अदानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में जबरदस्त उछाल: एक ही कारोबारी सत्र में 7% से अधिक की तेजी के साथ निवेशकों को मिला बड़ा मुनाफा।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार और मंगलवार के शुरुआती सत्रों के दौरान ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में उल्लेखनीय हलचल देखी गई है। विशेष रूप
- बीएसई पावर इंडेक्स में भी बढ़त का सिलसिला जारी: ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी से सूचकांक 0.7% ऊपर चढ़ा, बाजार में लौटी रौनक।
- रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ते भरोसे और तकनीकी ब्रेकआउट ने अदानी ग्रीन को बनाया पसंदीदा: डिलीवरी वॉल्यूम में भारी वृद्धि के साथ शेयरों ने पकड़ी रफ्तार।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार और मंगलवार के शुरुआती सत्रों के दौरान ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में उल्लेखनीय हलचल देखी गई है। विशेष रूप से अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसमें 7% से अधिक की शानदार बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी एक ऐसे समय में आई है जब बाजार के अन्य क्षेत्रों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ था। इस बढ़त के साथ कंपनी का शेयर भाव 920 रुपये के स्तर को पार कर गया, जो पिछले कुछ सत्रों के मुकाबले एक मजबूत सुधार को दर्शाता है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस उछाल के पीछे केवल सट्टा आधारित गतिविधियां नहीं हैं, बल्कि वास्तविक निवेश और लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो बिल्डिंग के संकेत मिल रहे हैं। बड़ी संख्या में निवेशकों ने इस शेयर में अपनी रुचि दिखाई है, जिससे इसके ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना वृद्धि दर्ज की गई।
अदानी ग्रीन की इस व्यक्तिगत सफलता का सकारात्मक प्रभाव व्यापक बाजार सूचकांकों पर भी पड़ा है। बीएसई पावर इंडेक्स (BSE POWER Index) में लगभग 0.7% से 1% तक की वृद्धि देखी गई, जो यह प्रमाणित करता है कि बिजली और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के प्रति बाजार का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। इस सूचकांक में शामिल अन्य प्रमुख कंपनियों जैसे अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के शेयरों में भी तेजी का रुख रहा। हालांकि, बीएचईएल (BHEL) जैसे कुछ शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन इंडेक्स के भारी भरकम शेयरों में खरीदारी ने कुल मिलाकर बढ़त बनाए रखी। पावर इंडेक्स की यह मजबूती देश की बढ़ती ऊर्जा मांग और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ते झुकाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखा जाए तो अदानी ग्रीन एनर्जी के चार्ट पर एक 'बुलिश रेक्टेंगुलर चैनल' का ब्रेकआउट दिखाई दे रहा है। 1 घंटे और दैनिक टाइमफ्रेम पर शेयर ने अपने महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल, जो 887 रुपये के करीब था, को पार कर लिया है। इसके साथ ही रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और एमएसीडी (MACD) जैसे तकनीकी संकेतकों ने भी खरीदारी के संकेत दिए हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार, जब कोई शेयर अपने पुराने प्रतिरोध स्तर को भारी वॉल्यूम के साथ पार करता है, तो वह आने वाले समय में और अधिक बढ़त की संभावना पैदा करता है। इस शेयर में 'डिलीवरी वॉल्यूम' यानी उन शेयरों की संख्या जिन्हें लोग केवल इंट्राडे के लिए नहीं बल्कि घर ले जाने के लिए खरीद रहे हैं, उसमें लगभग 400% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। अडानी ग्रीन एनर्जी वर्तमान में गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों में से एक का निर्माण कर रही है, जिसकी क्षमता 30 गीगावाट (GW) तक ले जाने का लक्ष्य है। इस तरह की विशाल परियोजनाओं से जुड़ी खबरें अक्सर निवेशकों के सेंटिमेंट को सकारात्मक बनाने में मदद करती हैं।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ तिमाहियों में आय में निरंतर वृद्धि देखी गई है। हालांकि दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के शुद्ध लाभ में उतार-चढ़ाव रहा था, लेकिन सालाना आधार पर कंपनी ने राजस्व में करीब 21% की वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025 के अंत तक कंपनी का शुद्ध लाभ भी काफी संतोषजनक रहा था। वर्तमान में नवीकरणीय ऊर्जा की वैश्विक मांग और भारत सरकार की हरित ऊर्जा नीतियों ने इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। अदानी ग्रीन की ओर से हाल ही में की गई हाइब्रिड पावर सप्लाई की घोषणाओं ने भी बाजार को यह भरोसा दिलाया है कि कंपनी अपनी परिचालन क्षमता का विस्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पावर सेक्टर में आई इस तेजी के पीछे ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) केंद्रित निवेश का भी बड़ा हाथ है। वर्तमान समय में वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशक उन कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से पूरा कर सकें। अदानी ग्रीन के अलावा स्टर्लिंग एंड विल्सन और इंसुलेशन एनर्जी जैसी कंपनियों के शेयरों में भी पिछले दिनों तेजी देखी गई है। यह दर्शाता है कि ऊर्जा बास्केट में निवेशक अब विविधता ला रहे हैं और सोलर व विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर अधिक दांव लगा रहे हैं। बाजार में मंदी के माहौल के बावजूद, पावर सेक्टर की इस मजबूती ने बेंचमार्क इंडेक्स जैसे सेंसेक्स और निफ्टी को भी एक स्तर तक गिरने से बचाने में मदद की है। आने वाले समय में बाजार की नजरें कंपनी के भविष्य के विस्तार योजनाओं और कर्ज प्रबंधन पर टिकी रहेंगी। हालांकि शेयर ने अपने 5-दिन, 20-दिन और 50-दिन के मूविंग एवरेज (Moving Average) से ऊपर ट्रेड करना शुरू कर दिया है, लेकिन इसे अभी भी अपने लंबी अवधि के 200-दिन के औसत को पार करना बाकी है। यह स्थिति निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह देती है कि वे केवल तेजी के बहाव में न आएं, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल का भी अध्ययन करें। ऊर्जा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और नई तकनीकों के आने से लाभ मार्जिन पर भी असर पड़ सकता है। फिर भी, वर्तमान में अदानी ग्रीन का प्रदर्शन पावर इंडेक्स के अन्य दिग्गजों के मुकाबले काफी बेहतर रहा है।
Also Read- ग्वालियर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 21 साल बड़े पति को छोड़ प्रेमी के साथ रहने जाएगी 19 साल की युवती।
What's Your Reaction?







