'पापा, मुझे अपनी गोद में ले लो, दर्द बहुत हो रहा है', जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर और लापरवाही ने छीनी दो युवा जिंदगियां, अधिकारियों पर गिरी गाज। 

हरियाणा को खेलों का गढ़ कहा जाता है, जहां से देश को ओलंपिक पदक विजेता और राष्ट्रीय हीरोज मिले हैं। लेकिन 25 और 26 नवंबर 2025 को रोहतक

Nov 27, 2025 - 11:38
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'पापा, मुझे अपनी गोद में ले लो, दर्द बहुत हो रहा है', जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर और लापरवाही ने छीनी दो युवा जिंदगियां, अधिकारियों पर गिरी गाज। 
'पापा, मुझे अपनी गोद में ले लो, दर्द बहुत हो रहा है', जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर और लापरवाही ने छीनी दो युवा जिंदगियां, अधिकारियों पर गिरी गाज। 

हरियाणा को खेलों का गढ़ कहा जाता है, जहां से देश को ओलंपिक पदक विजेता और राष्ट्रीय हीरोज मिले हैं। लेकिन 25 और 26 नवंबर 2025 को रोहतक और बहादुरगढ़ में हुए दो हादसों ने इस छवि को धक्का पहुंचा दिया। 48 घंटों के अंदर दो किशोर बास्केटबॉल खिलाड़ियों, 16 वर्षीय हार्दिक राठी और 15 वर्षीय अमन की मौत हो गई। दोनों ही घटनाओं में जंग लगे पुराने बास्केटबॉल पोल गिरने से उनकी छाती पर चोट लगी, जिससे आंतरिक चोटों के कारण जान चली गई। ये हादसे खेल विभाग की लापरवाही, जर्जर सुविधाओं और रखरखाव की कमी को साफ दिखाते हैं। राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए रोहतक और झज्जर के जिला खेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया। खेल मंत्री गौरव गौतम ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

पहली घटना 25 नवंबर को झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में हुई। 15 वर्षीय अमन वहां अकेले प्रैक्टिस कर रहा था। वह हाल ही में इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीत चुका था। स्टेट लेवल पर खेलने का सपना संजोए वह रोज सुबह स्टेडियम जाता था। दोपहर करीब 12 बजे जब वह बास्केटबॉल पोल पर डंक मारने की कोशिश कर रहा था, तो 20 साल पुराना लोहे का पोल टूटकर उसके ऊपर गिर पड़ा। पोल का वजन करीब 750 किलोग्राम था, जो सीधे उसकी छाती पर आ गिरा। चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक अमन गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसे तुरंत रोहतक के पीजीआईएमएस ले जाया गया, जहां रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अमन के पिता सुरेश कुमार एक मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद अमन ने फोन पर कहा, 'पापा, मुझे अपनी गोद में ले लो, दर्द बहुत हो रहा है।' ये उसके आखिरी शब्द थे। अमन की मां कांता देवी रोते हुए कहती हैं, 'मम्मी, विश्वास रखना, मैं तुम्हें गर्व महसूस करवाऊंगा।' वह क्लास 10 का छात्र था और खेल के अलावा पढ़ाई में भी तेज था। उसके चचेरे भाई रोहित ने बताया कि अमन अकेले प्रैक्टिस कर रहा था, क्योंकि दोस्त ब्रेक ले चुके थे। स्टेडियम में लगे पोल की हालत कई महीनों से खराब थी, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। अमन का परिवार अब न्याय की उम्मीद कर रहा है।

दूसरी घटना 26 नवंबर की सुबह रोहतक जिले के लाखनमाजरा गांव के खेल मैदान पर हुई। 16 वर्षीय हार्दिक राठी राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी था। उसने कांगड़ा में 47वीं सब जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, हैदराबाद में 49वीं सब जूनियर में ब्रॉन्ज और तीन सब जूनियर नेशनल व एक यूथ नेशनल में हिस्सा लिया था। वह टीम इंडिया में चयन का इंतजार कर रहा था। सुबह करीब 10 बजे प्रैक्टिस के दौरान वह पोल पर लटककर व्यायाम कर रहा था। जैसे ही वह डंक मारने के लिए उछला, जंग लगा पोल टूट गया और सीधे उसकी छाती पर गिर पड़ा। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हार्दिक पोल पकड़ता है, लेकिन वह झुक जाता है और गिर जाता है। साथी खिलाड़ी रोहित ने बताया, 'हम ब्रेक ले रहे थे, लेकिन हार्दिक प्रैक्टिस जारी रखी। पोल गिरते ही हम दौड़े, लेकिन वह दब चुका था।'

हार्दिक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पिता संदीप राठी सरकारी विभाग में संविदा पर काम करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। छोटा भाई 12 वर्षीय भी बास्केटबॉल खेलता है। हार्दिक के बड़े भाई खड़क सिंह ने कहा, 'हमने कई बार अधिकारियों को पोल की खराब हालत के बारे में बताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह उसका सपना था कि वह भारत की बास्केटबॉल टीम का कप्तान बने।' गांव के सरपंच संदीप कुमार ने बताया कि लाखनमाजरा में 16 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं, जैसे सुनील राठी, नरेंद्र राठी। 50 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर पर। लेकिन रखरखाव की कमी ने सबको झकझोर दिया।

झज्जर के जिला खेल अधिकारी सतेंद्र कुमार ने हादसे के बाद बयान दिया। उन्होंने माना कि स्टेडियम में लगे बास्केटबॉल पोल बहुत पुराने थे और उन्हें बदलना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर आरोप लगाया कि 2023 में उन्होंने सुविधाओं के अपग्रेड के लिए फंड स्वीकृत किए थे, लेकिन मरम्मत कभी नहीं हुई। सतेंद्र ने कहा, 'यह लापरवाही का मामला है। हमने सांसद कोटे से 20 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन काम रुका रहा।' रोहतक के जिला खेल अधिकारी अनूप सिंह को भी निलंबित कर दिया गया। खेल विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा ने राज्यभर के सभी खेल परिसरों में पुराने, क्षतिग्रस्त उपकरणों को हटाने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला खेल परिषद के फंड से तुरंत मरम्मत हो, या पीडब्ल्यूडी और हरियाणा स्पोर्ट्स एंड फिजिकल फिटनेस अथॉरिटी से समन्वय करें। किसी असुरक्षित सुविधा का इस्तेमाल न हो।

खेल मंत्री गौरव गौतम ने 28 नवंबर को ताऊ देवीलाल स्टेडियम में हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। इसमें वरिष्ठ अधिकारी और जिला स्तर के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। गौतम ने कहा, 'यह दुखद है। न्याय हमारी प्राथमिकता है। कोई लापरवाह नहीं बचेगा।' मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक व्यक्त किया और मृतक परिवारों को 5 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरी डिटेल्स इकट्ठा करनी होंगी। कार्रवाई होगी।' लेकिन विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने खुलासा किया कि उन्होंने 18 लाख रुपये जारी किए थे, लेकिन सरकार ने मरम्मत नहीं कराई। उन्होंने कहा, 'यह हादसा नहीं, हत्या है। बीजेपी सरकार जिम्मेदार है।' रणदीप सुरजेवाला ने चार सवाल उठाए: फंड कहां गया? शिकायतों पर क्यों कोई कार्रवाई नहीं? जांच कब होगी? दोषियों को सजा मिलेगी या नहीं?

ओलंपियन कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'यह हादसा नहीं, लापरवाही है। बीजेपी सरकार सिर्फ कागजों पर खेल प्रधान है। असल में इंफ्रास्ट्रक्चर जर्जर है।' बजरंग पूनिया ने लिखा, 'हरियाणा खेल नंबर वन है, लेकिन यह ढांचे की विफलता है। भ्रष्टाचार ने होनहार खिलाड़ी को छीन लिया।' कुमारी सैलजा ने कहा, 'जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।' हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने तीन दिनों के लिए सभी खेल आयोजनों को स्थगित कर दिया। पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी नरेंद्र कुमार ग्रेवाल ने कहा, 'हरियाणा में कोर्ट्स पर जिंदगी भर खेला, लेकिन ऐसी कमी शर्मनाक है।'

सोशल मीडिया पर RohtakBasketballTragedy ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए लापरवाही पर गुस्सा जताया। एक पोस्ट में लिखा, 'खिलाड़ी सपने बुन रहे थे, सिस्टम ने कुचल दिया।' लाखनमाजरा के ग्रामीणों ने बताया कि तीन महीने पहले सीएम सैनी से मिले थे, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। कोच ने कहा कि पोल की शिकायतें की गईं, लेकिन अनदेखी हुई। पुलिस ने दोनों मामलों में एक्सीडेंटल डेथ की रिपोर्ट दर्ज की। सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली गई। पोस्टमार्टम में आंतरिक चोटें पुष्टि हुईं।

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