अखिलेश यादव का काफिला जाम में फंसा- आजमगढ़-मऊ हाईवे पर बस हादसे में मृतक के परिजनों को दी एक लाख सहायता, डीएम को फोन कर कही ये बात। 

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक रोडवेज बस

Dec 3, 2025 - 11:42
 0  13
अखिलेश यादव का काफिला जाम में फंसा- आजमगढ़-मऊ हाईवे पर बस हादसे में मृतक के परिजनों को दी एक लाख सहायता, डीएम को फोन कर कही ये बात। 
अखिलेश यादव का काफिला जाम में फंसा- आजमगढ़-मऊ हाईवे पर बस हादसे में मृतक के परिजनों को दी एक लाख सहायता, डीएम को फोन कर कही ये बात। 

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक रोडवेज बस की चपेट में आने से 50 वर्षीय लालमुन्नी की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना आजमगढ़-मऊ मुख्य मार्ग पर हुई, जहां बस तेज रफ्तार में थी और लालमुन्नी पैदल जा रही थीं। हादसे की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इसी जाम में फंस गए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काफिला, जो मऊ जिले में दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि देने जा रहा था। अखिलेश यादव ने तुरंत काफिले को रोका और घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से बात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की तथा जिला मजिस्ट्रेट को फोन कर सरकारी सहायता और जाम तत्काल खुलवाने के निर्देश दिए।

हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के पास हुआ, जब लालमुन्नी सड़क पार कर रही थीं। रोडवेज बस चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, लेकिन गति अधिक होने के कारण बस लालमुन्नी से टकरा गई, जिससे वे मौके पर गिर पड़ीं। चश्मदीदों के अनुसार, बस चालक ने गलत साइड से ओवरटेक करने का प्रयास किया था, जो हादसे का मुख्य कारण बना। लालमुन्नी, जो स्थानीय निवासी थीं, तत्काल अस्पताल ले जाए जाने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया तथा वाहन को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में बस का स्पीड लिमिट से अधिक पाया गया, और चालक के लाइसेंस की वैधता की जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों ने बताया कि लालमुन्नी एक गरीब परिवार से थीं तथा घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। हादसे के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा, और उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए।

जाम लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन परिजनों के आक्रोश के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इसी बीच अखिलेश यादव का काफिला आजमगढ़-मऊ मार्ग पर पहुंचा, जहां उन्हें जाम की वजह से रुकना पड़ा। अखिलेश यादव ने वाहन से उतरकर घटनास्थल का जायजा लिया तथा मृतक के परिजनों से मिले। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल एक लाख रुपये की सहायता का चेक सौंपा। इसके बाद उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट को फोन किया तथा सरकारी स्तर पर पीड़ित परिवार को पूर्ण सहायता प्रदान करने और जाम को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने आश्वासन दिया कि परिवार को सभी संभावित सरकारी लाभ दिए जाएंगे, जिसमें मुआवजा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद जाम धीरे-धीरे खुलने लगा, और ट्रैफिक बहाल हो गया।

आजमगढ़-मऊ मुख्य मार्ग एक व्यस्त हाईवे है, जो पूर्वांचल के कई जिलों को जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क की स्थिति और वाहनों की तेज गति के कारण हादसे आम हैं। इस वर्ष आजमगढ़ जिले में ही सड़क दुर्घटनाओं में दर्जनों मौतें हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों की हैं। हादसे के बाद पुलिस ने मुबारकपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया है, जो लापरवाही से मौत का प्रावधान है। बस चालक से पूछताछ की जा रही है, और उसके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। मृतक लालमुन्नी के शव को पोस्टमार्टम के लिए आजमगढ़ जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां चिकित्सकों ने पुष्टि की कि मौत टक्कर के कारण तत्काल हुई। परिजनों ने बताया कि लालमुन्नी घरेलू कामकाज करती थीं तथा परिवार में पति और दो बच्चे हैं।

अखिलेश यादव मऊ पहुंचने के बाद दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जहां उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। सुधाकर सिंह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता थे तथा मऊ सदर से विधायक रह चुके थे। उनकी मौत हृदयाघात से हुई थी, और उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम को किया गया। अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पार्टी उनके योगदान को हमेशा याद रखेगी। हादसे के दौरान अखिलेश यादव के काफिले में सांसदों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी थी, जिन्होंने भी पीड़ित परिवार को सहयोग दिया। समाजवादी पार्टी ने बताया कि यह सहायता पार्टी की नीति के अनुरूप है, जिसमें दुर्घटना प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद प्रदान की जाती है। जिला प्रशासन ने जाम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी तथा राहगीरों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी।

मुबारकपुर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे की घटनाएं बढ़ रही हैं, क्योंकि हाईवे पर ट्रैफिक वॉल्यूम अधिक है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर और साइनेज की कमी है, जो हादसों को आमंत्रित करती है। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है तथा चालान अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मृतक के परिजनों को सरकारी मुआवजे के अलावा अन्य लाभ जैसे राशन कार्ड और पेंशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अखिलेश यादव के फोन कॉल के बाद डीएम ने तत्काल एक टीम भेजी, जो परिवार से मिली और सहायता का आश्वासन दिया। हादसे के वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसमें जाम की स्थिति और सहायता की प्रक्रिया दिखाई गई।

आजमगढ़ जिला पूर्वांचल का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां सड़क नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, लेकिन सुरक्षा उपायों में कमी बनी हुई है। इस हादसे ने स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान की आवश्यकता को रेखांकित किया। पुलिस ने बस ऑपरेटर के खिलाफ भी जांच शुरू की है, ताकि वाहन की फिटनेस और चालक के रिकॉर्ड की पड़ताल हो सके। मृतक लालमुन्नी का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा, जिसमें स्थानीय नेता और ग्रामीण शामिल होंगे। समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर जिला स्तर पर एक समिति गठित की है, जो प्रभावित परिवार की लंबी अवधि की सहायता सुनिश्चित करेगी।

घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने हाईवे पर विशेष चेकिंग पॉइंट स्थापित किए, जहां वाहनों की गति और लोड की जांच की जा रही है। डीएम ने कहा कि जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई योजना लागू की जाएगी, जिसमें जागरूकता कैंप और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार शामिल हैं। अखिलेश यादव का काफिला जाम खुलने के बाद मऊ पहुंचा तथा कार्यक्रम निर्धारित समय पर संपन्न हुआ। पीड़ित परिवार ने सहायता के लिए आभार व्यक्त किया तथा सरकारी मदद की अपेक्षा जताई। यह घटना उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को दर्शाती है, जहां प्रतिदिन औसतन दर्जन भर दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं।

आजमगढ़-मऊ मार्ग पर पिछले एक वर्ष में कम से कम 50 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 30 से अधिक मौतें हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा है, जो निगरानी में सहायक होगा। बस चालक को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, और उसके खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है। मृतक के बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में राहत वितरण अभियान शुरू किया, जिसमें जरूरतमंद परिवारों को भोजन और चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

हादसे की जांच में फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया तथा साक्ष्य संग्रहित किए। चालक के ब्लड सैंपल लिए गए हैं ताकि नशे की जांच हो सके। डीएम ने अखिलेश यादव के फोन पर तुरंत कार्रवाई की तथा रिपोर्ट मांगी। जाम के दौरान फंसे वाहनों को वैकल्पिक रूटों से डायवर्ट किया गया, जिससे आगे की असुविधा न हो। मृतक लालमुन्नी के पति ने बताया कि परिवार अब आर्थिक संकट में है, और सहायता से कुछ राहत मिलेगी। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत करने के लिए पंचायत बैठक बुलाई, जहां मांगें सुनी गईं।

उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने नई नीति लागू की है, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्यता पर जोर दिया गया है। इस हादसे ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। अखिलेश यादव ने मऊ कार्यक्रम के बाद कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। पीड़ित परिवार को एक लाख सहायता के अलावा पार्टी ने चेक सौंपा, जो तत्काल उपयोग के लिए था। जिला अस्पताल में शव रखा गया, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। स्थानीय थाने ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच अधिकारी नियुक्त किया।

Also Read- 'एक को कुर्सी चाहिए, दूसरे को चाय'- कर्नाटक में सीएम-डिप्टी सीएम विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा तंज।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow