संसद का मानसून सत्र 2025 - उपराष्ट्रपति धनखड़ का सौहार्द का आह्वान, विपक्ष की सरकार को घेरने की तैयारी।

Monsoon Session of Parliament 2025 : 21 जुलाई 2025 से शुरू होने वाला संसद का मानसून सत्र कई मायनों में खास होने वाला है। यह सत्र 21 अगस्त तक चलेगा..

Jul 21, 2025 - 14:29
 0  13
संसद का मानसून सत्र 2025 - उपराष्ट्रपति धनखड़ का सौहार्द का आह्वान, विपक्ष की सरकार को घेरने की तैयारी।
संसद का मानसून सत्र 2025 - उपराष्ट्रपति धनखड़ का सौहार्द का आह्वान, विपक्ष की सरकार को घेरने की तैयारी।

21 जुलाई 2025 से शुरू होने वाला संसद का मानसून सत्र कई मायनों में खास होने वाला है। यह सत्र 21 अगस्त तक चलेगा और कुल 21 बैठकें होंगी। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले, 20 जुलाई को, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सभी राजनीतिक दलों से सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने और आपसी सम्मान के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने सांसदों से अनुरोध किया कि वे अपनी बात रखते समय परस्पर सम्मान बनाए रखें, टेलीविजन पर अभद्र भाषा का उपयोग न करें और व्यक्तिगत हमलों से बचें। धनखड़ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विपक्षी दल कई संवेदनशील मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। इनमें बिहार में मतदाता सूची संशोधन, पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान युद्धविराम संबंधी दावे प्रमुख हैं। यह सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है, क्योंकि विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार से कड़े सवाल पूछने की तैयारी कर ली है।

  • उपराष्ट्रपति धनखड़ का सौहार्द का आह्वान

20 जुलाई को, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने संसद के मानसून सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों से एकजुटता और सौहार्द के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर सांसद को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चले। धनखड़ ने जोर देकर कहा कि संसद में विचारों का आदान-प्रदान मजबूत लोकतंत्र की निशानी है, लेकिन इसके लिए आपसी सम्मान और संयम जरूरी है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा से बचें, ताकि संसद का माहौल रचनात्मक बना रहे।

उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ संसदीय सत्रों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और गतिरोध देखने को मिला है। धनखड़ का यह आह्वान सत्र के हंगामेदार होने की आशंकाओं के बीच एक सकारात्मक संदेश है, जो संसद की गरिमा को बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है।

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इनमें मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025, कर कानून संशोधन विधेयक, जियो हेरिटेज साइट्स बिल, माइंस एंड क्वैरीज संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा, गोवा के एसटी आरक्षण, मर्चेंट शिपिंग बिल, भारतीय पोर्ट्स बिल और आयकर विधेयक जैसे लंबित विधेयकों पर भी चर्चा होगी।

सरकार का विधायी एजेंडा बड़ा है, लेकिन विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा। इन मुद्दों में बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रम्प के विवादास्पद बयान शामिल हैं। विपक्षी दलों ने इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति तैयार की है, जिसके चलते सत्र में तीखी बहस और हंगामे की आशंका है।

  • विपक्ष की रणनीति और प्रमुख मुद्दे

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 24 दलों ने 19 जुलाई को एक वर्चुअल बैठक की, जिसमें उन्होंने मानसून सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। इस बैठक में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट), टीएमसी, राजद, जेएमएम और अन्य दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में आठ प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, जिन्हें सत्र के दौरान जोर-शोर से उठाया जाएगा।

1. पहलगाम आतंकी हमला

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। विपक्ष ने इस हमले को खुफिया तंत्र की विफलता करार दिया है और सरकार से सवाल किया है कि हमले के जिम्मेदार आतंकियों को अब तक न्याय के कठघरे में क्यों नहीं लाया गया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह सरकार का दायित्व है कि वह इस हमले पर संसद में जवाब दे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद अल्ताफ अहमद लारवी ने भी इस हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इसने सीमा पर तनाव बढ़ा दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को सत्र में प्रमुखता से उठाएगा।

2. ऑपरेशन सिंदूर

‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों का नाम है, जिसे सरकार ने एक बड़ी सफलता बताया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस ऑपरेशन में नौ आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए, और यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति को दर्शाता है। हालांकि, विपक्ष ने ऑपरेशन को अचानक रोके जाने पर सवाल उठाए हैं और इसकी पारदर्शिता पर चर्चा की मांग की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस ऑपरेशन से जुड़े कुछ रक्षा अधिकारियों के खुलासों पर संसद में कम से कम दो दिन की चर्चा होनी चाहिए।

3. डोनाल्ड ट्रम्प का युद्धविराम दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच 20 से अधिक बार युद्धविराम कराया। इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और सरकार से पूछा है कि ट्रम्प के दावों की सच्चाई क्या है। विपक्ष का कहना है कि यह भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाता है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पर संसद में जवाब देना चाहिए। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर नियमों के तहत जवाब देगी, लेकिन प्रधानमंत्री को इसमें घसीटना उचित नहीं है।

4. बिहार में मतदाता सूची संशोधन

बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस, राजद और अन्य दल इसे ‘चुनावी घोटाला’ करार दे रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इस प्रक्रिया में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके मताधिकार पर खतरा है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर पारदर्शिता की मांग की है और संसद में इस पर चर्चा की जरूरत बताई है।

5. अन्य मुद्दे

विपक्ष ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने, मणिपुर में हिंसा, देश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, अहमदाबाद विमान हादसे की जांच और विदेश नीति जैसे मुद्दों को भी उठाने की योजना बनाई है। कांग्रेस ने इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक बुलाई, जिसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हुए।

सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन यह नियमों के तहत होगी। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग मांगा। रिजिजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर में मौजूद रहते हैं, भले ही वे हर बहस में सीधे हिस्सा न लें। सरकार ने 17 विधेयक तैयार किए हैं, जिन्हें सत्र में पेश किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की, और माना जा रहा है कि वह ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में बयान दे सकते हैं।

‘इंडिया’ गठबंधन की एकता पर सवाल तब उठा, जब आम आदमी पार्टी ने इस गठबंधन से दूरी बना ली। आप ने कहा कि वह अब इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है और कांग्रेस की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए। इस कदम से विपक्ष की एकजुटता को झटका लगा है, लेकिन 24 अन्य दल अभी भी गठबंधन में शामिल हैं और एकजुट होकर सरकार से सवाल पूछने की तैयारी में हैं।

संसद का मानसून सत्र 2025 कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का गवाह बनेगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का सौहार्द और आपसी सम्मान का आह्वान एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन विपक्ष के तीखे तेवर और सरकार के जवाबी रुख को देखते हुए सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, ट्रम्प के दावे और बिहार में मतदाता सूची संशोधन जैसे मुद्दे सत्र के केंद्र में रहेंगे। सरकार और विपक्ष के बीच समन्वय और रचनात्मक चर्चा ही यह तय करेगी कि यह सत्र कितना उत्पादक होगा।

Also Read- लालू यादव का पीएम मोदी पर तंज- 'झूठ और जुमलों की बारिश लेकर बिहार आए मोदी, चुनाव का गुरुत्वाकर्षण बल खींचता है'।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow