पेन ड्राइव ने खोली एक पूर्व सांसद की करतूत, पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के पोते और जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना पर रेप के आरोप लगे। 

Politics: कर्नाटक की राजनीति में अप्रैल 2024 में उस समय हड़कंप मच गया, जब पूर्व सांसद और जनता दल (सेक्युलर) के नेता प्रज्वल...

Aug 2, 2025 - 12:18
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पेन ड्राइव ने खोली एक पूर्व सांसद की करतूत, पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के पोते और जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना पर रेप के आरोप लगे। 
पेन ड्राइव ने खोली एक पूर्व सांसद की करतूत, पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के पोते और जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना पर रेप के आरोप लगे। 

Politics: कर्नाटक की राजनीति में अप्रैल 2024 में उस समय हड़कंप मच गया, जब पूर्व सांसद और जनता दल (सेक्युलर) के नेता प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन शोषण और बलात्कार के गंभीर आरोप सामने आए। पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल पर कई महिलाओं ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब हासन जिले में पेन ड्राइव के जरिए उनके कथित अश्लील वीडियो सार्वजनिक हुए। इन वीडियो में कथित तौर पर प्रज्वल द्वारा कई महिलाओं का यौन शोषण करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, और प्रज्वल जर्मनी भाग गए। हालांकि, कानून के शिकंजे में आने के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई, और अब एक विशेष अदालत ने उन्हें बलात्कार के एक मामले में दोषी करार दिया है।

  • टाइमलाइन: प्रज्वल रेवन्ना रेप केस

दिसंबर 2023: शुरुआती चेतावनी

8 दिसंबर 2023 को बीजेपी नेता और वकील जी. देवराजे गौड़ा ने कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने प्रज्वल रेवन्ना के कथित अश्लील वीडियो और यौन शोषण की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बीजेपी और जेडीएस गठबंधन को चेतावनी दी कि प्रज्वल को हासन से लोकसभा उम्मीदवार बनाना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, इस पत्र का कोई असर नहीं हुआ, और प्रज्वल को एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुना गया।

अप्रैल 2024: वीडियो लीक और सनसनी

23 अप्रैल 2024 को हासन लोकसभा क्षेत्र में मतदान से ठीक तीन दिन पहले, करीब 2000 से अधिक पेन ड्राइव हासन जिले के बस स्टैंड, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बांटे गए। इन पेन ड्राइव में कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना के यौन शोषण के वीडियो और तस्वीरें थीं, जिनमें कई महिलाओं के साथ उनकी करतूतें दर्ज थीं। ये वीडियो सोशल मीडिया, खासकर व्हाट्सएप, पर तेजी से वायरल हो गए। इस घटना ने कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला दिया।

27 अप्रैल 2024: प्रज्वल का जर्मनी भागना

26 अप्रैल को हासन में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ। इसके अगले दिन, 27 अप्रैल को प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरु से फ्रैंकफर्ट, जर्मनी के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, उन्हें इस बात की भनक थी कि उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज होने वाली हैं। उसी दिन कर्नाटक सरकार ने राज्य महिला आयोग की शिकायत पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, जिसकी अगुवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बी. के. सिंह ने की।

28 अप्रैल 2024: पहला मामला दर्ज

होलनरसीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन में एक 48 वर्षीय घरेलू सहायिका ने प्रज्वल के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज की। उसने आरोप लगाया कि प्रज्वल ने 2021 में हासन के गन्निकड़ा फार्महाउस और बेंगलुरु के बसवनगुड़ी स्थित उनके घर में उसका बलात्कार किया। उसने यह भी बताया कि प्रज्वल ने इन घटनाओं को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया था। इसके बाद प्रज्वल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66E (निजता का उल्लंघन) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मई 2024: और मामले सामने आए

3 मई 2024 को एक 44 वर्षीय महिला राजनीतिक कार्यकर्ता ने प्रज्वल पर हासन में उनके आधिकारिक आवास पर बलात्कार का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि प्रज्वल ने 2021 से 2024 तक कई बार उसका यौन शोषण किया और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया। उसी दिन, प्रज्वल के पिता और पूर्व मंत्री एच. डी. रेवन्ना के खिलाफ एक पीड़िता को अगवा करने का मामला दर्ज हुआ। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे गवाही देने से रोकने के लिए रेवन्ना और उनकी पत्नी भवानी रेवन्ना ने उसे अगवा किया था। 4 मई को एसआईटी ने पीड़िता को के. आर. नगर के एक फार्महाउस से बचाया।

18 मई 2024 को विशेष अदालत ने एसआईटी के अनुरोध पर प्रज्वल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद इंटरपोल के जरिए उनके खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ जारी हुआ।

31 मई 2024: प्रज्वल की गिरफ्तारी

35 दिन जर्मनी में रहने के बाद, प्रज्वल रेवन्ना 31 मई 2024 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे, जहां एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में रखा गया, जहां वह पिछले 14 महीनों से बंद हैं।

जून 2024: चौथा मामला दर्ज

जून 2024 में कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने प्रज्वल के खिलाफ चौथा मामला दर्ज किया। इसमें यौन उत्पीड़न, पीछा करने, आपराधिक धमकी और निजता के उल्लंघन जैसे आरोप शामिल थे। इस बीच, जेडीएस ने प्रज्वल को पार्टी से निलंबित कर दिया।

अगस्त-सितंबर 2024: चार्जशीट दाखिल

अगस्त 2024 में एसआईटी ने 1632 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 113 गवाहों और 180 दस्तावेजों का जिक्र था। चार्जशीट में डीएनए, फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य शामिल थे। एक पीड़िता के कपड़ों पर प्रज्वल का डीएनए मिला, और फोरेंसिक विश्लेषण ने पुष्टि की कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति प्रज्वल ही था।

अक्टूबर-नवंबर 2024: जमानत याचिकाएं खारिज

21 अक्टूबर 2024 को कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रज्वल की नियमित और अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे, ने प्रज्वल के वकील मुकुल रोहतगी से कहा, “आप बहुत ताकतवर हैं।”

मई-जुलाई 2025: त्वरित सुनवाई

2 मई 2025 को विशेष सत्र अदालत (सांसदों और विधायकों के लिए) में पहली बलात्कार मामले की सुनवाई शुरू हुई। जज संतोष गजानन भट की अध्यक्षता में प्रतिदिन सुनवाई हुई। 26 गवाहों की गवाही और 180 दस्तावेजों की जांच के बाद, 18 जुलाई को सुनवाई पूरी हुई। 30 जुलाई को तकनीकी साक्ष्यों, जैसे मोबाइल लोकेशन डेटा, पर स्पष्टीकरण की जरूरत के कारण फैसला टल गया।

1 अगस्त 2025: दोषसिद्धि

1 अगस्त 2025 को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को 48 वर्षीय घरेलू सहायिका के बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया। यह चार में से पहला मामला था जिसमें फैसला आया। अदालत ने प्रज्वल को आईपीसी की धाराओं 376(2)(k) (प्रभावशाली स्थिति में बलात्कार), 376(2)(n) (बार-बार बलात्कार), 354A (यौन उत्पीड़न), 354B (नग्न करने के इरादे से हमला), 354C (दृश्यरति), 506 (आपराधिक धमकी), 201 (साक्ष्य नष्ट करना) और आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत दोषी ठहराया। सजा की मात्रा 2 अगस्त 2025 को घोषित होनी है। फैसले के बाद प्रज्वल कोर्ट में रो पड़े।

इस मामले ने कर्नाटक की राजनीति को हिला कर रख दिया। जेडीएस और बीजेपी के गठबंधन पर सवाल उठे, क्योंकि बीजेपी को पहले से प्रज्वल के कृत्यों की जानकारी थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा, जिन्होंने प्रज्वल के लिए प्रचार किया था। जेडीएस नेता और प्रज्वल के चाचा एच. डी. कुमारस्वामी ने इस मामले से पार्टी को अलग करते हुए इसे शर्मनाक बताया। प्रज्वल 2019 में हासन से सांसद चुने गए थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में वे 40,000 से अधिक वोटों से हार गए।

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