Politics News: सेना का मजाक उड़ाने का आरोप- अजय राय की राफेल टिप्पणी पर बीजेपी का तीखा पलटवार। 

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के राफेल लड़ाकू विमान को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। राय ने पहलगाम आतंकी ...

May 6, 2025 - 17:16
 0  30
Politics News: सेना का मजाक उड़ाने का आरोप- अजय राय की राफेल टिप्पणी पर बीजेपी का तीखा पलटवार। 

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के राफेल लड़ाकू विमान को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। राय ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राफेल को "खिलौना" करार दिया और एक डमी मॉडल पर नींबू-मिर्च लटकाकर तंज कसा। इस बयान को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सेना का अपमान और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया है। बीजेपी नेताओं ने इसे कांग्रेस की "राष्ट्रविरोधी मानसिकता" का सबूत बताया, जबकि राय ने सफाई दी कि उनका इरादा सेना का अपमान करना नहीं, बल्कि सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाना था। इस विवाद ने भारत-पाकिस्तान तनाव और पहलगाम हमले के बाद की संवेदनशील स्थिति में एक नया मोड़ ला दिया है।

  • विवाद की शुरुआत: अजय राय का बयान

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए, के बाद देश में गुस्सा और आक्रोश का माहौल है। इस हमले को भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जोड़ा और कठोर कार्रवाई की बात कही। इसी बीच, 4 मई 2025 को वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय राय ने केंद्र सरकार की कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने एक खिलौना विमान, जिस पर "राफेल" लिखा था, दिखाया और उस पर नींबू-मिर्च लटकाकर तंज कसा। राय ने कहा, "देश में आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। पहलगाम हमले में हमारे नौजवानों की जान चली गई। सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है कि आतंकवादियों को कुचल देगी, लेकिन राफेल हैंगर में पड़े हैं, उन पर नींबू-मिर्च लटकी है। आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?"

राय का यह बयान और खिलौना मॉडल दिखाने की हरकत तुरंत विवाद का केंद्र बन गई। खास तौर पर, पाकिस्तानी न्यूज चैनल ARY न्यूज ने इस बयान को हेडलाइन बनाकर भारत की सैन्य तैयारियों और राफेल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। चैनल ने दावा किया, "भारतीय नेता ने मोदी सरकार की अंधविश्वास भरी नीतियों का मजाक उड़ाया। राफेल विमानों को नींबू-मिर्च बांधकर हैंगर में खड़ा किया गया है।"

  • बीजेपी का तीखा पलटवार

बीजेपी ने अजय राय के बयान को सेना का अपमान और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया। पार्टी के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए इसे "पाकिस्तान की भाषा" बोलने का आरोप लगाया।

शहजाद पूनावाला: बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "राहुल गांधी के करीबी अजय राय राफेल को खिलौना कहकर सेना का अपमान कर रहे हैं। यह संयोग नहीं, बल्कि पाकिस्तान के साथ सहयोग है। चरणजीत सिंह चन्नी, प्रियांक खरगे, सुधाकर सिंह और अब अजय राय—कांग्रेस का सेना पर हमला सुनियोजित है।"

सुधांशु त्रिवेदी: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 5 मई को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता भारतीय सेना को बुरी नजर से देख रहे हैं। अजय राय ने राफेल का मजाक उड़ाकर न केवल सेना का अपमान किया, बल्कि हिंदू आस्था का भी उपहास किया। रक्षा मंत्री ने फ्रांस में राफेल पर स्वास्तिक बनाया था। क्या कांग्रेस स्वास्तिक और सनातन धर्म का मजाक उड़ा रही है?" त्रिवेदी ने यह भी बताया कि ठीक एक दिन पहले गंगा एक्सप्रेसवे पर राफेल और सुखोई विमानों ने सफल लैंडिंग और टेकऑफ करके अपनी ताकत दिखाई थी।

अनुराग ठाकुर: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "कांग्रेस खुद एक मजाक बन चुकी है। राफेल पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कांग्रेस को फटकार लगाई थी। जो लोग इस तरह का मजाक करते हैं, उन्हें कोर्ट में लताड़ मिलती है।"
प्रदीप भंडारी: बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा, "राहुल गांधी के करीबी अजय राय राफेल को खिलौना कहकर सेना का अपमान कर रहे हैं। यह कांग्रेस की असली मानसिकता है।"

सीआर केसवन: बीजेपी नेता सीआर केसवन ने राय की कार्रवाई को "निंदनीय" बताते हुए कहा, "कांग्रेस जानबूझकर हमारे सशस्त्र बलों को बदनाम और हतोत्साहित करने की कोशिश कर रही है।"

बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की यह रणनीति राहुल गांधी के इशारे पर चल रही है। पूनावाला ने कहा, "सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी कहते हैं कि वे सेना के साथ हैं, लेकिन बाहर आते ही पाकिस्तान को क्लीन चिट देते हैं और सेना का मनोबल तोड़ते हैं।"

  • पाकिस्तानी मीडिया की भूमिका

अजय राय के बयान को पाकिस्तानी मीडिया ने तुरंत लपक लिया और इसे भारत के खिलाफ प्रचार के लिए इस्तेमाल किया। ARY न्यूज ने अपने प्रसारण में कहा, "पूरा मुल्क दहशतगर्दी का शिकार है और मोदी सरकार बस बड़ी-बड़ी बातें कर रही है।" इसने राय के बयान को भारत की सैन्य तैयारियों और राफेल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के लिए आधार बनाया।

बीजेपी ने इसे कांग्रेस की "राष्ट्रविरोधी" नीति का सबूत बताया और कहा कि राय का बयान पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को हवा दे रहा है। X पर कई यूजर्स ने भी इस बात पर नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, "अजय राय जैसे नेता सरकार को घेरने के चक्कर में सेना का अपमान कर रहे हैं, जिसे पाकिस्तान भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है।"

  • अजय राय की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद अजय राय ने 5 मई को वाराणसी में अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा, "मैंने राफेल या सेना का मजाक नहीं उड़ाया। मेरा इरादा सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाना था। पहलगाम हमले को इतने दिन बीत गए, लेकिन आतंकियों पर कार्रवाई नहीं हुई। राफेल जैसे विमानों की टेस्टिंग से काम नहीं चलेगा, आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई चाहिए। नींबू-मिर्च कब हटेगी और बदला कब लिया जाएगा?"

राय ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा, "बीजेपी वाले अपने गिरेबान में झांकें। वे मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।" कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राय के बयान से दूरी बनाते हुए कहा, "यह अजय राय का निजी बयान है। पहलगाम हमले पर कांग्रेस का आधिकारिक रुख वही है, जो CWC की बैठक में व्यक्त किया गया।"

  • कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस के लिए यह विवाद मुश्किल का सबब बन गया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने नेताओं को पहलगाम हमले पर पार्टी लाइन से हटकर बयान देने से मना किया था। इसके बावजूद, पहले चरणजीत सिंह चन्नी और अब अजय राय के बयानों ने पार्टी को बैकफुट पर ला दिया। चन्नी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उन्होंने भी सफाई दी थी।

बीजेपी ने इसे कांग्रेस की "दोहरी नीति" करार दिया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "एक तरफ कांग्रेस कहती है कि वह सरकार के साथ है, दूसरी तरफ उसके नेता सेना का मनोबल तोड़ने वाले बयान दे रहे हैं।"

  • पहलगाम हमले का संदर्भ

पहलगाम हमला इस विवाद का केंद्र है। 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए इस हमले ने भारत-पाकिस्तान तनाव को चरम पर पहुंचा दिया। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और कई कठोर कदम उठाए, जिनमें अटारी-वाघा बॉर्डर बंद करना, व्यापारिक संबंध तोड़ना और सिंधु जल संधि को निलंबित करना शामिल है।

इस बीच, गंगा एक्सप्रेसवे पर 3 मई को राफेल और सुखोई विमानों की सफल लैंडिंग और टेकऑफ ने भारतीय वायुसेना की ताकत का प्रदर्शन किया। बीजेपी ने इसे राय के बयान के जवाब के रूप में पेश किया। त्रिवेदी ने कहा, "जब राफेल गंगा एक्सप्रेसवे पर उतर रहा था, तब अजय राय नींबू-मिर्च लटका रहे थे।"

Also Read- Politics News: अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की अम्बेडकर (Ambedkar) फोटो विवाद- यूपी की सियासत में नया तूफान, मायावती और चंद्रशेखर आजाद ने साधा निशाना।

  • सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

इस विवाद ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी। X पर कई यूजर्स ने राय के बयान को "देशद्रोही" और "सेना का अपमान" करार दिया। एक यूजर ने लिखा, "राफेल का मजाक उड़ाना सेना का अपमान है। कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है।" वहीं, कुछ यूजर्स ने राय का समर्थन करते हुए कहा कि उनका मकसद सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाना था, न कि सेना का अपमान करना।

यह विवाद राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना के सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दों को सामने लाता है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की "पाकिस्तान परस्त" नीति और "हिंदू विरोधी" मानसिकता से जोड़ा, जबकि कांग्रेस ने इसे व्यक्तिगत बयान बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की।

अजय राय का राफेल बयान और उसका खिलौना मॉडल दिखाने का कदम एक राजनीतिक तंज के रूप में शुरू हुआ, लेकिन यह जल्द ही सेना के अपमान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े विवाद में बदल गया। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की "राष्ट्रविरोधी" मानसिकता का सबूत बताया, जबकि राय ने सफाई देकर इसे सरकार की आलोचना तक सीमित करने की कोशिश की। पाकिस्तानी मीडिया द्वारा इस बयान को प्रचार के लिए इस्तेमाल करना और पहलगाम हमले के बाद की संवेदनशील स्थिति ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया। यह घटना न केवल राजनीतिक दलों के बीच तनाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बयानबाजी कितनी जिम्मेदारी से होनी चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow