लखनऊ में पनीर की जगह चिकन डिलीवरी की, धार्मिक भावनाएं आहत, पुलिस ने जांच शुरू की।
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल खाद्य सुरक्षा और ऑनलाइन फूड...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल खाद्य सुरक्षा और ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर मुद्दा भी सामने लाया है। यह घटना गोमती नगर के एक रेस्टोरेंट, 'चाइनीज वॉक' से जुड़ी है, जहां एक ग्राहक ने पनीर काली मिर्च का ऑर्डर दिया था, लेकिन उसे चिकन काली मिर्च डिलीवर कर दिया गया। इस गलती के कारण न केवल ग्राहकों की तबीयत बिगड़ी, बल्कि सावन के पवित्र महीने में उनकी धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंची। इस मामले में पीड़ित मनीष तिवारी और उनके परिवार ने रेस्टोरेंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की है, और पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिसके कारण लोग रेस्टोरेंट और ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
लखनऊ के इंदिरा नगर, पंडित पुरवा में रहने वाले मनीष तिवारी, जो एक निजी कंपनी में काम करते हैं, ने बताया कि यह घटना 19 जुलाई 2025 की रात को हुई। मनीष सावन के पवित्र महीने में उपवास रख रहे थे, जिसके दौरान वे शाकाहारी भोजन का ही सेवन करते हैं। उन्होंने अपने दोस्त विशाल शर्मा के साथ गोमती नगर की पंचवटी कॉलोनी में बैठकर जोमैटो ऐप के जरिए 'चाइनीज वॉक' रेस्टोरेंट से पनीर काली मिर्च ड्राई का ऑर्डर दिया। ऑर्डर का बिल भी पनीर काली मिर्च के नाम से ही बनाया गया था, जिसके कारण मनीष और उनके दोस्तों को कोई शक नहीं हुआ।
जब डिलीवरी पैकेट उनके पास पहुंचा, तो उन्होंने बिना किसी संदेह के डिश को चार लोगों के बीच परोस दिया। मनीष ने जैसे ही पहला निवाला लिया, उन्हें कुछ गड़बड़ महसूस हुई। डिश का स्वाद और बनावट पनीर जैसी नहीं थी। सभी ने ध्यान से डिश को देखा और उसका स्वाद चखा, तो यह स्पष्ट हो गया कि यह पनीर नहीं, बल्कि चिकन काली मिर्च था। इस खुलासे के बाद मनीष के दोस्त विशाल शर्मा की तबीयत बिगड़ गई, क्योंकि उन्हें चिकन से एलर्जी थी। विशाल को उल्टियां शुरू हो गईं और उनकी हालत गंभीर हो गई। मनीष ने बताया कि यह घटना न केवल शारीरिक रूप से परेशान करने वाली थी, बल्कि सावन जैसे पवित्र महीने में उनकी धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची।
सावन का महीना हिंदू धर्म में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान कई लोग मांसाहारी भोजन से परहेज करते हैं और शाकाहारी भोजन का पालन करते हैं। कुछ लोग तो इस महीने में लहसुन और प्याज तक नहीं खाते। मनीष तिवारी, जो एक ब्राह्मण परिवार से हैं, ने बताया कि इस घटना के कारण उनका व्रत टूट गया और उनकी धार्मिक आस्था को गहरा आघात पहुंचा। उन्होंने इसे "धार्मिक अपराध" करार देते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही न केवल उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है, बल्कि उनके धर्म और आस्था पर भी हमला है। मनीष के साथ उनके तीन अन्य दोस्तों ने भी यही भावनelix
इस घटना के बाद मनीष और उनके दोस्त तुरंत रेस्टोरेंट पहुंचे और वहां मौजूद स्टाफ से इस बारे में बात की। रेस्टोरेंट के स्टाफ ने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि ऑर्डर में भूलवश चिकन भेज दिया गया था। हालांकि, मनीष और उनके परिवार को यह जवाब संतोषजनक नहीं लगा। उन्होंने इस घटना को गंभीर मानते हुए रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मनीष तिवारी ने इस घटना की शिकायत विभूतिखंड थाने में दर्ज कराई। उन्होंने रेस्टोरेंट पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने रेस्टोरेंट के स्टाफ और जोमैटो के डिलीवरी सिस्टम की जांच शुरू की है। साथ ही, इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे पुलिस ने सबूत के रूप में लिया है। इस वीडियो में मनीष और उनके परिवार के लोग रेस्टोरेंट में स्टाफ से बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई यूजर्स ने इस लापरवाही को लेकर रेस्टोरेंट और जोमैटो की कड़ी आलोचना की है। एक यूजर (@SonalTiwari0) ने लिखा, "हिंदुओं की आस्था के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। सावन के पवित्र माह में इस तरह की गलती बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।" इसी तरह, अन्य यूजर्स ने भी इस घटना को धार्मिक भावनाओं पर हमला बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, क्योंकि ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब ऑनलाइन फूड डिलीवरी में इस तरह की गलती हुई हो। इससे पहले नोएडा में भी एक ग्राहक को पनीर चाप की जगह चिकन चाप डिलीवर किया गया था। लखनऊ में ही हाल ही में एक दूधिया द्वारा दूध में थूक मिलाने का मामला सामने आया था, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। ये घटनाएं ऑनलाइन फूड डिलीवरी और रेस्टोरेंट्स की गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
जोमैटो और 'चाइनीज वॉक' रेस्टोरेंट ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, रेस्टोरेंट के स्टाफ ने गलती स्वीकार की है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि ऐसी गलतियां कैसे हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रेस्टोरेंट्स को अपने किचन में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को अलग-अलग रखने और लेबलिंग की सख्त प्रक्रिया अपनानी चाहिए। साथ ही, डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को डिलीवरी प्रक्रिया में और सख्ती बरतनी चाहिए ताकि इस तरह की गलतियां न हों।
22 जुलाई 2025 तक, पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। विभूतिखंड थाने की पुलिस रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और जोमैटो के डिलीवरी सिस्टम से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि वे सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से घटना की पूरी सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, रेस्टोरेंट के किचन और डिलीवरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गलती कहां हुई। पुलिस ने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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