हरमनप्रीत कौर का भावुक पल: विश्व कप जीत के बाद कोच अमोल मजूमदार के पैर छुए, संस्कारों की मिसाल बनीं। 

नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दो नवंबर 2025 की रात भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए अविस्मरणीय बन गई। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया

Nov 3, 2025 - 14:06
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हरमनप्रीत कौर का भावुक पल: विश्व कप जीत के बाद कोच अमोल मजूमदार के पैर छुए, संस्कारों की मिसाल बनीं। 
हरमनप्रीत कौर का भावुक पल: विश्व कप जीत के बाद कोच अमोल मजूमदार के पैर छुए, संस्कारों की मिसाल बनीं। 

नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दो नवंबर 2025 की रात भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए अविस्मरणीय बन गई। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का फाइनल दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार खिताब जीता। मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैदान पर भावुक दृश्य देखने को मिला। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हेड कोच अमोल मजूमदार के पास जाकर झुककर उनके पैर छुए और फिर लंबे गले लगकर रो पड़ीं। यह पल न सिर्फ जीत का जश्न था बल्कि गुरु शिष्य के रिश्ते की गहराई और भारतीय संस्कारों की झलक दिखाता था। सोशल मीडिया पर यह वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं। लाखों लोग इसे देखकर भावुक हो गए और इसे सम्मान की मिसाल बताया। अमोल मजूमदार ने हरमनप्रीत को गले लगाते हुए आशीर्वाद दिया। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।

यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट की दशकों की मेहनत का फल थी। टीम ने लीग स्टेज में तीन हार झेलीं लेकिन नॉकआउट में शानदार वापसी की। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को मात दी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 298 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने 87 और दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की उपयोगी पारियां खेलीं। जवाब में दक्षिण अफ्रीका 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। दीप्ति ने पांच विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बनीं। मैच के बाद हरमनप्रीत का कोच के प्रति यह आदरपूर्ण व्यवहार सबको छू गया। अमोल मजूमदार 2023 से टीम के हेड कोच हैं। उन्होंने टीम में अनुशासन और फिटनेस पर जोर दिया। लीग स्टेज की हार के बाद उन्होंने ड्रेसिंग रूम में सख्त बात की जिससे टीम ने खुद को संभाला। मजूमदार खुद घरेलू क्रिकेट के दिग्गज हैं। उन्होंने 171 फर्स्ट क्लास मैचों में 11 हजार से ज्यादा रन बनाए लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए। अब कोच बनकर उन्होंने महिला टीम को विश्व चैंपियन बनाया। हरमनप्रीत ने कहा कि सर के आने से टीम में स्थिरता आई। हमने फिटनेस और फील्डिंग पर काम किया जो जीत की कुंजी बनी।

ट्रॉफी सेरेमनी में भी हरमनप्रीत की भावुकता दिखी। आईसीसी चेयरमैन जय शाह से ट्रॉफी लेते समय उन्होंने उनके भी पैर छूने की कोशिश की लेकिन जय शाह ने रोक दिया और गले लगाया। हरमनप्रीत ने ट्रॉफी पूर्व कप्तान मिताली राज और झूलन गोस्वामी को सौंपी। दोनों दिग्गज रो पड़ीं। हरमनप्रीत ने कहा कि यह जीत उनके लिए है। झूलन दीदी को गले लगाकर कहा कि यह आपके लिए था। उपकप्तान स्मृति मंधाना के साथ हरमनप्रीत ने तिरंगा लहराया। यह दृश्य विराट कोहली और रोहित शर्मा की याद दिलाता था। हरमनप्रीत ने ट्रॉफी उठाते समय भांगड़ा किया और एमएस धोनी की तरह दो कदम पीछे हटकर टीम की ओर दौड़ीं। स्टेडियम में हजारों दर्शक नीली जर्सी पहने जश्न मना रहे थे। पटाखे फूटे और सड़कों पर लोग नाचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत बेटियों को प्रेरित करेगी। बीसीसीआई ने 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया।

अमोल मजूमदार का सफर प्रेरणादायक है। मुंबई क्रिकेट के वे स्टार थे। सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली के साथ स्कूल क्रिकेट खेला लेकिन मौका नहीं मिला। रिटायरमेंट के बाद कोचिंग शुरू की। राजस्थान रॉयल्स और साउथ अफ्रीका टीम से जुड़े। महिला टीम की कोचिंग में चुनौतियां थीं। पहले ग्रुपिज्म की शिकायतें थीं लेकिन मजूमदार ने भरोसा जीता। हरमनप्रीत ने कहा कि सर हमेशा बड़े लक्ष्य की बात करते थे। उन्होंने हमें विश्वास दिलाया कि हम चैंपियन बन सकती हैं। जीत के बाद मजूमदार ने कहा कि मैं नि:शब्द हूं। खिलाड़ियों ने मेहनत की। यह उनकी जीत है। हरमनप्रीत का पैर छूना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान था।

यह पल सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि संस्कृति का प्रतीक बना। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे थे कि भारतीय बेटियां खेल में भी संस्कार नहीं भूलतीं। हरमनप्रीत ने प्रेजेंटेशन में कहा कि हमने बैरियर तोड़ा। अब जीतना आदत बनेगी। आने वाले टूर्नामेंट में हम और मजबूत होंगे। टीम की युवा खिलाड़ी जैसे शेफाली और ऋचा घोष ने सराहना बटोरी। शेफाली ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल किया। दीप्ति टूर्नामेंट की स्टार रहीं। फील्डिंग में सुधार दिखा। अमनजोत कौर का जुगलिंग कैच मैच का टर्निंग पॉइंट था।

देशभर में जश्न का माहौल है। स्कूलों में छुट्टी घोषित हुई। महिला क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा। महिला आईपीएल और घरेलू टूर्नामेंट मजबूत होंगे। यह जीत करोड़ों लड़कियों के सपनों को पंख देगी। हरमनप्रीत अब कपिल देव और धोनी के बाद तीसरी कप्तान हैं जिन्होंने वनडे विश्व कप जीता। अमोल मजूमदार का योगदान अमिट है। उनका साइलेंट वर्क टीम को यहां तक लाया। पैर छूने का यह पल गुरु दक्षिणा जैसा था। भारतीय क्रिकेट नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। अब उम्मीद है कि महिला टीम लगातार ट्रॉफी जीतेगी। यह शुरुआत है। बेटियां साबित कर रही हैं कि वे किसी से कम नहीं।

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