दो मासूम बच्चों के शव जली हालत में घर के कमरे में मिले, पुलिस ने शुरू की गहन जांच, जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले।
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में 31 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक...
बिहार की राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में 31 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक घर में दो मासूम बच्चों, अंजलि (15 वर्ष) और अंश (10 वर्ष) के शव जली हुई हालत में बरामद किए गए। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की और जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
घटना गुरुवार दोपहर की है, जब दोनों बच्चे स्कूल से लौटकर अपने घर में आराम कर रहे थे। मृतक बच्चों के पिता ललन कुमार गुप्ता, जो चुनाव आयोग के कॉल सेंटर में निजी कर्मचारी हैं, और मां शोभा कुमारी, जो पटना एम्स में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं, उस समय घर पर नहीं थे। सुबह साढ़े छह बजे बच्चे स्कूल गए थे और दोपहर करीब दो बजे घर लौटे। दोपहर तीन बजे जब शोभा कुमारी ड्यूटी से लौटीं, तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला था। अंदर जाकर उन्होंने पाया कि दोनों बच्चे बिस्तर पर जली हुई हालत में मृत पड़े थे।
परिजनों का आरोप है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। ललन कुमार ने बताया कि किसी ने घर में घुसकर उनके बच्चों की हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए उनके शवों को आग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही जानीपुर थाना पुलिस, फुलवारीशरीफ के एसडीपीओ दीपक कुमार, और सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) व डॉग स्क्वॉड की टीमें जांच के लिए बुलाई गईं।
पटना पुलिस ने इस मामले को हत्या मानकर जांच शुरू की है। सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह साफ है कि यह हत्या का मामला है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्चों की हत्या के बाद उनके शव जलाए गए या उन्हें जिंदा जलाकर मारा गया। 1 अगस्त 2025 को पुलिस ने दावा किया कि इस वारदात में शामिल आरोपी की पहचान कर ली गई है और अगले 24 घंटों में मामले का खुलासा हो सकता है। पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में कोई करीबी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
पुलिस ने घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा, आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है। बच्चों के माता-पिता के व्यक्तिगत संबंधों और किसी से दुश्मनी की संभावना पर भी जांच की जा रही है। घटनास्थल पर कमरे को सील कर दिया गया है ताकि वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा सके।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद नगवां गांव और जानीपुर इलाके में तनाव का माहौल है। घटना के अगले दिन, 1 अगस्त 2025 को स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत की गई हत्या है। कुछ लोगों ने गांव के दबंगों पर संदेह जताया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की।
जानीपुर में शुक्रवार की सुबह दुकानें बंद रहीं और लोग सड़कों पर उतर आए। टायर जलाकर रास्ता जाम किया गया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था की नाकामी को दर्शाती हैं।
इस घटना ने बिहार की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह घटना बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं मानवता को शर्मसार करती हैं। वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पटना में सरकार द्वारा संरक्षित अपराधियों ने एक नर्स के दो नाबालिग बच्चों को जिंदा जला दिया। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।”
मृतक बच्चों के माता-पिता सदमे में हैं। ललन कुमार ने बताया कि उनकी बेटी अंजलि और बेटा अंश बहुत होनहार थे। वे स्कूल से लौटकर घर में सो रहे थे, जब यह वारदात हुई। शोभा कुमारी ने कहा कि उनके बच्चों के साथ इतनी क्रूरता करने वाला कोई इंसान नहीं हो सकता। परिवार ने पुलिस से गुहार लगाई है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।
यह घटना उस समय हुई है, जब बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। हाल के महीनों में राज्य में अपराध की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जानीपुर की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोग यह मांग कर रहे हैं कि सरकार अपराधियों पर सख्ती से नकेल कसे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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