बिहार में बंपर जीत के बाद नीतीश-मोदी को पूरे करने होंगे ये 10 बड़े वादे: बिहार को विकसित राज्य बनाने की राह।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। 14 नवंबर को घोषित परिणामों के अनुसार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। 14 नवंबर को घोषित परिणामों के अनुसार, एनडीए ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाया, जबकि विपक्षी महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी की ताकत को दर्शाती है। भाजपा को 89 सीटें मिलीं, जनता दल यूनाइटेड को 85, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास को 15, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 8 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 5 सीटें हासिल हुईं। विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल को 20, कांग्रेस को 4 और अन्य को 11 सीटें मिलीं। मतगणना के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा मुख्यालय में कहा कि यह विकास और सुशासन की जीत है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को नया एमवाई फॉर्मूला बताया, जो विपक्ष के सांप्रदायिक एजेंडे को नकारा। नीतीश कुमार ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राज्यवासियों ने उनकी सरकार पर भरोसा जताया है और अब बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों में शुमार किया जाएगा। लेकिन यह जीत सिर्फ सत्ता की वापसी नहीं, बल्कि 31 अक्टूबर को जारी संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी है। एनडीए ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित 10 बड़े वादे किए थे, जिन्हें अब अमल में लाना होगा। ये वादे बिहार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बदलने का दावा करते हैं।
चुनाव से ठीक पहले पटना में जारी संकल्प पत्र में नीतीश कुमार, जेपी नड्डा, धीरज प्रताप सिंह और अन्य नेताओं ने इन वादों को प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी बताया। भाजपा के बिहार प्रभारी दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह पांडवों जैसी एकता का प्रतीक है। विपक्ष ने महागठबंधन के घोषणा पत्र में हर परिवार को नौकरी, पुरानी पेंशन और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसे वादे किए थे, लेकिन एनडीए की जीत ने विकास पर भरोसे को मजबूत किया। महिलाओं का रिकॉर्ड मतदान और कल्याण योजनाओं ने एनडीए को फायदा पहुंचाया। अब सवाल यह है कि ये वादे कैसे पूरे होंगे, खासकर जब बिहार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। आइए, इन 10 प्रमुख वादों पर नजर डालें, जो बिहार को नई दिशा दे सकते हैं।
पहला वादा है एक करोड़ नौकरियां पैदा करना। संकल्प पत्र में कहा गया कि पांच साल में युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में एक करोड़ रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इसमें कौशल विकास कार्यक्रम, स्टार्टअप को बढ़ावा और हर जिले में आधुनिक विनिर्माण इकाइयां स्थापित करना शामिल है। नीतीश कुमार ने कहा कि यह युवाओं की बेरोजगारी दूर करने का मिशन है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए केंद्र से अतिरिक्त फंडिंग जरूरी होगी। दूसरा वादा महिलाओं को सशक्त बनाना है। एनडीए ने एक करोड़ महिलाओं को लाखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता और वित्तीय समावेशन से जोड़ा जाएगा। ग्रामीण उद्योगों और कृषि आधारित व्यवसायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। यह राष्ट्रीय स्तर की योजना का विस्तार है, जो बिहार में लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा। तीसरा वादा शिक्षा का है। केजी से पीजी तक गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। इसमें मिडडे मील, पौष्टिक नाश्ता, आधुनिक मेडिकल लैब और सभी जिलों में स्कूलों का 5,000 करोड़ रुपये से सौंदर्यीकरण शामिल है। एक विश्व स्तरीय शिक्षा शहर भी बनाया जाएगा। यह बिहार की साक्षरता दर को ऊंचा उठाने का प्रयास है।
चौथा वादा बुनियादी ढांचे का विस्तार है। सात नई एक्सप्रेसवे बनेंगी, 3,600 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का आधुनिकीकरण होगा और अमृत भारत एक्सप्रेस व नामो रैपिड रेल सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। बिहार गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत यह परियोजना राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत करेगी। पांचवां वादा कृषि क्षेत्र के लिए है। एक लाख करोड़ रुपये कृषि बुनियादी ढांचे में निवेश किया जाएगा। कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 3,000 रुपये दिए जाएंगे। सभी प्रमुख फसलों की पंचायत स्तर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित होगी। प्रखंड स्तर पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगेंगी और 2030 तक दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता आएगी। पांच मेगा फूड पार्क बनाकर मेड इन बिहार उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। छठा वादा बाढ़ मुक्ति है। अगले पांच साल में बाढ़ मुक्त बिहार बनाने का लक्ष्य है। बाढ़ प्रबंधन बोर्ड बनेगा, नदी जोड़ो परियोजना तेज होगी, तटबंध और नहरों का निर्माण होगा। फ्लड टू फॉर्च्यून पहल से कृषि और मत्स्य पालन को फायदा होगा।
सातवां वादा गरीबों के लिए है। हर घर को 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। सस्ते स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पांच लाख रुपये तक की मदद होगी। मुफ्त राशन वितरण जारी रहेगा। आठवां वादा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का विस्तार है। वृद्धजनों, विधवाओं और कमजोर वर्गों के लिए पेंशन योजना मजबूत होगी। नौवां वादा सांस्कृतिक विकास है। सीतामढ़ी के पूनौर धाम जानकी मंदिर को विश्व स्तरीय आध्यात्मिक शहर बनाया जाएगा। दसवां वादा औद्योगिक विकास है। 10 नई औद्योगिक पार्क बनेंगी और एक लाख करोड़ रुपये उद्योगों में निवेश होगा। इससे रोजगार बढ़ेगा और बिहार की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा।
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