जम्मू सेक्टर में लगातार ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं: भारतीय सेना ने दो संदिग्ध ड्रोनों पर कार्रवाई की, एक सप्ताह में तीसरी घटना सामने आई। 

जम्मू और कश्मीर के जम्मू सेक्टर में 16 जनवरी 2026 को ड्रोन देखे जाने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। रक्षा सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना ने इन संदिग्ध मानवरहित

Jan 16, 2026 - 17:02
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जम्मू सेक्टर में लगातार ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं: भारतीय सेना ने दो संदिग्ध ड्रोनों पर कार्रवाई की, एक सप्ताह में तीसरी घटना सामने आई। 
जम्मू सेक्टर में लगातार ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं: भारतीय सेना ने दो संदिग्ध ड्रोनों पर कार्रवाई की, एक सप्ताह में तीसरी घटना सामने आई। 
  • जम्मू और कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ जारी: 16 जनवरी को जम्मू सेक्टर में दो घटनाएं, सेना ने काउंटर-UAS उपाय अपनाए
  • पाकिस्तानी ड्रोनों की बढ़ती सक्रियता से जम्मू बॉर्डर पर हाई अलर्ट: भारतीय सेना ने फायरिंग की, पांच दिनों में तीसरी बार ड्रोन दिखाई दिए

जम्मू और कश्मीर के जम्मू सेक्टर में 16 जनवरी 2026 को ड्रोन देखे जाने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। रक्षा सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना ने इन संदिग्ध मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की और काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम उपाय अपनाए गए। इनमें मशीन गन और अन्य साधनों से फायरिंग की गई। यह घटनाएं लाइन ऑफ कंट्रोल और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास हुईं जहां ड्रोन कुछ देर तक घूमते देखे गए। ड्रोन पाकिस्तान की ओर से आए माने जा रहे हैं। सेना ने ग्राउंड सर्च ऑपरेशन भी शुरू किए ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन ने कोई सामग्री गिराई है या नहीं। यह एक सप्ताह में ड्रोन दिखाई देने की तीसरी घटना है। पहले की घटनाएं राजौरी, पूंछ, सांबा और अन्य क्षेत्रों में हुई थीं जहां सेना ने इसी तरह काउंटर उपाय किए थे। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और हाई अलर्ट जारी है। ड्रोन मुख्य रूप से रेकॉन्सेंस या हथियार ड्रॉप के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि 16 जनवरी की शाम को जम्मू सेक्टर में दो घटनाएं दर्ज की गईं। पहली घटना में ड्रोन कुछ देर तक भारतीय क्षेत्र में घूमते देखे गए जिसके बाद सेना ने काउंटर-UAS सिस्टम सक्रिय किए और फायरिंग की। दूसरी घटना में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई। ड्रोन तेजी से वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए। सेना ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाए लेकिन अभी तक कोई ड्रॉप्ड कंसाइनमेंट नहीं मिली। यह घटनाएं आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की हालिया चेतावनी के कुछ दिनों बाद हुई हैं जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को क्रॉस-बॉर्डर उकसावे पर चेतावनी दी थी। सेना ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। ड्रोन साइटिंग्स से बॉर्डर पर तनाव बढ़ा है और सुरक्षा बल अधिक सतर्क हैं।

एक सप्ताह में यह तीसरी घटना है। इससे पहले 9 जनवरी से लेकर अब तक कम से कम 10-12 ड्रोन साइटिंग्स रिपोर्ट की गई हैं। राजौरी, पूंछ, सांबा, रामगढ़ और अन्य सेक्टरों में ड्रोन देखे गए। हर बार सेना ने काउंटर उपाय अपनाए जिसमें फायरिंग और सर्च ऑपरेशन शामिल हैं। ये ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़ते हैं और रेकॉन्सेंस या हथियार ड्रॉप के लिए इस्तेमाल होते हैं। सेना ने ड्रोन को ट्रेसर राउंड्स और मशीन गन से टारगेट किया। जांच में अभी तक कोई ड्रॉप्ड आर्म्स या ड्रग्स नहीं मिले लेकिन सर्च जारी है।

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