सागर, मध्य प्रदेश: जमीन विवाद में गुस्साई महिला ने जनपद सदस्य की कार पर हमला किया, पुलिस ने जांच शुरू की। 

मध्य प्रदेश का सागर जिला अपनी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां जमीन संबंधी विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। हाल ही में सागर

Oct 29, 2025 - 15:27
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सागर, मध्य प्रदेश: जमीन विवाद में गुस्साई महिला ने जनपद सदस्य की कार पर हमला किया, पुलिस ने जांच शुरू की। 
सागर, मध्य प्रदेश: जमीन विवाद में गुस्साई महिला ने जनपद सदस्य की कार पर हमला किया, पुलिस ने जांच शुरू की। 

मध्य प्रदेश का सागर जिला अपनी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां जमीन संबंधी विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। हाल ही में सागर के गोपालगंज क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक विधवा महिला ने पुरानी जमीन हड़पने के आरोप में जनपद सदस्य की कार पर पत्थरबाजी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे स्थानीय स्तर पर बहस छिड़ गई। महिला का नाम क्रांति बाई लोधी है, जबकि आरोपी जनपद सदस्य राघवेंद्र सिंह लोधी हैं। यह विवाद उनके परिवार के भीतर का है, जो पति की मौत के बाद जमीन के बंटवारे को लेकर भड़का। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना 28 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 3 बजे सागर जिले के जनपद पंचायत कार्यालय पर हुई। सागर जिला मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायतें स्थानीय विकास और विवाद निपटारे का काम करती हैं। गोपालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस जनपद कार्यालय में राघवेंद्र सिंह लोधी जनपद सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। वे स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली हैं और पंचायत चुनावों में सक्रिय रहे हैं। दूसरी ओर, क्रांति बाई लोधी उसी गांव की निवासी हैं, जो विधवा हैं। उनका पति रामलाल लोधी की मौत तीन वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। मौत के बाद परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया।

क्रांति बाई के अनुसार, उनके पास 5 एकड़ कृषि भूमि थी, जो पति के नाम दर्ज थी। लेकिन राघवेंद्र सिंह, जो उनके रिश्ते में देवर (भाई के बेटे या सगे भाई) हैं, ने कथित तौर पर जेठानी के बेटे के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनवाकर जमीन हड़प ली। जेठानी का मतलब यहां सास या बड़ी भाभी से है, और विवाद परिवार के दो भाइयों के बीच का है। क्रांति बाई का कहना है कि पति की मौत के बाद राघवेंद्र ने तहसील कार्यालय में प्रभाव डालकर रिकॉर्ड बदलवा दिए। उन्होंने कई बार जनपद कार्यालय में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, गुस्से में वे 28 अक्टूबर को कार्यालय पहुंचीं। वहां राघवेंद्र की सफेद रंग की एसयूवी कार खड़ी थी। क्रांति ने पास पड़े पत्थर उठाए और कार के अगले शीशे, साइड विंडो और बंपर पर वार किया। वीडियो में दिख रहा है कि शीशे चटक जाते हैं और बंपर क्षतिग्रस्त हो जाता है। आसपास के लोग दौड़े, लेकिन क्रांति को रोकने में देर हो गई।

वीडियो एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी ने मोबाइल पर बनाया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हो गया। एक्स (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर इसे हजारों बार शेयर किया गया। कई यूजर्स ने क्रांति की पीड़ा को समझा और कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। वहीं, कुछ ने हिंसा की निंदा की। स्थानीय समाचार चैनलों जैसे नई दुनिया और दैनिक भास्कर ने इसे कवर किया। पुलिस के अनुसार, कार को करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। राघवेंद्र ने तुरंत गोपालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें क्रांति पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया। थाने ने गैर-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की और जांच अधिकारी नियुक्त किया। क्रांति को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया।

यह विवाद सागर जिले में जमीन संबंधी झगड़ों का हिस्सा है। मध्य प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत विवाद जमीन के होते हैं, जो अक्सर परिवारों को बांट देते हैं। सागर जिला, जो गेहूं और सोयाबीन की खेती के लिए प्रसिद्ध है, यहां तहसील स्तर पर रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहते हैं। क्रांति के वकील ने बताया कि उनके पास पुराने दस्तावेज हैं, जो साबित करते हैं कि जमीन उनके पति की थी। वे अदालत में अपील करेंगे। राघवेंद्र का पक्ष है कि जमीन वैध रूप से हस्तांतरित हुई थी और क्रांति का दावा गलत है। जनपद पंचायत के अधिकारी ने कहा कि मामला अब पुलिस और तहसील के पास है।

मध्य प्रदेश सरकार ने 2023 में भूमि विवाद निपटारे के लिए विशेष अदालतें स्थापित की हैं, लेकिन ग्रामीण स्तर पर जागरूकता की कमी है। सागर के कलेक्टर ने जिले में जमीनी रिकॉर्ड डिजिटलीकरण को तेज करने का आदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति अधिकारों के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है। क्रांति जैसी घटनाएं दिखाती हैं कि विधवाओं को अक्सर ठगा जाता है। स्थानीय एनजीओ ने क्रांति को कानूनी सहायता देने का वादा किया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने प्रशासन का ध्यान खींचा, और एसपी सागर ने जांच टीम भेजी।

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