकंप आ गया। बच्चे डर से रोने लगे। इलाके को सील कर दिया गया है और स्निफर डॉग्स से सर्च ऑपरेशन चल रहा है। यह घटना बच्चों के दिन के ठीक बाद हुई, जिसने माहौल को और उदास कर दिया। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोटकों को स्टोर करने और हैंडल करने के प्रोटोकॉल में सुधार जरूरी है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने कहा कि भविष्य में ऐसी सामग्री को विशेष सुविधाओं में रखा जाएगा।
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